October 23, 2021

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किसानों के समर्थन में आए वरुण गांधी, सीएम योगी को लिखा पत्र, सीबीआइ जांच की मांग

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वरुण गांधी किसानों के समर्थन में नजर आए। उन्होंने लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत के मामले में यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को पत्र लिखा है।

यूपी के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले में पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी है। वरुण गांधी किसानों के समर्थन में नजर आए। उन्होंने लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत के मामले में यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को पत्र लिखा है। बीजेपी सांसद ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। लखीमपुर खीरी हिंसा में चार किसानों समेत 8 लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने इस मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लेकर लखीमपुर खीरी से जाने से रोका है।
खीरी जिले के पड़ोस में ही वरुण गांधी का संसदीय क्षेत्र पीलीभीत है. वरुण गांधी ने सीएम को लिखा अपना पत्र ट्विटर पर साझा किया। सांसद ने सीबीआई जांच के साथ पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग भी की है। वरुण गांधी ने लिखा कि धारा 302 के तहत हत्या का मुकदमा कायम कर सख्त कार्रवाई की जाए. पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा भी दिया जाए।

बीजेपी सांसद ने मुख्यमंत्री से यह भी सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि भविष्य में किसानों के साथ इस प्रकार का कोई भी अन्याय या ज्यादती न हो। सांसद ने कहा कि- 3 अक्टूबर को खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों को निर्दयतापूर्वक कुचलने की हृदयविदारक घटना हुई है, उससे पूरे देश में एक पीड़ा और रोष है। इस घटना से एक दिन पहले ही देश ने अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी जी की जयंती मनाई थी। अगले ही दिन लखीमपुर खीरी में हमारे अन्नदाताओं की जिस घटनाक्रम में हत्या की गई वह किसी भी सभ्य समाज में अक्षम्य है।
वरुण ने लिखा कि आंदोलनकारी किसान भाई हमारे अपने देश के नागरिक हैं। अगर कुछ मुद्दों को लेकर किसान भाई पीड़ित हैं और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं तो हमें उनके साथ बड़े ही संयम एवं धैर्य के साथ बर्ताव करना चाहिए। हमें हर हाल में अपने किसानों के साथ केवल और केवल गांधीवादी व लोकतांत्रिक तरीके से कानून के दायरे में ही संवेदनशीलता के साथ पेश आना चाहिए।

लखीमपुर खीरी की घटना
गौरतलब है कि पिछले महीने के अंत में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा मिश्रा ने कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह 10-15 लोगों का विरोध है और उन्हें लाइन पर लाने में सिर्फ दो मिनट लगेंगे। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य का लखीमपुर खीरी में एक कार्यक्रम था। इन नेताओं का काले झंडे दिखाने के लिए किसान काफी संख्या में खड़े थे। बताया जा रहा है कि दोनों नेता दूसरे रास्ते से कार्यक्रम स्थल चले गए। तभी मंत्री के काफीले में शामिल तीन कारें आई और किसानों की भीड़ को कुचल दिया। इस हादसे में चार किसानों की मौत हो गई। इसके बाद हिंसा भड़की और काफिले में शामिल कारों सहित कई वाहनों में आग लगा दी गई। एक कार में सवार चालक सहित तीन लोगों की हत्या कर दी गई। हालांकि किसानों का कहना है कि चारों लोगों की मौत कार पलटने से हुई। वहीं, किसानों का आरोप है कि उन पर गोलियां चलाई गई। आरोप है कि किसानों को कुचलने वाली कार में मंत्री का बेटा था। यूपी पुलिस ने लखीमपुर हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे सतीश मिश्रा समेत 14 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सतीश मिश्रा को लखनऊ से हिरासत में लिया गया है। यूपी पुलिस ने धारा 302, 120बी और अन्य धाराओं में यह केस दर्ज किया है। वहीं, घटनास्थल की तरफ जा रही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को रोका गया और हिरासत में लिया गया। इसके साथ ही सपा नेता अखिलेश यादव सहित कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया है।

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