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October 3, 2022

संयुक्त किसान मोर्चा का भारत बंद कल, बैंक सहित विभिन्न संगठनों का समर्थन, दिल्ली से लेकर उत्तराखंड की पुलिस भी तैयार

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संयुक्‍त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। 40 किसान संगठनों के संगठन संयुक्‍त किसान मोर्चा ने देश के सभी लोगों से बंद में शामिल होने की अपील की है।

संयुक्‍त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। 40 किसान संगठनों के संगठन संयुक्‍त किसान मोर्चा ने देश के सभी लोगों से बंद में शामिल होने की अपील की है। साथ ही मोर्चे की ओर से सभी राजनीतिक दलों और गैर भाजपाइ राज्‍य सरकारों से भी भारत बंद में शामिल होने की अपील की गई है। भारत बंद तो बैंक संगठन के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों ने समर्थन किया है। भारत बंद के मद्देनजर दिल्‍ली में भी सुरक्षा के पुख्‍ता बंदोबस्‍त किए गए हैं। वहीं, उत्तराखंड में भी पुलिस तैयार है और यहां आंदलोनकारी भी रणनीति बना रहे हैं। दस महीने से जारी आंदोलन के दस महीने पूरे होने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने मोदी सरकार के खिलाफ भारत बंद का आह्वान किया है।
संयुक्‍त किसान मोर्चा ने राजनीतिक दलों से कहा है कि वे लोकतंत्र और संघवाद के सिद्धांतों को बचाए रखने की उनकी लड़ाई में हिस्सा लें। इसके बाद संयुक्‍त किसान मोर्चा के भारत बंद को कई राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है। पंजाब के मुख्‍यमंत्री चरणजीत सिंह चन्‍नी ने बंद को अपना समर्थन दिया है। वहीं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने भारत बंद में शामिल होने की घोषणा की है। हालांकि संयुक्‍त किसान मोर्चा ने कहा है कि उनकी नीति है कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ किसान मोर्चा मंच साझा नहीं करेगा।
साथ ही कुछ संगठनों ने भी भारत बंद का समर्थन किया है। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्‍फेडरेशन ने सोमवार को आयोजित होने वाले बंद को अपना समर्थन दिया है। साथ ही सरकार से किसानों के साथ बातचीत करने और तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की है।
उधर, दिल्‍ली में भारत बंद के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त किया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बंद के मद्देनजर सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि शहर की सीमाओं पर तीन जगह प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों में से किसी को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।
उत्तराखंड में विभिन्न दलों और संगठनों का समर्थन
किसान संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न राजनैतिक दलों ने समर्थन की घोषणा की। इस संदर्भ में हाल ही में आयोजित बैठक में ये निर्णय किया गया था। बैठक में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एसएन सचान, सीपीआई (एम) राज्य सचिव राजेंद्र सिंह नेगी, सीपीआई के राज्य सचिव समर भंडारी ,सीपीएम नेता सुरेंद्र सिंह सजवाण, राष्ट्रीय उत्तराखण्ड पार्टी विजय कुमार, टीएमसी संयोजक राकेश पन्त, वालेश बवानिया, एसयूसी आई के एसपी सेमवाल, यशवीर सिंह ,सीपीआई( एमएल) के केपी चन्दोला, महाबीर सिंह, यशवीर आर्य आदि ने शामिल रहे।
उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति ने भी दिया समर्थन
उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियंस संघर्ष समिति की बैठक में किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद को समर्थन दिया है। संयुक्त बैठक पूर्व केबिनेट मंत्री इंटक के प्रदेश अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट के आवास पर हुई थी। बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से किसान विरोधी तीनो काले कानूनों, श्रम कानूनों में संशोधन के खिलाफ आयोजित बंद में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्णय किया गया। इस अवसर पर इंटक के प्रांतीय अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट, सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज, एटक के प्रांतीय महामंत्री अशोक शर्मा, एक्टू के उपाध्यक्ष केपी चन्दोला बैंक यूनियन से एसएस रजवार उपस्थित थे। सीटू के सचिव लेखराज ने बताया कि 27 सितम्बर 2021 को श्रमिक गांधी पार्क में इकट्ठा होंगे और प्रदर्शन करेंगे।
उत्तराखंड पुलिस ने की तैयारी
उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने सभी परिक्षेत्र एवं जनपद प्रभारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से आगामी 27 सितम्बर को किसानों की ओर से प्रस्तावित भारत बन्द के सम्बन्ध में शान्ति एवं कानून व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की। इस मौके पर डीजीपी ने कहा कि प्रस्तावित भारत बन्द के दृष्टिगत सभी जनपद प्रभारी लोगों से सम्पर्क व मीटिंग कर उनसे बन्द को शान्तिपूर्वक करने का आवाहन करें। यह भी सुनिश्चित कर लें कि जबरदस्ती बन्द नहीं कराया जाए और हिंसा किसी भी रूप में बर्दाशत नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जनपद प्रभारी जिलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर जोन एवं सेक्टर में पुलिस अधिकारियों के साथ सम्बन्धित मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति सुनिश्चित कर लें। स्थानीय अभिसूचना तंत्र को सर्तक रखते हुये सूचना संकलित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अफवाहों को किसी भी दशा में फैलने न दिया जाए। सोशल मीडिया पर निरन्तर निगरानी रखी जाए। यदि कोई भ्रामक सूचना फैलायी जाती है, तो तुरन्त उसका प्रतिरोध किया जाये तथा भ्रामक सूचना फैलाने वाले के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरूगेशन, पुलिस महानिरीक्षक अभिसूचना एवं सुरक्षा संजय गंज्याल, पुलिस अधीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था श्वेता चौबे सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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