October 24, 2021

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सीपीएम का 16 वां जिला सम्मेलन सम्पन्न, राजेन्द्र पुरोहित बने जिला सचिव, भारत बंद के समर्थन में निकाली रैली

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देहरादून में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के 16वें जिला सम्मेलन के दूसरे दिन किसान आंदोलन के समर्थन में रैली निकाली गई। साथ ही इस मौके पर 17 सदस्यीय समिति का गठन किया गया।

देहरादून में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के 16वें जिला सम्मेलन बढ़ती साम्प्रदायिकता, बिजली, गैस की बढ़ती कीमतें, महंगाई, जनसमस्याओं तथा मोदी सरकार की कारपोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ बडे़ जन आन्दोलन विकसित करने का संकल्प लिया गया। देहरादून के सहसपुर में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन किसान आंदोलन के समर्थन में रैली निकाली गई। साथ ही इस मौके पर 17 सदस्यीय समिति का गठन किया गया।
समिति में ये चुने गए पदाधिकारी
सम्मेलन में 17सदस्यीय जिलाकमेटी का गठन किया। समिति सात आमन्त्रित सदस्य शामिल किए गए। इनमें जिला सचिव कामरेड राजेन्द्र पुरोहित चुने गए। सचिवमंडल में कमरूद्दीन, अनन्त आकाश, लेखराज, माला गुरूग, किशन गुनियाल, शम्भू प्रसाद ममगई को शामिल किया गया। जिला कमेटी में शेरसिंह, सुधा देवली, भगवन्त पयाल, सुन्दर थापा, नुरैशा अंसारी, याकूब अली, गगन गर्ग, पुरूषोत्तम बडोनी, रंजन सोलंकी, हिमांशु चौहान चुने गए। स्थायी आमन्त्रित सदस्यों में अमर बहादुर शाही, विनोद खण्डूरी, जानकी चौहान, रजनी गुलेरिया, इन्देश नौटियाल को शामिल किया गया। तीन स्थान रिक्त रखे गए हैं।
सम्मेलन में साम्प्रदायिक, बेरोजगारी, मंहगाई, अशिक्षा तथा जनता के विभिन्न मुद्दों पर संघर्ष का संकल्प लिया गया। सम्मेलन में जनपद देहरादून के लगभग 100 लोगों ने पार्टी के प्रतिनिधित्व के रूप में हिस्सेदारी की। वर्तमान राजनैतिक स्थिति से लेकर अपने क्षेत्र व जनपद की विभिन्न समस्याओं पर अपनी बात रखी। तथा पार्टी के विस्तार के लिए अपने सुझाव दिए। इस मौके पर सहसपुर क्षेत्र में रैली निकालकर किसान आंदोलन और कल के भारत बंद को समर्थन दिया गया।

ये लिए गए निर्णय
-सम्मेलन में मोदी सरकार की साम्प्रदायिक तथा कारपोरेटपरस्त, जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुटता के संघर्ष के लिये व्यापाक जन आन्दोलन विकसित करने का निर्णय लिया गया।
-संघ परिवार तथा फूटपरस्त ताकतों को जनता से अलग थलग करने के खिलाफ जनता के मध्य व्यापक जन आन्दोलन विकसित करने तथा इनके द्वारा फैलायी जा रही भ्रान्तियों से उत्पन्न खतरों से जनता को शिक्षित करने का फैसला लिया गया।
-सम्मेलन में मंहगी शिक्षा, मंहगाई, बेरोजगारी, शीर्ष स्तर पर भ्रष्टाचार तथा अनियोजित विकास के सवाल पर संघर्ष का निर्णय लिया गया।
-सम्मेलन में दलित, अल्पसंख्यक तथ्य महिलाओं के उत्पीड़न तथा अपराध के सशक्त आन्दोलन विकसित करने का निर्णय लिया गया।
-सम्मेलन में तीन किसान कानूनों तथा मजदूर विरोधी कानूनों के खिलाफ तथा आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी, भोजनमताओं तथा बेरोजगार को लेकर एकजुटता प्रदर्शित की गई।
-सम्मेलन में अनियोजित विकास, स्मार्ट सिटी की आढ़ में भविष्य में जनता पर अनेक प्रकार कर तथा विभागों के नीजिकरण कर स्थानीय निकायों को कमजोर तथा अधिकारहीन करने की साजिश की संज्ञा दी। सम्मेलन ने मलिन बस्तियों के नियमितकरण का सुझाव दिया। तथा यहाँ पर सभी प्रकार की नागरिक सुविधाओं पर जोर दिया।
-बिगड़ती कानून व्यवस्था को ठीक करने की पुरजोर से मांग की गई।
-स्वास्थ्य व्यवस्था का सार्व भौमिकरण कर सभी को सस्ती स्वास्थ्य व्यवस्था की मांग की गई।

ये रहे मुख्य वक्ता
सम्मेलन के दूसरे दिन भी चर्चा में अनेक पार्टी ब्रान्चों के सदस्यों ने हिस्सेदारी की। इनमें उदय राम मंमगाई, राजकुमार बस्नेत, रजनी गुलेरिया, हिमान्शु, सुप्रिया भण्डारी, गगन गर्ग, मोनिका, नुरैशा, जानकी, चन्दा, याकूब अली, देवसिंह, शिशुपाल नेगी, बलदेव राम टम्टा, रविन्द्र नौडियाल, सीमा लिंगवाल, नवीन, दयाकृष्ण, चन्दन, पीयूष शर्मा, विजय भट्ट, इन्देश नौटियाल, सतीश धौलाखण्डी, इस्लाम, सुन्दर थापा, रामसिंह भण्डारी, चन्दन शैदुल्लाह आदि ने रिपोर्ट पर चर्चा की। आय व्यय का विवरण एन एस पंवार तथा शम्भू प्रसाद ममगाई क्रैडिशियल रिपोर्ट रखी। सम्मेलन में सचिव राजेन्द्र पुरोहित ने रिपोर्ट पर जबाब दिया। सम्मेलन का समापन अध्यक्ष मंडल ने किया। सम्मेलन में राज्य सचिव राजेन्द्र सिंह नेगी, प्रर्वेक्षक सुरेंद्र सजवाण, इन्दु नौडियाल, शिव प्रसा देवली, अनन्त आकाश, लेखराज, माला गुरूंग, शेरसिंह, कमरूद्दीन आदि ने विचार व्यक्त किए।

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