October 16, 2021

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कांग्रेस भी चली भाजपा की राह, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के सीएम पद से दिया इस्तीफा, बोले-खुले हैं राजनीति के सारे विकल्प

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अब भाजपा की राह कांग्रेस भी चली है। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। कथित तौर पर कांग्रेस ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया।

अब भाजपा की राह कांग्रेस भी चली है। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। कथित तौर पर कांग्रेस ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया। कहा गया है कि कांग्रेस आलाकमान ने कैप्टन पर विधायकों के कहने पर दबाव बनाया। राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस विधायकों ने पार्टी आलाकमान से इस बदलाव के लिए कहा था। पार्टी ने बीती रात आज शाम पांच बजे विधायकों की बैठक की घोषणा की थी। इससे पहले कैप्टन राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप गए।
इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मेरी बात हुई थी। मैने साफ कह दिया था कि इस तरह के अपमान के साथ वह सीएम पद पर नहीं रह सकते हैं। यह तीसरी बार हो रहा है। भविष्य की रातनीति से संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि जब भी टाइम आएगा उसे करूंगा। 52 साल राजनीति के हो गए, साढ़े नौ साल सीएम रह चुका हूं। मैं कांग्रेस का सीएम था। जिसे भी बनाना है उसे सीएम बनाओ। कहा कि मैं अभी कांग्रेस में हूं। मेरे पास सारे आप्शन खुले हैं। मैं अपने साथियों के साथ वार्ता कर भविष्य की राजनीति तय करूंगा।
अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) ने पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज शाम ही आहूत की है। एआईसीसी के महासचिव और पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने शुक्रवार रात इसकी जानकारी दी थी। हरीश रावत ने ट्वीट किया है कि कांग्रेस के तमाम विधायकों ने एआईसीसी से पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक तुरंत बुलाने का अनुरोध किया था। इसी कवायद में पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यालय में 18 सितंबर को शाम 5 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। इस विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों को आना अनिवार्य किया गया था। यह बैठक पंजाब कांग्रेस के मुख्यालय पर बुलाई गई है। इसमें पर्यवेक्षक के तौर पर हरीश रावत और अजय माकन भी संभवतः उपस्थित होंगे। इस बैठक से पहले सीएम ने इस्तीफा दे दिया।
गौरतलब है कि भाजपा भी उत्तराखंड, कर्नाटक और गुजरात में सीएम बदल चुकी है। अब कांग्रेस भी आगामी विधानसभा के चुनाव से पहले भाजपा की तर्ज पर इसी राह पर चल पड़ी है। हालांकि भाजपा के विवाद सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए। वहीं, कांग्रेस में पंजाब के सीएम और विधायकों के एक धड़े के बीच पिछले कई माह से विवाद चला आ रहा था। हालांकि कैप्टन के इस्तीफा देने के बाद भी विवाद शांत होता नजर नहीं आ रहा है। क्योंकि कैप्टन ने इशारा कर दिया कि वे चुप बैठने वाले नहीं है। वहीं, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बाद में कहा कि नाकाबिल नवजोत सिंह सिद्धू को मैं सीएम के रूप में कबूल नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि वह बाजवा और इमरान खान के दोस्त हैं। उनका सीएम पद के लिए विरोध किया जाएगा।

उधर, विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के कामकाज की तारीफ की। साथ ही उन्होंने कहा कि सीएम का फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तय करेंगी। फिलहाल पंजाब कांग्रेस में राजनीति गर्माई हुई है। लोगों की नजर अब इस बात पर है कि सीएम के लिए किसके नाम पर मुहर लगती है।

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