October 29, 2021

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यूपी में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, बच्चे को भर्ती कराने की गुहार लगाते रहे परिजन, इलाज के अभाव में बच्ची ने तोड़ा दम

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उत्तर प्रदेश में सड़कों के किनारे बड़े बड़े होर्डिंग विकास की बयार नजर आएगी। हकीकत इससे उलट है। बच्चे डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों में उनके लिए जगह नहीं है।

उत्तर प्रदेश में सड़कों के किनारे बड़े बड़े होर्डिंग विकास की बयार नजर आएगी। हकीकत इससे उलट है। बच्चे डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों में उनके लिए जगह नहीं है। चमकदार बोर्ड के जरिये विकास की कहानी का बखान करने वाले इस राज्य में एक बच्ची के माता पिता उसे अस्पताल में भर्ती करने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन किसी ने उनकी ओर ध्यान नहीं दिया। नतीजन पांच साल की बच्ची ने दम तोड़ दिया। अब तो कमियां छिपाने के लिए अस्पताल में मीडिया की एंट्री तक बंद कर दी गई है। प्रशासन ने मीडिया को अस्पताल में कुछ भी शूट करने के लिए बैन कर दिया है। यही, नहीं बच्ची की मौत के बाद आनन फानन शव को एंबुलेंस से ले जाया गया। ताकी मीडिया की नजर वहां न पड़े।
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में सबसे ज्यादा बच्चे बीमार हुए। अभी भी यहां अस्पताल बच्चों से भरे पड़े हैं। कोरोना की तीसरी लहर की संभावनाओं को लेकर अस्पतालों में बच्चों के लिए बेड व अन्य सुविधाओं की तैयारी के दावे तब हवा हो रहे हैं कि जब वायरल, डेंगू, मलेरिया से ग्रसित बच्चों को भर्ती तक करने के लिए जगह नहीं है। ऐसा ही एक मामला फिरोजाबाद में सोमवार की सुबह देखने को मिला।
पांच साल की बच्ची को भर्ती कराने के लिए परिजन सुबह आठ बजे से गुहार लगाते रहे। उन्हें अस्पताल परिसर में इधर से उधर भटकाया गया। इस बीच दोपहर करीब 11:40 बजे बच्ची की मौत हो गई। इस पर परिजन रोते बिलखते एंबुलेंस में शव लेकर चले गए। एक अन्‍य घटना में एक और लड़की की अस्पताल के बाहर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कुछ ही देर में फिरोजाबाद अस्पताल के बाहर तीन बच्चों ने दम तोड़ दिया। 48 घंटे के भीतर यहां 16 की मौत हो चुकी है। फिरोजाबाद में करीब 100 से ज्यादा लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है।
गौरतलब है कि यूपी के फिरोजाबाद जिले और कुछ अन्य जिल इस समय वायरल एवं डेंगू बुखार की चपेट में है और इसके कारण बच्‍चों सहित कई लोगों को जान गंवानी पड़ी है। फिरोजाबाद में बुखार के कारण मौतों का आंकड़ा 50 के पार पहुंच गया है। जिलाधिकारी ने चिकित्‍सा सुविधा मामले में लापरवाही बरतने पर तीन चिकित्सकों को निलंबित भी किया था। इस माह के प्रारंभ में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) का 11 सदस्यीय दल भी बुखार के कारणों का पता लगाने के लिए फिरोजाबाद पहुंचा था।
स्थिति ये है कि सरकारी अस्पताल में जांच के लिए बच्चों और अन्य लोगों की लंबी भीड़ है। लोगों को ये पता भी नहीं है कि आज ही बच्चों का टेस्ट होगा या नहीं। यदि टेस्ट हो गया तो इसकी रिपोर्ट भी आज आएगी या एक दो दिन के बाद। जब रिपोर्ट आएगी तब या तो मरीज को भर्ती कर लिया जाएगा। या फिर बेड न होने की बात कहकर अन्यत्र ले जाने को कहा जा रहा है। ऐसी स्थिति में अस्पताल के बरामदे के फर्श, अस्पताल के बाहर, हर तरफ बुखार से पीड़ित बच्चे ही नजर आ रहे हैं।
सदर विधायक मनीष असीजा का बुखार के कारण 60 से अधिक लोगों की मौत का दावा किया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी फिरोजाबाद सहित यूपी के कुछ अन्य जिलों में वायरल एवं डेंगू बुखार के प्रकोप पर चिंता जता चुकी थी। उन्‍होंने दो सितंबर को एक ट्वीट में कहा था कि लोगों को हरसंभव स्वास्थ्य सुविधा मु्हैया कराई जाए। साथ ही बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए उचित कदम उठाये जाएं।

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