August 5, 2021

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इस साल इन राशियों पर मेहरबान हैं शनि देव, करें ये खास उपाय, बरसेगी विशेष कृपाः आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल

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ज्योतिष गणनाओं के अनुसार इस साल यानी 2021 में कुछ राशियों पर शनिदेव की विशेष कृपा बनी हुई है। यदि राशियों के जातक शनि संबंधी कुछ उपाय कर लेते हैं तो निश्चित रूप से शनिदेव रंक को राजा बनाने में विलंब नहीं करते हैं।

ज्योतिष गणनाओं के अनुसार इस साल यानी 2021 में कुछ राशियों पर शनिदेव की विशेष कृपा बनी हुई है। यदि राशियों के जातक शनि संबंधी कुछ उपाय कर लेते हैं तो निश्चित रूप से शनिदेव रंक को राजा बनाने में विलंब नहीं करते हैं। उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल यहां शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय बता रहे हैं। आचार्य के मुताबिक शनि देव को ज्योतिष में पापी और क्रूर ग्रह कहा जाता है। शनि के अशुभ प्रभावों से जहां व्यक्ति का जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो जाता है। वहीं, शनि के शुभ प्रभावों से व्यक्ति का जीवन राजा के समान हो जाता है। शनि जिस राशि पर सबसे अधिक समय बिताने वाला ग्रह है, इसलिए साढ़े साती सिर्फ इसी ग्रह की चलती है।
इस साल इन राशियों पर हैं शनिदेव मेहरबान
इस साल वृष, वृश्चिक और मीन राशि पर शनिदेव मेहरबान हैं। इन राशियों के जातक इस साल सभी तरह के सुखों का अनुभव करेंगे।
करें ये खास उपाय, बरसेगी शनिदेव की विशेष कृपा
इस साल वैसे तो इन राशियों पर शनि देव मेहरबान है, लेकिन शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए इन राशियों के जातकों को रोजाना दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राजा दशरथ ने इसी उपाय से शनिदेव को प्रसन्न किया था।
पाठ के लिए ये करें उच्चारण
दशरथ कृत शनि स्तोत्र
नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठनिभाय च।
नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम: ।।
नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च।
नमो विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते।।
नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्णेऽथ वै नम:।
नमो दीर्घायशुष्काय कालदष्ट्र नमोऽस्तुते।।
नमस्ते कोटराक्षाय दुर्निरीक्ष्याय वै नम:।
नमो घोराय रौद्राय भीषणाय कपालिने।।
नमस्ते सर्वभक्षाय वलीमुखायनमोऽस्तुते।
सूर्यपुत्र नमस्तेऽस्तु भास्करे भयदाय च।।
अधोदृष्टे: नमस्तेऽस्तु संवर्तक नमोऽस्तुते।
नमो मन्दगते तुभ्यं निरिस्त्रणाय नमोऽस्तुते।।
तपसा दग्धदेहाय नित्यं योगरताय च।
नमो नित्यं क्षुधार्ताय अतृप्ताय च वै नम:।।
ज्ञानचक्षुर्नमस्तेऽस्तु कश्यपात्मज सूनवे।
तुष्टो ददासि वै राज्यं रुष्टो हरसि तत्क्षणात्।।
देवासुरमनुष्याश्च सिद्घविद्याधरोरगा:।
त्वया विलोकिता: सर्वे नाशंयान्ति समूलत:।।
प्रसाद कुरु मे देव वाराहोऽहमुपागत।
एवं स्तुतस्तद सौरिग्रहराजो महाबल:।
ये भी कर सकते हैं उपाय
यदि उपरोक्त स्तोत्र को करने के साथ-साथ पूर्ण वैदिक और वैज्ञानिक रीति से शनि ग्रह का यंत्र सिद्ध कर किसी व्यक्ति को पहनाया जाए तो अल्प मृत्यु से से रक्षा हो जाती है। खोया हुआ राज्य वापस मिल जाता है। डूबा हुआ बिजनेस फिर से शुरू हो जाता है और यदि बहुत कर्जा चढ़ गया हो तो वह वापस हो जाता है।

आचार्य का परिचय
नाम-आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल
पब्लिक सर्विस कमीशन उत्तराखंड से चयनित प्रवक्ता संस्कृत।
निवास स्थान- धर्मपुर चौक के पास अजबपुर रोड पर मोथरोवाला टेंपो स्टैंड 56 / 1 धर्मपुर देहरादून, उत्तराखंड।
मोबाइल नंबर-9411153845
उपलब्धियां
वर्ष 2015 में शिक्षा विभाग में प्रथम गवर्नर अवार्ड से सम्मानित वर्ष 2016 में। सटीक भविष्यवाणी पर उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत सरकार ने दी उत्तराखंड ज्योतिष रत्न की मानद उपाधि। त्रिवेंद्र सरकार ने दिया ज्योतिष विभूषण सम्मान। वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा की सबसे पहले भविष्यवाणी की थी। इसलिए 2015 से 2018 तक लगातार एक्सीलेंस अवार्ड प्राप्त हुआ। ज्योतिष में इस वर्ष 5 सितंबर 2020 को प्रथम वर्चुअल टीचर्स राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त किया। वर्ष 2019 में अमर उजाला की ओर से आयोजित ज्योतिष महासम्मेलन में ग्राफिक एरा में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिया ज्योतिष वैज्ञानिक सम्मान। ज्योतिष रत्न डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल की अधिकांश भविष्यवाणियां सटीक साबित हो रही हैं।

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