June 15, 2021

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पावर बैंक एप से जुड़े लोगों के खिलाफ देशभर में मुकदमें, उत्तराखंड पुलिस ने गिरोह का एक सदस्य पकड़ा, ये भी हैं संदिग्ध एप, हो जाएं सावधान

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उत्तराखंड एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने संयुक्त अभियान चलाते हुए पावर बैंक एप में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी कर करोड़ो रुपये हड़पने वाले अन्तराष्ट्रीय गिरोह के एक और सदस्य को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया।

उत्तराखंड एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने संयुक्त अभियान चलाते हुए पावर बैंक एप में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी कर करोड़ो रुपये हड़पने वाले अन्तराष्ट्रीय गिरोह के एक और सदस्य को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया। इस मामले में चार और मुकदमें दर्ज किए गए। साथ ही आठ खातो में लगभग 30 लाख रुपये फ्रीज कराए गए। पुलिस के मुताबिक साइबर अपराधियों की ओर से पावर बैंक नामक एप के माध्यम से पैसे इन्वेस्ट करने पर 15 दिन मे पैसे दोगुने करने का लालच देकर आम जनता से धनराशि जमा कराकर करोड़ो रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा है। ऐसी ठगी में देश भर में मुकदमें दर्ज होने का सिलसिला जारी है। साथ ही पुलिस ने कुछ संदिग्ध एक के नाम भी जारी कर लोगों को सावधान रहने को कहा है।
हरिद्वार निवासी दो व्यक्तियों ने की थी शिकायत
उत्तराखंड पुलिस एडीजी प्रशासन एवं मुख्य प्रवक्ता अभिनव कुमार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को पीड़ित रोहित कुमार निवासी श्यामपुर जनपद हरिद्वार तथा राहुल कुमार गोयल निवासी कनखल हरिद्वार ने शिकायत प्रेषित की थी। इसमें उन्होंने बताया कि प्ले-स्टोर से पावर बैंक नामक ऐप डाउनलोड कर भिन्न भिन्न तिथियो में क्रमशः 91200 एवं 73,000 रुपये जमा कराये गये थे, बाद में रकम वापस नहीं मिली। इस पर मुकदमा दर्ज कर जांच शरू की गई थी। इसी प्रकार जनपद टिहरी गढ़वाल में भी एक अभियोग पंजीकृत है, जिसमे शिकायतकर्ता से 97000 की धोखाधड़ी की गई।
गिरफ्तार किया गया था एक आरोपी
इस मामले में पुलिस ने गिरोह के सदस्य पवन कुमार पांडेय पुत्र बनवारी पांडेय निवासी सी-7 एचआईजी फ्लैट, ग्रीन व्यू अपार्डमेंट सैक्टर 99 नोयडा उत्तर प्रदेश 07 जून को नोएडा से गिरफ्तार किया गया था।
360 करोड़ की धोखाधड़ी आइ सामने
अभियोग में तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किए गए तो पता चला कि आरोपियों ने धनराशि के लेनदेन के लिए अधिकांशतः RAZORPAY Wallet/Gateway का प्रयोग किया गया। इस संबंध में पुलिस टीम ने RAZORPAY Gateway से संपर्क कर करोड़ो की धोखाधड़ी में RAZORPAY Gateway का उपयोग होना तथा आरोपियों के संबंध में जानकारी देने की अपेक्षा की। बैंक/मर्चेन्ट/गेटवे एवं अन्य सम्बन्धित कंपनियों से प्राप्त विवरण का विश्लेषण किया गया तो वर्तमान तक 360 करोड की धोखाधड़ी प्रकाश मे आइ। साथ ही और अधिक धनराशि की धोखाधड़ी संभावित है।
कंपनियों के निदेशकों सहित 13 के खिलाफ मुकदमा
बताया गया कि इसी क्रम में RAZORPAY के legal Head की ओर से एक जून को साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन बैंगलोर मे पावर बैंक से संबंधित कम्पनियों H&S Ventures Inc, Clifford Ventures, Lorfly Technology Pvt. Ltd,Biosoft Ventures Inc, Maojaza Technology Pvt. Ltd, Divyam Infracon Pvt. Ltd, 360TEQ Software Pvt. Ltd, Centrono Solution Pvt. Ltd, Purplehues Sunny Communication Pvt. Ltd, Sachin Mapleleaf Communication (OPC) के निदेशको सहित 13 व्यक्तियो के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया। साथ ही बैंगलोर पुलिस ने प्रकरण में 06 आरोपियो की गिरफ्तारी की गयी है।
तीन आरोपियों को लाया जाएगा उत्तराखंड
पुलिस के मुख्य प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तो मे से तीन आरोपी नागाभूषण, सुकन्या, तिब्बत मूल के पेमा वांगमो उत्तराखंड के साईबर थाने पर पंजीकृत अभियोगो में भी सम्मिलित हैं। इनको शीघ्र ही रिमांड पर उत्तराखंड लाया जायेगा।
साइबर सैल दिल्ली में भी मुकदमा दर्ज
पावर बैंक नामक एप के माध्यम से ठगी के संबंध में साइबर सैल दिल्ली की ओर से भी पांच मई को अभियोग पंजीकृत किया गया। दिल्ली पुलिस की ओर से प्रकरण में संबंधित कंपनियों के निदेशक एवं कंपनी के सीए अविक केडिया एवं रौनक सहित 11 आरोपियो की गिरफ्तारी की गयी है। इनमें अभियुक्त अविक केडिया भी उत्तराखंड के साइबर थाने पर पंजीकृत अभियोग में भी शामिल है। उसे भी शीघ्र रिमांड पर उत्तराखण्ड लाया जायेगा।
इसके अलावा पावर बैंक नामक एप के माध्यम से ठगी के संबंध में साइबर सैल गुजरात में भी एक अभियोग पंजीकृत किया गया है। जिसमे एसटीएफ उत्तराखंड की ओर से गिरफ्तार अभियुक्तो की संलिप्तता भी पायी गई है।
अब तक मिली हैं 55 शिकायतें
उन्होंने बताया कि प्रकरण के संबंध में समाचार पत्रो एवं सोशल मीडियो में प्रचार प्रसार होने के कारण वर्तमान तक ई-मेल एवं व्यक्तिगत रूप से विभिन्न जनपदो से अब तक छोटी एवं बड़ी धनराशि से संबंधित 55 शिकायतें प्राप्त हुयी हैं। इनमे से चार प्रकर में मनोज चौहान निवासी हरिद्वार से 282600, आशीष मोहन निवासी हरिद्वार से 180000, प्रशान्त कुमार निवासी हरिद्वार से 471200, कुलदीप कुमार निवास हरिद्वार से 394800 की धोखाधड़ी में अभियोग पंजीकृत किये गये है तथा शेष प्रार्थना पत्रो पर जांच प्रचलित है
लखीमपुर खीरी से एक और आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानो में दबिशे दी। एक अन्य अभियुक्त प्रकाश बैरागी निवासी ग्राम मियांपुर बेली जनपद लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश को लखीमपुर खीरी से गिरफ्तार किया गया है। उक्त अभियुक्त प्रकरण में संलिप्त कंपनियों Maojaza Technology एवं Sumyth Pvt. Ltd का डायरेक्टर है। इसकी कम्पनी के खातो में पावर बैंक एप के माध्यम से धोखाधड़ी से लगभग 57 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।
आरोपी के बैंक खाते कराए सीज
एडीजी अभिनव कुमार ने बताया कि पूर्व में गिरफ्तार किए गए पवन कुमार पांडेय के बैंक खातो में लगभग 28 लाख रुपये फ्रीज कराये गए। साथ ही प्रकाश बैरागी के खातो में 50 हजार रुपये फ्रीज कराये गये।
क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से चीन भेजी राशि
साईबर थाने को तकनीकी रूप से यह जानकारी भी मिली कि धोखाधड़ी से प्राप्त कुछ धनराशि को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से चीन भेजे जाने के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। साथ ही धोखाधड़ी हेतु प्रयुक्त पावर बैंक एप को Hongkong China से संचालित किया जा रहा था। इस संबंध में Honkong के xiaoxiao chen और China से Lin Xhin के नाम प्रकाश में आए हैं।
सीबीआइ, आइबी और इडी का लिया जाएगा सहयोग
उन्होंने बताया कि प्रकरण काफी गम्भीर एवं इसमे विदेशी नागरिको/कम्पनियो के जुड़े होने के साक्ष्य प्राप्त होने के कारण राष्ट्रीय एजंसियो CBI, IB, ED आदि से भी समन्वय स्थापित कर सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही अन्तराष्ट्रीय एजेंसियो से भी सम्पर्क स्थापित करने का प्रयास जारी है ।
ये भी हैं संदिग्ध एप
उन्होंने बताया कि इसी क्रम में वर्तमान में प्रचलित अन्य कई संदिग्ध एप के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हुयी है। जो इसी प्रकार के अवैध कार्यो मे लिप्त है। इनमे मुख्यतः EZ Point, Sun factory, Lightening Power Bank, EZ Coin, Fish+ आदि सम्मिलित हैं। Fish+ नामक एप की ओर से की जा रही धोखाधड़ी से संबंधित शिकायत जनपद उत्तरकाशी निवासी व्यक्ति के माध्यम से प्राप्त हुयी है।
जनता से अपील
उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ऑनलाईन एप के माध्यम से पैसे दोगुने, लक्की ड्रॉ, डिस्काउन्ट, लॉटरी के प्रलोभन में न आयें । पहले ऐसे किसी भी ऑफर की जांच कर ले। कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन से सम्पर्क करें।

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