June 13, 2021

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हाईकोर्ट के निर्देश पर बिहार में हुई जांच, फिर आंकड़ों में जोड़ी 3951 पुरानी मौत, उत्तराखंड में कई दिन से चल रहा ये खेल

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हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बिहार में कोरोना संक्रमण से हुई पिछली मौतों का खुलासा हुआ। इस पर अचानक एक दिन में 3951 पुरानी मौत जोड़ी गई। बिहार में तो ये मामला अब पकड़ में आया। वहीं, उत्तराखंड में तो 17 मई से लगातार पुरानी मौत के आंकड़े हर दिन जोड़े जा रहे हैं।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बिहार में कोरोना संक्रमण से हुई पिछली मौतों का खुलासा हुआ। इस पर अचानक एक दिन में 3951 पुरानी मौत जोड़ी गई। बिहार में तो ये मामला अब पकड़ में आया। वहीं, उत्तराखंड में तो 17 मई से लगातार पुरानी मौत के आंकड़े हर दिन जोड़े जा रहे हैं। उत्तराखंड में भी हाईकोर्ट को ऐसे मामलों को संज्ञान लेने की जरूरत है। ताकी पता चल सके की कोरोनी की दूसरी लहर में उत्तराखंड में कितनी मौतें छिपाई गई। अब धीरे धीरे पुरानी मौत के आंकड़ों को कुल मौत के टोटल में अर्जेस्ट किया जा रहा है।
बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या में बुधवार को राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने भारी संशोधन किया। इससे इस महामारी से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 9429 हो गई। कुल मौत का आंकड़ा मंगलवार को 5458 था। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण से बुधवार तक मरने वालों की 5478 की कुल संख्या के अलावा सत्यापन के बाद अतिरिक्त 3951 अन्य लोगों की मौत के आंकड़े जोड़े गए हैं। विभाग द्वारा जारी आंकडे में हालांकि यह निर्दिष्ट नहीं किया गया है कि ये अतिरिक्त मौतें कब हुईं, लेकिन प्रदेश के सभी 38 जिलों का एक ब्रेकअप उल्लेखित किया गया है।
दरअसल हाईकोर्ट के निर्देश के बाद 18 मई को ही राज्य सरकार ने कोरोना से होने वाली मौत को लेकर जांच कराने का आदेश जारी किया था। इसके लिए जिलों में दो तरह की टीम बनाई गई। एक टीम में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के साथ-साथ कॉलेज के मेडिसिन विभाग के हेड को रखा गया। वहीं दूसरी टीम सिविल सर्जन के नेतृत्व में बनाई गई जिसमें एक और मेडिकल ऑफिसर शामिल थे। दोनों स्तर पर जब जांच की गई तो पता चला कि मौत के आकड़ों को छिपाया गया। सरकार को गलत जानकारी दी गई।
ताजा आंकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 8,000 के करीब है और अप्रैल से मरने वालों की संख्या में लगभग छह गुना वृद्धि हुई है। बिहार में कोरोना से प्रदेश की राजधानी पटना में कुल 2303 मौतें हुईं हैं, जबकि मुजफ्फरपुर जिला 609 मौतों के साथ दूसरे नंबर पर है। सत्यापन के बाद पटना में सबसे अधिक 1070 अतिरिक्त मौतें जोड़ी गई हैं। इसके बाद बेगूसराय में 316, मुजफ्फरपुर में 314 और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैतृक नालंदा में 222 अतिरिक्त मौतें जोड़ी गई हैं।
इन आंकड़ों में भी किया गया संशोधन
पिछले साल कोरोना महामारी की शुरूआत होने से लेकर राज्य में इस रोग से अबतक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढकर 715179 हो गयी जिनमें से पांच लाख से अधिक लोग इस संक्रमण की चपेट में पिछले कुछ महीनों में आए हैं। दिलचस्प बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद ठीक होने वालों की संख्या मंगलवार को 701234 बतायी थी, जिसे बुधवार को संशोधित करके 698397 कर दिया गया है।
बिहार में कोरोना वायरस के मरीजों के ठीक होने का प्रतिशत मंगलवार को जहां 98.70 प्रतिशत बताया गया था, उसे बुधवार को संशोधित करके 97.65 प्रतिशत कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा आंकडों में संशोधन किये जाने के बाद विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने को एक नया अवसर मिल जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बिहार में एक महीने से अधिक समय तक लाकडाउन के बाद कोरोना संक्रमण के मामलों के कमी आयी है और बुधवार को केवल 20 मौतें और 589 नए मामले प्रकाश में आए हैं। बिहार में बुधवार को 18 से 44 वर्ष और 45 वर्ष से ऊपर सहित 121780 लोगों ने कोविड-19 रोधी टीका लिया और प्रदेश में अबतक 11472029 लोग टीका ले चुके हैं।
उत्तराखंड में 24 घंटे में कोरोना से 22 मौत+30 पुरानी=कुल 52
उत्तराखंड में कोरोना से हो रही मौत में आकड़ों का खेल जारी है। बुधवार नौ जून की शाम स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में उत्तराखंड में कोरोना से 22 लोगों की मौत हुई। वहीं, मौत के कुल आंकड़ों में 52 मौत जोड़ी गई। यानी 30 मौत पुरानी जोड़ी गई। ये खेल हर दिन हो रहा है। एक दिन पहले आठ जून को 13 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, आंकड़ों में कुल 66 मौत दर्ज की गई थी। यानी कि 53 मौत अलग से जोड़ी गई हैं। बुधवार को जोड़ी गई 30 मौत में मौत में देहरादून जिले की 26 और टिहरी गढ़वाल की नौ मौत हैं। ये मौत भी 28 अप्रैल से लेकर चार जून तक की हैं। इसका मतलब साफ है कि पिछले दो माह से अस्पतालों में काफी संख्या में मौत के आंकड़े छिपाए गए। अब धीरे धीरे इन्हें मौत के टोटल में अर्जेस्ट किया जा रहा है। ऐसा लगातार 17 मई से किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर उत्तराखंड में कितनी मौत हुई, जो अभी तक पुराने आंकड़े जोड़े जा रहे हैं।
अब तक कुल 6849 मौत
उत्तराखंड में अब कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 335478 हो गई है। इनमें से 313379 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। अब तक प्रदेश में कुल 6849 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। मौत की दर 2.04 फीसद पहुंच गई है। रिकवरी 93.41 फीसद है। वहीं, ब्लैक फंगस के विभिन्न अस्पतालों में अब तक 335 मामले सामने आए हैं। इनमें अब तक 50 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। वहीं, 18 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं।
उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण
हांलाकि उत्तराखंड में कोरोना की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। बुधवार नौ जून को 513 कोरोना के नए संक्रमित मिले और 22 लोगों की कोरोना से मौत हुई। एक दिन पहले मंगलवार आठ जून को 546 कोरोना के नए संक्रमित मिले थे और 13 लोगों की मौत हुई थी। साथ ही बुधवार नौ जून को 3088 लोग स्वस्थ हुए। वहीं ब्लैक फंगस का भी हमला लगातार हो रहा है। अब तक विभिन्न अस्पतालों में 335 मामले दर्ज किए गए। इनमें अब तक 50 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। वहीं, 18 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं।
कुल एक्टिव केस 9258
उत्तराखंड में कोरोना के कुल एक्टिव केस 9258 रह गए हैं। कंटेनमेंट जोन भी 128 से घटकर 114 हो गए हैं। यहां एक तरीके से पूर्ण लॉकडाउन है। कोरोना कर्फ्यू की अवधि अब 15 जून की सुबह छह बजे तक है। सुबह आवश्यक वस्तुओं की दुकानें आठ बजे से लेकर सुबह 11 बजे तक खुल रही हैं। वहीं, अन्य दुकानों के लिए दिन तय किए गए हैं।
सर्वाधिक संक्रमित देहरादून जिले में मिले
उत्तराखंड में बुधवार नौ जून को भी सर्वाधिक नए संक्रमित देहरादून जिले में मिले। देहरादून में 114, नैनीताल में 51, हरिद्वार में 79, उधमसिंह नगर में 18, चमोली में 25, बागेश्वर में 16, रुद्रप्रयाग में 10, अल्मोड़ा में 89, पिथौरागढ़ में 32, पौड़ी में 35, टिहरी में 17, उत्तरकाशी में 19, चंपावत में 8 नए संक्रमित मिले।

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