June 14, 2021

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यूपी में भी राहतः 71 जिले हुए कोरोना कर्फ्यू मुक्त, अब सिर्फ चार जिलों में लागू है कर्फ्यू, तीन माह में लगेंगे दस करोड़ टीके

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उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामले थमने पर नागरिकों को भी सरकार ने राहत दी है। योगी सरकार ने 71 जिलों को कोरोना कर्फ्यू से मुक्त कर दिया। अब सिर्फ चार जिलों में ही कोरोना कर्फ्यू लागू है।

उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामले थमने पर नागरिकों को भी सरकार ने राहत दी है। योगी सरकार ने 71 जिलों को कोरोना कर्फ्यू से मुक्त कर दिया। अब सिर्फ चार जिलों में ही कोरोना कर्फ्यू लागू है। यदि यहां भी नए केस घटते हैं तो इन्हें कर्फ्यू मुक्त करने का फैसला मंगलवार आठ जून को लिया जाएगा।
सुखद स्थिति ये है कि यूपी में एक बार जिन जिलों को 600 से कम सक्रिय मामले होने पर कोरोना कर्फ्यू से छूट दी गई, उनमें से एक में भी अब तक केस बढ़े नहीं हैं। सुधार का सिलसिला बढ़ा तो रविवार को कोरोना कर्फ्यू से राहत पाने वाले जिलों में चार और जिले वाराणसी, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और मुजफ्फरनगर के नाम भी जुड़ गए हैं। इस तरह 600 से कम सक्रिय केस होने पर बंदिशों से कुल 71 जिले मुक्त हो चुके हैं। अब मात्र चार मेरठ, लखनऊ, सहारनपुर और गोरखपुर जिलों में कोरोना कर्फ्यू रह गया है। अब इन चार जिलों में कोरोना के 600 से ज्यादा सक्रिय केस रह गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उच्च स्तरीय बैठक में कोरोना प्रबंधन की समीक्षा की। इसमें बताया गया कि चार और जिलों वाराणसी, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और मुजफ्फरनगर में भी कोरोना के एक्टिव केस 600 से कम हो गए हैं। इस पर तुरंत ही उन्हें भी कोरोना कर्फ्यू से राहत देने के निर्देश सीएम योगी ने दे दिए। सोमवार से इन चारों जिलों को भी सप्ताह में पांच दिन सुबह सात से शाम सात बजे तक कोरोना कर्फ्यू से छूट मिल गई है। साप्ताहिक व रात्रिकालीन बंदी सहित अन्य सभी संबंधित नियम यहां भी लागू होंगे। मुख्यमंत्री ने ने कहा कि लखनऊ, गोरखपुर, मेरठ और सहारनपुर में कोरोना संक्रमण के मामले अभी भी 600 से अधिक हैं। इनके संबंध में मंगलवार को विचार किया जाएगा।
कर्फ्यू वाले जिलों में सक्रिय केस
मेरठ : 1179
लखनऊ : 999
सहारनपुर : 955
गोरखपुर : 718
कर्फ्यू के नियम
रिक्शा, बैटरी चलित ई-रिक्शा में चालक सहित तीन व्यक्ति एवं चार पहिया वाहनों पर केवल चार व्यक्तियों के बैठने की अनुमति होगी। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों को प्रदेश के अंदर चलाने की अनुमति इस शर्त के साथ होगी कि निर्धारित सीट क्षमता पर ही संचालन किया जाएगा। बस में खड़े होने की अनुमति नहीं होगी।
-अंडे, मांस एवं मछली की दुकानों को पर्याप्त साफ- सफाई के साथ बंद स्थान पर खोलने की अनुमति होगी। खुले में कोई विक्रय नहीं होगा। कृषि कार्य से संबंधित जैसे खाद, बीज व अन्य कृषि निवेश से संबंधित उत्पाद तथा कृषि संयंत्रों की दुकानें खुली रहेंगी। कोचिंग संस्थान, सिनेमा, स्वीमिंग पूल, बार और शापिंग मॉल पूर्णतः बंद रहेंगे।
-स्कूल, कालेज तथा शिक्षण संस्थान शिक्षण कार्य हेतु बंद रहेंगे। माध्यमिक एवं उच्च शिक्षण संस्थाओं, कोचिंग संस्थानों में ऑनलाइन पढ़ाई की अनुमति विभागीय आदेशों के अनुरूप होगी। बेसिक/माध्यमिक/उच्च शिक्षा के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्यों हेतु विद्यालय आने-जाने की अनुमति होगी।
-बैंकों, बीमा कंपनियों, भुगतान प्रणालियों व अन्य वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनियों की कार्यालय खुले रहेंगे। रेस्टोरेंट से होम डिलीवरी की गोवल अनुमति होगी। इसके अतिरिका हाई-वे व एक्सप्रेस-वे के किनारे ढाबे और ठेले व खोमचे वालों को खोलने की अनुमति है। औद्योगिक संस्थान खुले रहेंगे एवं इन संस्थाओं में कार्यरत कर्मियों को अपने आईडी कार्ड या इकाई के प्रमाण-पत्र के आधार पर आने जाने की अनुमति मिलेगी।
-कोरोना प्रबंधन से जुड़े फ्रंटलाइन सरकारी विभागों में पूर्ण उपस्थिति रहेगी। शेष सरकारी कार्यालय अधिकतम 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे। जो 50 प्रतिशत कर्मी रहेंगे, उनको रोटेशन से बुलाया जाएगा। ट्रांसपोर्ट कंपनियों के कार्यालय, लॉजिस्टिक कंपनियों के कार्यालय तथा वेयर हाऊस खुलेंगे। कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर शेष स्थानों में धर्मस्थलों में एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालु न हो सकेंगे।
प्रदेश में टीका सुरक्षा कवच की तैयारी
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर नियंत्रित करने और तीसरी लहर से निपटने की तैयारी के साथ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जल्द से जल्द जनता को टीके का सुरक्षा कवच दे देना चाहती है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीकाकरण को और तेज करते हुए तीन माह यानी जून, जुलाई और अगस्त में दस करोड़ टीके लगाने का निर्देश दिया है। उन्होने कहा है कि कुछ जिलों को चिन्हित कर वहां अभियान चलाकर सौ फीसद टीकाकरण कराया जाए।
कोरोना संक्रमण से बचाव और इलाज की समीक्षा करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथने कहा कि प्रदेश में दो करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी हैं। 18 से 44 वर्ष तक के आयु वर्ग में भी 30 लाख से अधिक युवाओं को टीका लगाया जा चुका है। प्रदेश की बड़ी जनसंख्या को देखते हुए वैक्सीनेशन को और बड़े पैमाने पर तेजी के साथ करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जून, जुलाई व अगस्त में 10 करोड़ प्रदेशवासियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखकर काम किया जाए। जरूरत होने पर दो पालियों में टीके लगाने का काम कराया जाए।
यूपी में कोरोना केस
रविवार छह जून की शाम स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 36 जिलों में कोविड के 10 से भी कम नए केस सामने आए। कानपुर नगर को छोड़ सभी जिलों में नए केस दहाई या इकाई अंक में हैं। जालौन और कौशांबी में कोई नया केस नहीं मिला। 24 घंटों के दौरान संक्रमण के 1165 नए मामले मिले तो 2446 मरीज स्वस्थ हुए हैं। इस दौरान 101 लोगों की संक्रमण की वजह से मौत हो गई है।
उत्तर प्रदेश कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कमी आने और रिकवरी रेट लगातार बेहतर होने से जिलों में सक्रिय केस की संख्या भी घटती जा रही है। प्रदेश के 19 जिले ऐसे हैं, जहां 100 से भी कम सक्रिय केस रह गए हैं। बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण की जांच के लिए प्रदेश में 3,09,674 नमूनों की टेस्टिंग की गई जिनमें 1165 नए केस सामने आए। इस अवधि में 2446 मरीजों ने कोरोना को मात दी और स्वस्थ हुए। वहीं कोरोना संक्रमण से 101 मरीजों ने दम तोड़ दिया।
कोरोना संक्रमण का प्रतिदिन का पाजिटिविटी रेट घटकर अब 0.4 प्रतिशत रह गया है, जबकि रिकवरी रेट बढ़कर 97.7 प्रतिशत पहुंच गया है। प्रदेश में अब कुल 17,928 सक्रिय केस रह गए हैं जिनमें से 10,141 मरीज होम आइसोलेशन में हैं।
कोरोना संक्रमण के सर्वाधिक नए केस वाले जिले
कानपुर में 102, गौतम बुद्ध नगर में 91, मेरठ में 55, वाराणसी में 51, पीलीभीत में 45, आजमगढ़ में 43, लखनऊ में 42, सहारनपुर में 37, गोरखपुर में 36 और लखीमपुर खीरी में 32 नए केस मिले हैं।

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