June 15, 2021

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Video: विश्व पर्यावरण दिवसः किया गया 108 पुरोहितों का सम्मान, कहीं पौधरोपण करके निभाई परंपरा

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विश्व पर्यावरण दिवस को देवभूमि मानव संसाधन विकास ट्रस्ट ने अपने अंदाज में मनााया। इस दिन को सेवा कार्यों से जोड़ते हुए 108 पुरोहितों को सम्मानित किया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस को देवभूमि मानव संसाधन विकास ट्रस्ट ने अपने अंदाज में मनााया। इस दिन को सेवा कार्यों से जोड़ते हुए 108 पुरोहितों को सम्मानित किया गया। इस दौरान विशेष प्रार्थना की गई। वहीं, कई स्थानों पर पौधरोपण कर इस दिन की परंपरा भी निभाई गई। साथ ही लोगों से पौधरोपण की अपील की गई। उत्तराखंड पुलिस ने एक लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज देवभूमि मानव सांसाधन विकास ट्रस्ट के तत्वाधान में एक विशेष प्रार्थना कार्यक्रम का आयोजन बल्लीवाला कालिंदी एनक्लेव में किया गया। इसकी अध्यक्षता उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष व देवभूमि मानव संसाधन विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने की। इस मौके पर कोरोना वैश्विक महामारी की समाप्ति, विश्व शांति व पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के लिए 108 ब्राह्मण पुरोहितों ने स्वस्तिवाचन व वेद मंत्रों का उच्चारण कर विशेष प्रार्थना की।
इस अवसर पर धस्माना ने सभी ब्राह्मण पुरोहितों का धन्यवाद और आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि विश्व में सनातन धर्म ही एक ऐसा धर्म है, जिसमें प्रकृति, अंतरिक्ष, पृथ्वी, अग्नि, वायु, आकाश, वनस्पतियों तक में शांति की कामना की जाती है। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज मनुष्य प्रकृति के साथ जिस प्रकार से अवैज्ञानिक तरीके से छेड़ छाड़ कर रहा है, उसी का परिणाम पूरी दुनिया तरह तरह की आपदाओं के रूप में भुगत रही है।

 

उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया कोरोना महामारी से त्राहिमाम त्राहिमाम कर रही है । उत्तराखंड जैसे प्रदेश में कोरोना काल में लाखों लोग इस वैश्विक महामारी से संक्रमित हो गए और साढ़े छ हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गयी। धस्माना ने कहा कि हम तरह तरह से जिस पर्यावरण को दूषित करते हैं, उसी का परिणाम है कि उत्तराखंड व पूरे देश में लाखों लोग ऑक्सीजन के लिए तड़प तड़प कर मर गए। धस्माना ने कहा कि इसीलिए देवभूमि ट्रस्ट ने इस बार राहत के कार्यों में सबसे ज्यादा महत्व ऑक्सीजन बैंक स्थापित कर बीमार लोगों को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने को दिया।
इस अवसर पर पुरोहित ब्राह्मण समाज की ओर से आचार्य हेमंत मणि जी ने कहा कि पूरे कोरोना काल में पिछले 15 महीनों में उत्तराखंड में अगर किसी ने पुरोहित समाज की सुध ली तो वे केवल सूर्यकांत धस्माना हैं। उन्होंने पिछले वर्ष भी स्वयं मंदिरों में पूजा अर्चना व देख रेख करने वाले पुरोहित ब्राह्मणों को आमंत्रित कर उनकी ससम्मान सहायता की। आज एक बार फिर विश्वपर्यावरण दिवस पर कार्यक्रम आयोजित कर कोरोना समाप्ति के लिए प्रार्थना भी करवाई और पुरोहित समाज को दान दक्षिणा दे कर सहायता भी की।
इस अवसर पर पंडित इंद्रमणि डबराल, आचार्य सुकेश डबराल, आचार्य आलोक कोठारी, पंडित अनिल डोबरियाल, पंडित आरपी उपाध्याय, पंडित मदन मोहन लेखवार, पंडित पुरषोत्तम गौतम, पंडित हरीश लखेड़ा ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में कांग्रेस पार्षद संगीता गुप्ता, पार्षद कोमल वोहरा, पार्षद जितेंद्र तनेजा, प्रदेश कांग्रेस सचिव मंजू त्रिपाठी, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव सुमित खन्ना, महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस गौतम सोनकर, वरिष्ठ नेता महेश जोशी, महानगर विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष विशेष बजाज, महानगर कांग्रेस उपाध्यक्ष धर्म सोनकर, विरेश शर्मा, अनुज दत्त शर्मा, अनुराग गुप्ता व 108 ब्राह्मण पुरोहित उपस्थित रहे। धस्माना ने इस अवसर पर सभी उपस्थित ब्राह्मण पुरोहितों को राशन किट, कोरोना सुरक्षा किट व द्रव्य दक्षिणा भेंट कर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया।

सीएम तीरथ सिंह रावत ने देहरादून और दिल्ली में किया पौधरोपण
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देहरादून में अपने जीएमएस रोड स्थित भागीरथीपुरम आवास पर पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जामुन का पेड़ लगाया। मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर घोषणा की है कि राज्य में स्थित समस्त गांवों एवं गांवों के आस-पास के क्षेत्र में स्थित तालाबों/जल निकायों, जो राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं, उन सब का अगले 01 वर्ष में पुनर्जीवन किया जायेगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जलवायु परिवर्ततन सम्बन्धी कार्यों को मुख्यधारा में लाने हेतु राज्य में क्लाईमेंट बजटिंग प्रारम्भ किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति एक -एक वृक्षारोपण कर पर्यावरण के संरक्षण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। पर्यावरण की सुरक्षा आम आदमी के जीवन से जुड़ा विषय है। पर्यावरण का संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली है। इकोसिस्टम रेस्टोरेशन के तहत पेड़ लगाकर एवं पर्यावरण की रक्षा कर हमें प्रदूषण के बढ़ते स्तर को कम करने और इकोसिस्टम पर बढ़ते दबाव को कम करने की दिशा में विशेष ध्यान देना होगा।
इसके बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन के प्रांगण पर वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रूद्राक्ष का पौधा रोपित किया। मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर काम किया जा रहा है। हम सभी को वृक्षारोपण कर इसमें अपना योगदान देना चाहिए। यह विषय हम सब के जीवन से जुड़ा है। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली है।
इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी जगमोहन सुन्द्रियाल, अपर प्रमुख वन संरक्षक/नोडल अधिकारी ग्रीन इश्यू डॉ. एसडी सिंह, अपर स्थानिक आयुक्त ईला गिरी व मुख्य व्यवस्था अधिकारी रंजन मिश्रा उपस्थित थे।

सामूहिक दायित्व है पर्यावरण सरक्षण: कौशिक
उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन कौशिक ने पर्यावरण दिवस पर अपने आवास यमुना कॉलोनी में वृक्षारोपण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पर्यावरण आम जन से जुड़ा हुआ है और इसके संरक्षक की साझी जिम्मेदारी है। आज बढ़ते प्रदूषण, भू जल स्तर में आ रही कमी तथा पेयजल संकट के चलते यह अधिक जरूरी हो गया है कि हमें पर्यावरण सरक्षण के प्रति अतिरिक्त सतर्क रहना होगा। उन्होंने कहा कि परिस्थितिक तन्त्र को सुव्यवस्थित रखने एवं दबावमुक्त रखने के लिए संकल्प लेना होगा। पेड़ लगाने से लेकर उनका सम्बर्धन पॉलीथिन मुक्त और स्वच्छ वातावरण हमारी जीवन शैली का अंग बने इसका प्रयास होना चाहिए।
उत्तराखंड पुलिस की पहल, पूरे प्रदेश में लगाए जाएंगे 01 लाख पौधे
पर्यावरण सुरक्षा एवं संरक्षण तथा जागरूकता का सन्देश देने के लिए उत्तराखंड पुलिस की ओर से प्रदेश स्तर पर व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत समस्त पुलिस परिसरों, थाना, चौकी, वाहिनी, पुलिस लाइन, इकाईयों में एक लाख पौधों का लक्ष्य रखा गया है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरणविद् पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी जी ने पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के साथ पुलिस मुख्यालय प्रांगण में पौधरोपण कर इस अभियान की शुरूआत की। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि यह अभियान हरेला पर्व (16 जुलाई) तक जारी रहेगा। इसके अन्तर्गत प्रत्येक थानों में कम से कम 100, पुलिस लाईन में 1000, वाहिनियों में 5000 या उससे अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य है। इस प्रकार हरेला पर्व तक समस्त पुलिस परिसरों में 01 लाख पौधे लगाए जाएंगे।

इस अवसर पर डॉ. अनिल जोशी जी द्वारा पुलिस मुख्यालय सभागार में पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मानव जीवन के लिए यह बहुत कठिन समय है। यदि हम पर्यावरण से प्रति अब भी नहीं चेते तो विनाश निश्चित है। अतः पर्यावरण का संरक्षण करना हम सब की जिम्मेदारी है। वर्तमान में पर्यावरण में जो परिवर्तन हो रहे है, उनके जिम्मेदार हम हैं। विशेषकर ग्लेशियरों को पिघलना सबसे बडा संकेत है कि पृथ्वी में जीवन पर बडा संकट आने वाला है। भूमि एव जल में जीवन कठिन होता जा रहा है। अनेक जातियां विलुप्त हो रही है।
उन्होंने कहा कि कोविड काल के दौरान प्रकृति ने दिखा दिया कि उससे बडा कोई नही है। विज्ञान भी नही, क्योंकि कोविड काल के दौरान हुए लॉकडाउन से कही न कहीं पर्यावरण का संरक्षण तो हुआ है। यह प्रकृति के घावों को भरने का समय है, इस अवसर पर यदि उत्तराखण्ड पुलिस ने पर्यावरण के संरक्षण के लिए कदम बढाया है तो निःसंदेह उत्तराखंड पुलिस बधाई की पात्र है, तथा इस प्रकार के आयोजनों एंव कार्यक्रमों का आयोजन होते रहना चाहिए जिससे लोग जागरूक हो। उत्तराखंड प्रदेश जीईपी (Gross Environment Product) जारी करने वाला देश का पहला राज्य होने वाला है।
डीजीपी अशोक कुमार ने समस्त अधिकारियों को इस अभियान को सफल बनाने हेतु निर्देशित किया और डॉ. अनिल जोशी को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक पी/एम अमित सिन्हा, पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरूगेशन, पुलिस महानिरीक्षक अभिसूचना एवं सुरक्षा संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक फायर एपी अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण पूरन सिंह रावत, पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक पुष्पक ज्योति सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
इससे पूर्व अभियान के अन्तर्गत डीजीपी अशोक कुमार के साथ ही समस्त पुलिस अधिकारियों ने उप वन संरक्षक मसूरी कहकशा नसीम, नर्सरी मैन एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल वैद्य के साथ पुलिस ऑफिसर्स कालोनी, किशनपुर में वृक्षारोपण किया।

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