June 15, 2021

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हम किसी से कम नहीं, राज्य के कोटे की वैक्सीन बेच दी निजी अस्पतालों को, हर डोज पर सरकार की 660 रुपये कमाई

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कोरोना जैसी आपदा को अवसर में बदलने के लिए भाजपा शासित सरकारों पर आरोप लगते रहे, वहीं पंजाब से कांग्रेस सरकार पर जो आरोप लग रहे हैं, उससे तो यही कहा जा सकता है कि हम किसी से कम नहीं।

कोरोना जैसी आपदा को अवसर में बदलने के लिए भाजपा शासित सरकारों पर आरोप लगते रहे, वहीं पंजाब से कांग्रेस सरकार पर जो आरोप लग रहे हैं, उससे तो यही कहा जा सकता है कि हम किसी से कम नहीं। यहां सरकार पर राज्य के कोटे की वैक्सीन को निजी अस्पताल में बेचने का आरोप है। आरोप यहीं खत्म नहीं हो जाते और कहा गया है कि सरकार प्रति डोज 660 रुपये की कमाई कर रही है। ऐसे में पूरे देश के टीकाकरण अभियान पर अंगुली उठा रहे लोगों को ये जानना जरूरी है कि कोई भी सरकार कम नहीं है। आमजन को किसी की चिंता नहीं है। सभी निजी क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के लिए हरसंभव हथकंडे अपना रहे हैं।
अब पंजाब के कोटे के तहत खरीदी गई कोवैक्सीन को निजी अस्पतालों को बेचने को लेकर राज्य की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। पंजाब सरकार ने प्रति डोज 400 रुपये के हिसाब से वैक्सीन खरीदी और इसे निजी अस्पतालों को 1060 रुपये में बेच रही है। यानी प्रति डोज 660 रुपये का फायदा सरकार उठा रही है। निजी अस्पताल लोगों से प्रति डोज के 1560 रुपये ले रहे हैं। यानी वो 500 रुपये और ज्यादा ले रहे हैं। ये वैक्सीन राज्य सरकार ने 18 से 45 साल के लोगों के लिए खरीदी थी और निजी अस्पताल अब इसे 18 साल से ज्यादा के किसी भी व्यक्ति को दे रहे हैं, जिन्होंने स्लॉट बुक किया है। ऐसे समय में जब सरकारी टीकाकरण केंद्रों में टीके की कमी है, राज्य सरकार के इस कदम को मुनाफा कमाने के तौर पर देखा जा रहा है।
पीएम केयर फंड के वेंटिलेटर में खामियां
हर जगह लूट का सिलसिला जारी है। चिकित्सा उपकरणों के खराब होने की सूचनाएं भी निरंतर आ रही हैं। पीएम केयर फंड से खरीदे गए वेंटिलेटरों की ज्यादा शिकायतें राज्य सरकारें कर रही हैं। ऐसे खराब वेटिंलेटरों से लोगों के जीवन का भी खतरा है। अब पंजाब की ही बात करें तो बीते दिनों हुई बैठक में बताया गया कि पीएम केयर्स फंड के तहत पहले प्राप्त सभी 809 वेंटिलेटर वितरित किए जा चुके हैं। उनमें से 136 काम नहीं कर रहे हैं।
तीसरी लहर से निपटने की तैयारी
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्वास्थ्य और चिकित्सा विभागों को महामारी की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए कोविड देखभाल के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को और मजबूत करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाल चिकित्सा देखभाल बढ़ाने और भारत सरकार से 500 बाल चिकित्सा वेंटिलेटर लेने के लिए भी निवेश करने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री ने संभावित तीसरी लहर के लिए तैयारी करने, अधिक तकनीकी और विशेषज्ञ पदों के सृजन के भी आदेश दिए। इस दौरान बताया गया कि डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि अस्थायी अस्पतालों के लिए उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोविड संकट जारी रहने तक सभी विभागों में मध्य स्तर के आईएएस/पीसीएस के तबादलों पर रोक लगा दी जाए।

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