June 16, 2021

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आपदा में अवसर, सरकारी केंद्रों में ताले, निजी अस्पतालों को मिलेगा मौका, जितना लूट सको तो लूट

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अब सरकार की नीतियां तो ये ही लग रही हैं कि आने वाले दिनों में इलाज महंगा होता चला जाएगा। निजी क्षेत्र को ही बढ़ावा दिया जाएगा।

यदि आपकी याददाश्त कमजोर है तो चलो हम याद दिला देते हैं। पिछले साल जैसे ही कोरोना के मामले मिलने लगे तो निजी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने से मना कर दिया था। कई अस्पतालों ने तो ताले तक जड़ दिए थे। ऐसे में लोगों के काम सरकारी अस्पताल ही आए। लोग वहां भर्ती हुए और उनकी जान बचाई गई। अब सरकार की नीतियां तो ये ही लग रही हैं कि आने वाले दिनों में इलाज महंगा होता चला जाएगा। निजी क्षेत्र को ही बढ़ावा दिया जाएगा। क्योंकि 18 से 44 साल की उम्र के लोगों के टीककरण में तो यही नजर आ रहा है। अब पहले से उलट स्थिति हो रही है। सरकारी टीकाकरण केंद्र में ताले लग रहे हैं और निजी में टीके लगाए जा रहे हैं।
नहीं है कोई लिमिट
टीकाकरण के अधिकांश सरकारी केंद्रों में ताले लग चुके हैं। वहीं, निजी अस्पातलों में टीके कहां से आ रहे हैं, ये सिर्फ सरकार की जानती है। सरकारी टीकाकरण के एक केंद्र में जहां एक दिन में सौ से सवा सौ टीके लगाने की लिमिट है, वहीं, निजी अस्पतालों के लिए शायद कोई लिमिट नहीं है। यही कारण है कि देहरादून में मैक्स अस्पताल की ओर से अस्पताल के साथ ही अस्पताल के निकट होटल, दून क्लब में टीके लगाए जा रहे हैं। पहले दिन तो अकेले दून क्लब में 1500 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए।
शुल्क में भी मनमानी
सरकारी अस्पतालों में जहां मुफ्त टीके लगाए जा रहे हैं। वहीं, इसके उलट निजी अस्पतालों के लिए प्रति टीका नौ सौ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसके बावजूद दून क्लब में लोगों ने शिकायत की कि उनसे ग्यारह सौ रुपये लिए जा रहे हैं। इस पर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने गुरुवार तीन जून को दून क्लब पहुंचकर इस शिकायत को सही पाया तो उन्होंने जिलाधिकारी, स्वास्थ्य महानिदेशक से इसकी शिकायत की।
टीका लगाने वालों के लिए नहीं की गई उचित व्यवस्था
टीका लगवाने वालों की फजीहत भी हो रही है। लोगों को यदि टोकन दे दिए जाएं और उन्हें अंदाजन समय बता दिया जाए तो क्यों में लाइन में खड़े हों। पर पैसा कमाने के फेर में यहां मानवता भी तार तार की जा रही है। लोग लंबी लाइन में खड़े हो रहे हैं। ऊपर से चिलचिलाती धूप से उनकी हालत खराब हो रही है। ऐसे में धस्माना ने लाइन में खड़े लोगों को मिनरल वाटर की बोतलें भी बांटी थी।
सरकार की नीति में निजी अस्पतालों से लेंगे सहयोग
भले ही सरकारी केंद्र में टीका न लगे, लेकिन निजी अस्पतालों में लगता रहेगा। आप यहां फीस देने को भी तैयार रहें। क्योंकि उत्तराखंड की सरकार भी प्रदेश में 18 से 44 आयुवर्ग के व्यक्तियों के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाने के लिए सरकार प्राइवेट हेल्थ सेक्टर से भी सहयोग लेगी। इस संर्दभ में स्वास्थ्य महानिदेशक डा. तृप्ति बहुगुणा ने गुरुवार को देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व ऊधमसिंहनगर के निजी चिकित्सा संस्थान प्रबंधन व उद्यमियों के साथ बैठक की। बैठक में निजी चिकित्सालयों व उद्योग इकाईयों के सौ प्रनिनिधियों ने भाग लिया।
स्वास्थ्य महानिदेशक ने बताया कि प्रदेश में 18 से 44 आयुवर्ग के व्यक्तियों की संख्या लभगग 50 लाख है। केंद्र सरकार वर्तमान में जो वैक्सीन उपलब्ध करा रही है, उससे टीकाकरण कार्यक्रम में अधिक समय लग रहा है। ऐसे में निजी चिकित्सालयों व प्रमुख उद्योग इकाईयों के बीच समन्वय स्थापित किए जाने के लिए विचार-विमर्श किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डा. सरोज नैथानी ने बताया कि पूर्व में जब 45 साल से अधिक के व्यक्तियों का टीकाकरण संचालित किया गया था, तब 131 निजी स्वास्थ्य इकाईयों से कोविड वैक्सीनेशन का कार्य कराया जा रहा था। 18-44 आयुवर्ग के व्यक्तियों का टीकाकरण चार निजी स्वास्थ्य इकाईयों में हो रहा है। वहीं 27 निजी चिकित्सालयों ने वैक्सीन क्रय का कार्य शुरू कर दिया है। इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि प्रमुख उद्योग इकाईयां निजी स्वास्थ्य संस्थानों में अपने कर्मचारियों व उनके आश्रितों को कोविड टीकाकरण के लिए प्रेरित करें, ताकि यथासमय टीकाकरण का कार्य पूरा हो सके।
टीकाकरण की फीस पर भी चर्चा
बैठक में उद्योग इकाईयों से सुझाव प्राप्त हुआ है कि राज्य सरकार निजी अस्तपालों में कोविड टीकाकरण के लिए यूजर्स चार्ज को भी निर्धारित करें। भारत सरकार ने निजी चिकित्सा इकाईयों में कोविड टीकाकरण की एक खुराक की कीमत 900 रुपये निर्धारित की गई है। साथ ही चिकित्सालय के उद्योग इकाईयों के कार्यस्थल में जाकर टीकाकरण कराए जाने के लिए यूजर चार्ज लिया जाना भी निर्धारित है। हालांकि इसकी राशि निर्धारित नहीं की गई है। उद्योग इकाईयों के प्रतिनिधियों ने कहा कि गुरुग्राम में यूजर प्रति खुराक 250 रुपये निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार उत्तराखंड में भी यूजर चार्ज निर्धारित किया जाना चाहिए। बैठक में राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डा. कुलदीप मर्तोलिया, उद्योगपति संजय गुप्ता, राजन कपूर, राजीव घई आदि मौजूद रहे।

टीकाकरण की रफ्तार धीमी
यदि टीकाकरण की बात की जाए तो गुरुवार को 312 केंद्रों में 14506 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। बुधवार दो जून को 282 केंद्र में 12224 लोगों को, मंगलवार एक जून को 316 केंद्रों में 15648 लोगों को, सोमवार 31 मई को 353 केंद्रों में 15203 लोगों को, रविवार 30 मई को 364 केंद्रों में 12364 लोगों को, शनिवार 29 मई को 504 केंद्रों में 15460 लोगों को, शुक्रवार 28 मई को 524 केंद्रों में 17629 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए थे। टीकाकरण की शुरूआत में चालीस हजार से लेकर 70 हजार के बीच टीके लगाए जा रहे थे। ऐसे में ये संख्या कम है। 18 से लेकर 44 साल वालों के लिए सरकारी केंद्र में टीकाकरण ठप है। वहीं, निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में नौ सौ रुपये देकर टीके लगाए जा रहे हैं।

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