June 15, 2021

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रुद्रपुर में सीएम ने किया कोविड अस्पताल का निरीक्षण, कार्यक्रम में मची भीड़, विरोध में प्रदर्शन को जा रहे कांग्रेसी गिरफ्तार

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उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत के कार्यक्रमों में भी भीड़ मच रही है। ऐसे मौकों पर कोरोना के नियम भी तार तार हो रहे हैं। एक तरफ लॉकडाउन और दूसरी तरफ मुखिया के कार्यक्रम।


उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत के कार्यक्रमों में भी भीड़ मच रही है। ऐसे मौकों पर कोरोना के नियम भी तार तार हो रहे हैं। एक तरफ लॉकडाउन और दूसरी तरफ मुखिया के कार्यक्रम। ऐसे कार्यक्रमों में भीड़ का अंजाजा आप एक हाल में उपस्थित लोगों की फोटो देखकर ही लगा सकते हैं। फिर सवाल पूछिए कि क्या इस तरह से कोरोना को हरा पाओगे। जब मुखिया ही ऐसा करेंगे तो आमजन से फिर नियमों की अपेक्षा कैसे कर सकते हैं। शादी में 20 लोग शामिल हो सकते हैं, वहीं, रुद्रपुर में मीटिंग हाल में तो सौ से अधिक लोग नजर आ रहे हैं। ऐसे कार्यक्रमों में शारीरिक दूरी के नियम भी हमेशा तार तार होते हैं। वहीं, सीएम का विरोध करने जा रहे कांग्रेसियों ने भी भीड़ मचाई। इस दौरान भी कोरोना के नियम टूटे।
इस दौरान सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। जिला व उप जिला अस्पतालों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक आक्सीजन प्लांट व वेंटिलेटर की सुविधा मुहैया करा दी है। जिससे मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की दिक्कत न हो सके। सीएम रावत ने शुक्रवार को मेडिकल कालेज में बने कोविड अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों को बताया कि इलाज में गड़बड़ी व ब्लैक मेलिंग करने वाले निजी अस्पतालों को बख्शा नहीं जाएगा। पहले भी गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं गया था। एंटीजन किट के फर्जीवाडे के मामले में उन्होंने कहा कि कालाबाजारी या गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। अहदाबाद से तीन हजार रेमेडेसिविर इंजेक्शन मंगाया था। वहीं, सीएम के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे कांग्रेसियों को रास्ते में पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान दो दर्जन से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
रुद्रपुर में एक दिवसीय भ्रमण पर पंहुचे प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एपीजे अब्दुल कलाम सभागार कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम, उपचार एवं उससे बचाव आदि के लिए किए जा रहे कार्यों के साथ ही आगामी मानसून काल के मद्देनजर पूर्व तैयारी तथा जनपद में संचालित विकास कार्यों की विस्तृत रूप से जानकारी ली।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु अधिक से अधिक सैम्पलिंग बढ़ाई जाए। इस हेतु सभी ग्राम सभाओं में मेडिकल टीम जाकर जांच करे। जांच के दौरान लक्षण वाले प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें एवं ग्राम स्तर पर निगरानी टीम को और अधिक एक्टिव रखते हुए संक्रमण की रोकथाम हेतु कार्य करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के साथ ही आगामी वर्षा के दौरान जल जनित रोग, डेंगू की रोकथाम हेतु व्यापक स्तर पर सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में नगर निकाय व पंचायती विभाग सेनेटाइजेसन का कार्य लगातार जारी रखें, साथ ही जनता को इसके प्रति जागरूक भी करें।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों में भी में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में कोरोना से संबंधित आवश्यक दवा की किट का भी वितरण शीघ्रता से कराया जाये।
मुख्यमंत्री ने सभी विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से कहा कि गांव में जाकर लगातार दवाई एवं अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी लेते रहें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु कड़ाई से कर्फ्यू का अनुपालन कराना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि ब्लैक फंगस की रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार ने इंजेक्शन की पर्याप्त व्यवस्था कर ली है एवं कोविड-19 की तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। उन्होने कहा कि आवश्यकतानुसार अस्पतालों के साथ ही होटल, धर्मशाला की भी व्यव्स्था करना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कोविड कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण भी किया। कन्ट्रोल रूम की व्यस्थाओं की सराहना करते हुए होम आईशोलेशन में रह रहे मरीजों से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली एवं जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की। उन्होने कहा कि कोविड संक्रमण में जो बच्चे अनाथ हो गये है ऐसे बच्चों को 3000 रुपए प्रतिमाह दिए जायेंगे।
उन्होने कहा कि ऐसे अनाथ/असहाय बच्चे जब तक बालिग न हो तब तक जिलाधिकारियों की देखरेख में रहेंगें ताकि उनकी सम्पत्ति को कोई भी नुकसान न पहुंचा सके। उन्होने कहा कि कोरोना संक्रमण में बजट की कोई कमी नही है जिसके लिए जिलाधिकारी को भी अधिकार दिये गये है कि वह अपने फंड से भी इस महामारी में खर्च कर सकते है।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आगामी मानसून काल के मद्देनजर सम्बन्धित अधिकारियों से आगामी मानसून के लिए तैयारियों की जानकारी ली। उन्होने निर्देश दिए कि सभी विभाग किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए पूर्व तैयारी करते हुए अलर्ट रहें तथा किसी भी प्रकार की आपदा की घटना होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किए जाये, सभी तहसील व थाना स्तर पर आवश्यक उपकरण राहत पैकेट आदि की भी व्यवस्था के साथ ही राहत कैम्प चिह्नित कर उनमें आवश्यक व्यवस्था पूर्व से रखी जाए।


उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सहयोग से कार्य करें। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने पेयजल, ऊर्जा विभाग, लोक निर्माण विभाग,सिंचाई समेत विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह निर्माण कार्यों को समयबद्धता से पूर्ण करें। अधिकारी मुख्यालय में न बैठकर फील्ड में जाकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं, कार्य धरातल पर दिखने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि एक दूसरे के पूरक हैं वह मिलकर कार्य कर जिले को विकास के क्षेत्र में आगे ले जाएं। वह एक टीम भावना के साथ कार्य करें। बैठक में सांसद अजय भट्ट, विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, हरभजन सिंह चीमा, प्रेम सिंह राणा एवं पुष्कर सिंह धामी ने जिले के विकास के संबंध में अपनी बात रखी।
बैठक में जिलाधिकारी रंजना राजगुरू व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर ने प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिले में कोविड संक्रमण एवं डेंगू की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त वर्तमान में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के एवं आगामी मानसून काल के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु की गई पूर्व तैयारी के साथ ही जिले में संचालित विकास कार्यों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, सांसद अजय भट्ट, विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, सौरभ बहुगुणा, प्रेम सिंह राणा, पुष्कर सिंह धामी, आदेश चैहान, कुमाऊं आयुक्त अरविन्द सिंह हयांकि, डीआईजी कुमाऊ अजय रौतेला, मेयर रूद्रपुर रामपाल, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, नोडल अधिकारी हास्पिटल मैनेमेंट बंशीधर तीवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डीएस पंचपाल, अपर जिलाधिकारी उत्तम सिंह चैहान, जगदीश चन्द्र काण्डपाल के साथ ही कोविड से सम्बन्धित नोडल अधिकारी व सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन, नेताओं पर लगाया आरोप
बदहाल स्वास्थ्य सेवा और भाजपा नेता के घर में वैक्सीनेशन के खिलाफ मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का विरोध करने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने नैनीताल रोड पर रोक लिया। इस दौरान हुई धक्का मुक्की के बाद पुलिस ने दो दर्जन से अधिक कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर लिया और कोतवाली ले गई।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का रुद्रपुर दौरा था। सुबह साढ़े 10 बजे वह हेलीकाप्टर से पुलिस लाइन पहुंचे। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेसी पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ के आवास से जुलूस की शक्ल में मुख्यमंत्री का विरोध करने के लिए पुलिस लाइन की ओर रवाना हुए। इसका पता चलते ही सीओ सिटी अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम एफसीआई रोड स्थित नैनीताल हाइवे पर पहुंच गए।
इस दौरान पुलिस ने कांग्रेसियों को रोक लिया और उनके बीच धक्का मुक्की हुई। बाद में पुलिस ने कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर वाहनों से कोतवाली ले गए। जहां पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने कहा कि वह मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने फोर्स के बल पर उन्हें रोककर लोकतंत्र की हत्या की है।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बेहड़ ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गई है। वैक्सीन नहीं है और भाजपा नेताओं के घरों में वैक्सीनेशन हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के लिए नीति बननी चाहिए। प्रदेश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि स्वास्थ्य मंत्री नहीं है।
इस अवसर पर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा, पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा, अरुण पांडेय, अनिल शर्मा, सोनू निषाद, मोहन खेड़ा, बाबू खान, सचिन मुंजाल, राजीव कामरा, सुरेश गौरी,अबरार अहमद, संदीप रस्तोगी, मोहन भारद्वाज आदि थे।

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