June 15, 2021

Lok Saakshya

Jan Jan Ki Awaj

उत्तराखंड सरकार ने भी रद्द की 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं, परीक्षा चाहने वालों के लिए सीबीएसई के निर्णय के अनुरूप होगा फैसला

1 min read

सीबीएसई और आइएससी की तर्ज पर अब उत्तराखंड बोर्ड की भी 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इस संबंध में आज ही निर्णय किया गया है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की बैठक में उक्त निर्णय किया गया है।
गौरतलब है कि गत दिवस एक जून को पीएम मोदी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सीबीएसई की 12वीं बोर्ड की परीक्षा को रद्द करने का निर्णय किया गया था। इसके बाद आइएससी की परीक्षा भी रद्द कर दी गई थी। कई राज्यों मध्यप्रदेश, गुजरात और हरियाणा ने भी 12वीं बोर्ड की परीक्षा को रद्द करने का निर्णय किया था। हाईस्कूल की परीक्षा रद्द करने का फैसला पूर्व में ही लिया जा चुका था।
उत्तराखंड में शिक्षा विभाग 12वीं बोर्ड की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। कोरोना को देखते हुए तय किया गया था कि 12वीं की परीक्षा जून के अंतिम सप्ताह अथवा जुलाई के प्रथम वीक से शुरू की जा सकती हैं। राज्य में वर्तमान में 1385 परीक्षा केंद्र है, जिन्हें बढ़ाकर 1500 किया जा सकता है। वहीं क्यूआर सीट पर भी इस बार 12वीं का एग्जाम करवाया जा सकता है। इसे लेकर तैयारी की जा रही थी। अब बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। इस संबंध में आज हुई बैठक में निर्णय ले लिया गया है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि यदि कोई छात्र परीक्षा देना चाहते हैं, वो जब सीबीएसई बोर्ड का जो फैसला आएगा, उसी तर्ज पर हम भी परीक्षा करा सकते हैं। हमने छात्रों के हित में फैसला लिया है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की सहमति के पश्चात् शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डे ने कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेश में भी इण्टरमीडिएट परीक्षा निरस्त करने की घोषणा की है। इस सम्बन्ध में बुधवार को सचिवालय में शिक्षा मंत्री श्री अरविन्द पांडे की अध्यक्षता में बैठक भी आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव शिक्षा आर मीनाक्षी सुन्दरम, महानिदेशक शिक्षा विनय शंकर पाण्डे सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश में भारत सरकार एवं सीबीएसई बोर्ड की ओर से राष्ट्रहित में लिये गये निर्णय एवं दिशा निर्देशों के अनुसार प्रदेश में इण्टरमीडिएट परीक्षा को निरस्त किया जायेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इंटरमीडिएट में किसी भी छात्र को अनुतीर्ण नही किया जायेगा। इस संबंध में सीबीएसई बोर्ड के मानको एवं निर्णय के अनुसार प्रदेश में भी तदनुसार कार्ययोजना तैयार करने के भी उन्होंने निर्देश दिये। तथा सीबीएसई द्वारा अपनायी गई प्रक्रिया का अनुपालन किये जाने की बात कही।
बैठक के पश्चात् मीडिया से वार्ता करते हुए शिक्षा मंत्री श्री अरविन्द पांडे ने बताया कि देश में कोरोना के हालात देखते हुए केन्द्र सरकार एवं सीबीएसई बोर्ड ने छात्रो, शिक्षकों एवं अभिभावकों एवं राष्ट्रहित में इंटरमीडिएट परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। उसका वे स्वागत करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देशों के क्रम में वे प्रदेश में इण्टरमीडिएट परीक्षा निरस्त करने की घोषणा करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का यह निर्णय कोविड 19 के दृष्टिगत प्रदेश, छात्रों शिक्षकों एवं अविभावकों के व्यापक हित में लिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *