June 16, 2021

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ऐसा तो देखा पहली बार, विपक्ष के खिलाफ धरने पर बैठी सरकार, कांग्रेस ने कहा- विपक्ष में आने की प्रेक्टिस कर रही भाजपा

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है ना बड़ी अजीबोगरीब बात। सत्ताधारी पार्टी भाजपा ही विपक्ष के खिलाफ धरना दे रही है। पार्टी ही क्या, यूं कह सकते हैं कि सरकार ने ही विपक्ष के खिलाफ धरना दिया।

है ना बड़ी अजीबोगरीब बात। सत्ताधारी पार्टी भाजपा ही विपक्ष के खिलाफ धरना दे रही है। पार्टी ही क्या, यूं कह सकते हैं कि सरकार ने ही विपक्ष के खिलाफ धरना दिया। क्योंकि प्रदेश कार्यालय में दिए गए इस धरने में कैबिनेट मंत्री, विधायक आदि शामिल थे। साथ ही जिला मुख्यालय स्तर पर भी धरने के दावे किए गए। उधर, कांग्रेस ने चुटकी ली कि भाजपा को आगामी विधानसभा चुवाव में जनता सत्ता से बाहर कर देगी। इसका अहसास भाजपा को पहले ही हो चुका है। ऐसे में भाजपा सत्ता से बाहर होने पर विपक्ष में रहने की प्रेक्टिस कर रही है। ऐसा कहना है उत्तराखंड में महानगर देहरादून कांग्रेस अध्यक्ष लालचंद शर्मा का। इसके साथ ही कांग्रेस ने भी भाजपा सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए सांकेतिक उपवास किया।
इन दिनों कोरोनाकाल में उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा में एक युद्ध भी चल रहा है। पहले भाजपा कांग्रेस के कार्यों को नजरअंदाज करते हुए नेताओं पर घर बैठने के आरोप लगाती रही। वहीं, कांग्रेस ने पहले कंट्रोल रूप खोलने में भी भाजपा से तेजी दिखाई। फिर एंबुलेंस सेवा शुरू की। लोगों को आवश्यक सामान की आपूर्ति भी की जा रही है। रामनगर में आक्सीजन देने के लिए अस्पताल बनाया हुआ है। इन कार्यों को भाजपा ने कहा कि कांग्रेसी देखादेखी बाद में घरों से निकले।
हालांकि भाजपा ने भी कंट्रोल रूम खोला है। दावा किया जा रहा है कि लोगों तक मदद पहुंचाई जा रही है, लेकिन भाजपा कार्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट ज्यादातर बैठकों के ही आ रहे हैं। सेवा कार्य करने की एक भी फोटो जारी नहीं की जा रही है। इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भाजपा के लोग सरकारी सामान को लोगों तक पहुंचाकर मदद का दावा कर रहे हैं। इनके साथ ही कांग्रेस लगातार सरकार पर कोरोना की व्यवस्थाओं को लेकर हमला बोल रही है। इससे खीजकर अब भाजपा को भी धरनाजीवी की राह पर चलना पड़ा और प्रदेश कार्यालय के साथ ही जिला मुख्यालयों पर धरना देकर सांकेतिक उपवास किया गया। ऐसा शायद पहली बार हो कि सत्ताधारी दल को भी धरने की जरूरत पड़ी हो। वो भी विपक्ष के खिलाफ।
सोमवार 24 मई को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान पर जिला स्तर पर कांग्रेस के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने एक घंटे का मौन उपवास रखा। वहीं, प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के साथ कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत, प्रदेश महामंत्री एवं विधायक खजानदास समेत अन्य पार्टी पदाधिकारी भी उपवास पर बैठे। करीब एक घंटे के मौन उपवास के पीछे तर्क दिया गया कि कोरोनाकाल में कांग्रेस के नेता महज हमने कांग्रेस नेताओं की सद्बुध्दि के लिए उपवास किया है। काँग्रेस के नेताओ को बीजेपी कार्यकर्ताओं से सीखना चाहिए, जो तन मन और धन से जनता की सेवा में जुटे हैं।


धरने पर बैठे कांग्रेसी किया, सांकेतिक उपवास
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में देहरादून में कांग्रेस मुख्यालय में आज कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भाजपा सरकार की बुद्धि-शुद्धि के लिये सांकेतिक उपवास रखा। इस दौरान कार्यकर्ता हाथों में नारे लिखी तख्तियां पकड़कर बैठे। इसमें- लोगों को वैक्सीन लगाने के वादे को पूरा करो, ब्लैक फंगस का इंजेक्शन शीग्र दें मरीजों को, ना दवा मिल रही-ना लग रहा टीका-जनता से हो रहा ये कैसा धोखा, आदि के नारे लिखे हुए थे।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया गया है, परन्तु उससे निपटने के लिए कोई कार्य योजना नहीं बनाई है। राज्य में ब्लैक फंगस के मामले लगातार बढते जा रहे हैं, जिसकी रोकथाम व सुचारु उपचार की कोई व्यवस्था नहीं हो रही है। बीमारी से पीडित मरीजों को दवाई और इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं।
प्रीतम सिंह ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के शुरूआती दौर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ताली-थाली बजवाई और अब टीकाकरण के नाम पर टीकाकरण उत्सव मनाया जा रहा है। अधिकतर टीकाकरण केन्द्रों पर कोरोना के टीके उपलब्ध ही नहीं है तथा जनता को मायूस होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की ओर से कोरोना टीकाकरण के लम्बे-चौड़े दावे किये जा रहे हैं, परन्तु टीका केन्द्रों पर लम्बी लाईन में घण्टों इंतजार के बाद लोगों को बिना टीकाकरण के ही वापस लौटना पड रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार के पास अपने देश में लोगों को टीकाकरण के लिए टीके की कमी के बावजूद मोदी सरकार अपनी पीठ थपथपाने के लिए विदेशों में टीका भेजा जा रहा है। मोदी सरकार की इस नीति से स्पष्ट हो जाता है कि उनके लिए देशवासियों की जान की कोई कीमत नहीं है।
उपवास में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर तंज कसते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों में लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा है ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि कोरोना महामारी के बीच ब्लैक फंगस की नई बीमारी की रोकथाम के लिए शीघ्र कदम उठाये जांय तथा आवश्यक दवाइयां एवं इंजेक्शन की आपूर्ति सुनिश्चिम की जाय।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष लाल चंद शर्मा ने कहा ये प्रदेश की भाजपा सरकार की विफलताओं का ही नतीजा है कि आज उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक इस प्रकरण पर चुप्पी साधे हुए हैं। जो कि साफ प्रदर्शित होता है कि वे सरकार के खिलाफ कुछ नहीं बोल सकते।
उपवास में प्रदेश उपाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री गोदावरी थापली, महानगर पूर्व विधायक राजकुमार, जिलाध्यक्ष संजय किशोर, गिरीश पुनेड़ा, डा. प्रतिमा सिंह, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम डा. विजेन्द्र पाल, अर्जुन सोनकर, रमेश कुमार मंगू, एहतात खान, भरत शर्मा, अर्जुन रावत, सीपी शर्मा, प्रियांशु छाबडा, हेमेन्द्र भण्डारी, अमन सिंह, आशिष भारद्वाज, फारूख राव, राव अफाक, सोनू हसन, हरेन्द्र चैधरी, मुकेश सोनकर, पुनीत सिंह, गौरव रावत, विनीत भट्ट, पंकज भूषण, नीरज नेगी आदि कांग्रेसजन उपस्थित थे।

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