June 15, 2021

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उत्तराखंड के सीएम ने चमोली में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का किया वर्चुअली उद्घाटन, चंपावत में कोविड मरीजों का जाना हाल

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सोमवार 24 मई को को चमोली जिले में जिला अस्पताल गोपेश्वर में 45.90 लाख लागत से स्थापित 200 एलपीएम ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सोमवार 24 मई को को चमोली जिले में जिला अस्पताल गोपेश्वर में 45.90 लाख लागत से स्थापित 200 एलपीएम ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। ऑक्सीजन प्लांट लगने से जिला अस्पताल के सभी बेड तक निर्वाध रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू हो गई है। इस कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, बदरीनाथ विधायक महेन्द्र प्रसाद भट्ट, थराली विधायक मुन्नी देवी शाह, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट एवं अन्य जनप्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चैहान, सीडीओ हंसादत्त पांडे, सीएमओ डा0 एमएस खाती, सीएमएस डा0 जेएस चुफाल, अधिशासी अभियंता आरडब्लूडी अला दिया एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने स्थानीय विधायकों, जनप्रतिनिधयों, अधिकारियों एवं समस्त जनपद वासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोविड के दृष्टिगत स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी संशाधन जुटाए जा रहे है और जहां पर जो भी आवश्यकता है, उसको पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में प्लांट शुरू होने से यहां पर भर्ती होने वाले मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।
राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सीमांत जनपद चमोली के जिला अस्पताल में 200 एलपीएम क्षमता का प्लांट एक वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि अब मरीजों को यहां से रेफर करके हायर सेंटर भेजने की जरूरत नही पडेगी। बताया कि कर्णप्रयाग में भी ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत हो गया है और जल्द यहॉं पर भी ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड से निपटने के लिए वैक्सीन की कोई कमी नही है और वैक्सीनेशन का कार्य भी सुचारु ढंग से चल रहा है। (किसी पत्रकार ने सवाल नहीं पूछा कि कोरोना के टीकों के आंकड़े क्यों कम हो गए, पहले चालीस से 70 हजार टीके प्रदेश में रोज लग रहे थे, वहीं, रविवार 23 मई को प्रदेश में 9769 लोगों को ही टीके लगे )
राज्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जिले के दर्जनों स्वास्थ्य केन्द्रों का स्वयं निरीक्षण किया है और कही पर भी कोई कमी नही रखी गई है। जहां पर जो भी आवश्यकता है, उसको पूरा किया जा रहा है। इस महामारी में सरकार जनता के साथ है। जनपद के प्रभारी मंत्री ने कहा कि उन्होंने जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण भी किया है। बताया कि रैणी गांव में आपदा से क्षतिग्रस्त पुल के पुर्ननिर्माण हेतु 6 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है और इसके टेडंर भी हो गए है। साथ ही भंग्यूल गांव को जोड़ने के लिए 4 किलोमीटर सड़क भी स्वीकृत की गई है।

चंपावत जिले में जांची स्वास्थ्य व्यवस्थाएं
सोमवार को जनपद चंपावत के भ्रमण पर पंहुचे प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा के साथ पीपीई किट पहनकर कोविड वार्ड एवं आईसीयू वार्ड में जाकर भर्ती कोरोना मरीजों से वार्ता की और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं भोजन आदि व्यवस्थाओं पर प्रशन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस महामारी के दौर में सभी चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ समेत प्रशासन रात-दिन कार्य कर रहे हैं ।उन्होंने कहा कि आगे भी वह इसी प्रकार कार्य करते हुए जिले को कोरोना मुक्त करें।
मुख्यमंत्री ने विकास भवन सभागार में संचालित कोविड कन्ट्रोल रूम में दूरभाष के माध्यम से होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों से वार्ता कर उनका हाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उसके बाद मुख्यमंत्री ने आपदा कन्ट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया और वहा किये जा रहे कार्यो की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जिला सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम,उपचार एवं उससे बचाव आदि के कार्यों के साथ ही आगामी मानसून काल के मद्देनजर पूर्व तैयारी तथा जनपद में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की ।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु अधिक से अधिक सैम्पलिंग बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि गांव गांव में जाकर लोगो को इस महामारी के प्रति सचेत कर जन जागरूकता फैलाये। इसके लिए सभी ग्राम सभाओं में मेडिकल टीम जाकर जांच कराएं। लक्षण वाले प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल दवा उपलब्ध कराई जाय। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर निगरानी टीम को और अधिक एक्टिव रखते हुए संक्रमण को खत्म करने हेतु कार्य किया जाय। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम जनगणना के समय घर घर जाकर प्रत्येक परिवार का डाटा एकत्र करते हैं। उसी तर्ज पर घर घर जाकर प्रत्येक परिवार की टेस्टिंग करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के साथ ही आगामी वर्षा के दौरान होने वाले जल जनित रोग, डेंगू की रोकथाम हेतु व्यापक स्तर पर सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में नगर निकाय व पंचायती विभाग सेनेटाइजेसन का कार्य लगातार जारी रखें। साथ ही जनता को इसके प्रति प्रचार प्रसार कर जागरूक भी करें। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक गांव में कोरोना से संबंधित आवश्यक दवा की किट का भी वितरण शीघ्रता से उपलब्ध कराया जाय।
उन्होंने कहा कि सभी विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी गांव में जाकर लगातार दवा की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी लेते रहें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु कड़ाई से कर्फ्यू का अनुपालन कराने पर पुलिस कार्यवाही करें।
बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा आगामी मानसून काल के मद्देनजर की गई पूर्व तैयारियां की भी जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी विभाग किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु पूर्व तैयारी करते हुए अलर्ट रहें तथा किसी भी प्रकार की आपदा की घटना होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किए जाय।
उन्होंने कहा कि मानसून की दस्तक होने से पहले ही नाले व कलमठ आदि की सफाई कर लें। ताकि बारिश के दौरान सड़को में पानी इकट्ठा ना हो और लोगो को असुविधा ना हो। सभी तहसील व थाना स्तर पर आवश्यक उपकरण राहत पैकेट आदि की भी व्यवस्था के साथ ही राहत कैंप चिह्नित कर उनमें आवश्यक व्यवस्था पूर्व से रखी जाए। उन्होंने कहा कि सभी सड़क निर्माण विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बन्द सड़कों को तत्काल खोले जाने हेतु आपसी सहयोग से कार्य करें।
विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने पेयजल, लोक निर्माण विभाग, ऊर्जा विभाग तथा विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह निर्माण कार्यों को समयबद्धता से पूर्ण करें। उन्होंने एनएच की ओर से निर्मित चल्थी रोड की तत्काल जांच करा कर रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए।
उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने दायित्वों का सही निर्वहन करें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि एक दूसरे के पूरक हैं वह मिलकर कार्य कर जिले को विकास के क्षेत्र में आगे ले जाएं। वह एक टीम भावना के साथ कार्य करें। बैठक में विधायक लोहाघाट पूरन फर्त्याल व अन्य जनप्रतिनिधियो द्वारा भी जिले के विकास के संबंध में अपनी बात रखी। बैठक के दौरान जिला प्रभारी मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि इस महामारी के कारण बहुत जनहानि हुई हैं, जिसे और नही होने देना हैं। परन्तु इस कोरोना के समय मे भी अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से अपनी जान जोखिम में डाल कर बहुत अच्छा और सरहानीय कार्य किया जा रहा हैं।
बैठक में जिलाधिकारी विनीत तोमर ने जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम एवं वेक्सीनेसन हेतु किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त वर्तमान में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के अतिरिक्त आगामी मानसून काल के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु की गई पूर्व तैयारी के साथ ही जिले में संचालित विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि कोविड की तीसरी लहर की तैयारियां पहले ही सुनिश्चित कर ली गयी हैं।
बैठक के दौरान आयुक्त कुमाऊं अरविंद सिंह ह्यांकी ने भी कोविड संक्रमण के नियंत्रण के लिए किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त अन्य बिंदुओं को माननीय मुख्यमंत्री के सम्मुख रखा। उन्होंने कहा कि कुमाऊं के पहाड़ी जिलों में ऑक्सीजन सिलेंडर की समस्या को देखते हुए चंपावत, पिथौरागढ़ एवं बागेश्वर जिलों को 100-100 अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं। आगामी मानसून काल के मद्देनजर और अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की जा रही है।
बैठक में दर्जा प्राप्त मंत्री हयात सिंह मेहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष दीप चन्द्र पाठक, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं अजय रौतेला, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, उपजिलाधिकारी चंपावत अनिल गर्ब्याल, टनकपुर हिमांशु कफलटिया, लोहाघाट आरसी गौतम, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 आर0पी0 खण्डूरी समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

विकास कार्यों को दी स्वीकृति
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने राज्य योजना के अंतर्गत जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र द्वाराहाट में विभिन्न 02 निर्माण कार्यों हेतु 5 करोड़ 13 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जनपद पिथौरागढ़ के तहसील धारचूला के अन्तर्गत 31 आपदा प्रभावित परिवारों के विस्थापन/पुनर्वास के लिए पुनर्वास नीति-2011 एवं संशोधित पुनर्वास नीति-2017 के प्रावधानान्तर्गत रू. 01 करोड़ 27 लाख 10 हजार की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही जनपद अल्मोड़ा के तहसील अल्मोड़ा के अन्तर्गत रैलाकोट के 04 आपदा प्रभावित परिवारों के विस्थापन/पुनर्वास हेतु रू. 16 लाख चालीस हजार की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अंतर्गत जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट में बंदरलीमा हड़खोला मोटर मार्ग के नव निर्माण कार्य के लिए 1 करोड़ 16 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।

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