June 16, 2021

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उत्तराखंडः सीएम ने किया तीन जिलों के अस्पतालों का निरीक्षण, टीकाकरण कक्षों में गए, दो गज की दूरी भी जरूरी

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शनिवार को चमोली, रुद्रप्रयाग और पौड़ी जिले के श्रीनगर में अस्पतालों का दौरा किया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शनिवार को चमोली, रुद्रप्रयाग और पौड़ी जिले के श्रीनगर में अस्पतालों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं को परखा। यहां तक तो ठीक है, लेकिन क्या टीकाकरण कक्ष में जब किसी को वैक्सीन दी जा रही हो, वहां घुसकर भीड़ मचाना क्या सुरक्षा के लिहाज से सही है। ये सवाल उत्तराखंड के सीएम को समझ क्यों नहीं आ रहा है। जिस कक्ष में सिर्फ टीका लगाने वाला और टीका लगवाने वाला होना चाहिए, वहां फोटो सेशन क्या जरूरी है। हर दिन ऐसी चिंताजनक फोटो आ रही हैं। ऐसे कक्ष में तो संक्रमण फैलने से रोकने के लिए जूते तक पहनकर जाना भी उचित नहीं रहता, लेकिन यहां हर दिन नेताओं की भीड़ जुट रही है। ऐसे मामलों में न ही चिकित्सकों की हिम्मत है कि वे समझाएं। असस्पतालों की व्यवस्था तो वैसे ही जांची जा सकती है। दूर से भी देखी जा सकती है। टीकाकरण कक्ष में घुसकर क्या देख रहे। किस मरीज को सुई लगने पर कितना दर्द हुआ?
अभी की लोकसाक्ष्य की ओर से अपील की जाती है कि संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील स्थल टीकाकरण कक्ष, आइसीयू आदि को तो दूर से ही देख लें। आप निरीक्षण करें। व्यवस्था देखें वो तो दूर से भी दिख जाएंगी। फिर आप एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में जाते हैं। ना जाने कितनों के संपर्क में आ रहे होंगे। हर बार नहाकर कपड़े भी नहीं बदल रहे होंगे। ऐसे में दो गज की दूरी के नियम भी कई जगह हवा हो रही है। ये खुद से ही सवाल कीजिए। फिर देखिये की दौरे के दौरान किस तरह के नियमों का पालन करें। जिससे कोई भय न हो।


श्रीनगर गढ़वाल में देखी व्यवस्थाएं
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण कार्यक्रम के तहत आज श्रीनगर पहुंचे। जहां उन्होने कोविड-19 से बचाव एवं रोकथाम के लिए जनपद गढ़वाल के कार्यो का जायजा लिया। उन्होने बेस अस्पताल श्रीकोट, श्रीनगर एवं बिड़ला परिसर श्रीनगर में स्थापित 18 से 44 आयु वर्ग हेतु कोविड वैक्सीनेशन सेंटर का स्थलीय निरीक्षण किया। तत्पश्चात मेडिकल कालेज के सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक ली।
मुख्यमंत्री ने बिड़ला परिसर श्रीनगर में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के लिए बनाये गये वैक्सीनेशन सेंटर में प्रतीक्षालय, टीकाकरण व ऑब्जर्वेशन कक्ष आदि का निरीक्षण किया। सेंटर में तैनात अधिकारियों को गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। कहा कि टीकाकरण को लेकर आम जनमानस को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। समुचित सुविधा सुगम बनाये रखेगें। उन्होंने वहां टीका लगवाने आये लाभार्थियों से बातचीत कर उनका हाल चाल जाना।
मुख्यमंत्री ने बेस अस्पताल श्रीकोट, श्रीनगर बेस में फायर फाइटिंग कक्ष, ऑक्सीजन प्लांट, निर्माणाधीन आईसीयू कक्ष, कोविड कंट्रोल रूम आदि का निरीक्षण किया। दौरान उन्होंने जिलाधिकारी को निर्माणाधीन 30 बेड आईसीयू कक्षों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करना को कहा। अस्पताल परिसर में संचालित ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण करते हुए कहा कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन है।
मुख्यमंत्री ने सीसीटीवी के माध्यम से समस्त वार्डों में भर्ती कोविड के मरीजों का हालचाल जाना। कोविड कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारी से प्रतिदिन आने वाली फोन कॉल की जानकारी लेते हुए, कोविड वार्ड में भर्ती रोगियों की डेटा सुरक्षित रखने तथा कंट्रोल रूम में 24 घंटे शिफ्ट वाइज कर्मचारियों की तैनाती बनाये रखने के निर्देश दिये। साथ ही सम्बन्धित अधिकारी को निर्देश दिया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए भोजन, दवाई, मास्क, गल्फ़स, सेनेटाइजर सहित अन्य की समुचित व्यवस्था बनाये रखेंगे। मुख्यमंत्री ने ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस व एसडीआरएफ कर्मचारियों का हालचाल भी जाना। कहा कि कोविड संक्रमण से बचाव हेतु सावधानी बरतें।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिह रावत, जिलाधिकारी डा. विजय कुमार जोगदण्डे, बहुउद्देशीय सहकारी संघ अध्यक्ष/ भाजपा जिलाध्यक्ष संपत सिंह रावत, नगर पालिका अध्यक्ष पौड़ी यशपाल बेनाम, एसएसपी पी रेणुका देवी, प्राचार्य डॉ. सी एम एस रावत, सहित अन्य उपस्थित थे।


रुद्रप्रयाग में कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण
रुद्रप्रयाग- मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने शनिवार को जनपद में कोटेश्वर स्थित माधवाश्रम कोविड केयर सेंटर व जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों से यहां पर भर्ती कोविड मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड रोकथाम के लिए सभी संसाधन जुटाए जा रहे हैं। साथ ही कहा कि राज्य में ऑक्सीजन की कमी नही है। इसके लिए सभी जिलों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत करीब 11.30 बजे गुलाबराय हैलीपेड पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने कोटेश्वर माधवाश्रम कोविड सेंटर में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां तैनात चिकित्सकों को कोरोना संक्रमण के तहत जरूरी दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों से लगातार संवाद करते हुए उनकी निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कोविड नियंत्रण को लेकर कार्यवाही गतिमान है। डीआरडीओ के माध्यम से ऋषिकेश व हल्द्वानी में पांच-पांच सौ बेड के अस्पताल अगले कुछ दिनों में बनकर तैयार हो जाएंगे। समय-समय पर लोगों को कोरोना के प्रति जागरुक करने की बात करते हुए कहा कि इसके लिए आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से घर-घर कोविड किट पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। ताकि प्राथमिक स्तर पर ही उपचार संभव हो सके और चिकित्सालय आने की आवश्यकता न हो।


कहा कि पूरे प्रदेश में सैंपलिंग की संख्या को लगातार बढ़ाया जा रहा है। बताया कि बीते रोज ही केंद्र सरकार द्वारा सौ मैट्रिक टन ऑक्सीजन प्राप्त हुआ है। जिसे दोनों मंडलों में भेजने का कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन बेड, वैंटीलेटर, पीपीई किट एवं अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। बताया कि पिछले कुछ दिनों में 345 नए चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। पहली बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी चिकित्सकों को भेजा गया है। 18 से 45 वर्ष के सभी लोगों का निःशुल्क कोविड वैक्शीनेशन किया जा रहा है। जिसमें खर्च होने वाली राशि करीब चार सौ करोड़ रुपए का वहन सरकार द्वारा किया जाएगा। पूरे देश में निःशुल्क वैक्सीनेशन करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य है। उन्होंने सभी से वैक्शीनेशन करवाने की अपील की। साथ ही कहा कि सभी को अनिवार्य रूप से मास्क, सैनिटाइजर व सामाजिक दूरी का पालन करना होगा।
इस दौरान जिलाधिकारी मनुज गोयल ने मुख्यमंत्री को कोविड की रोकथाम के लिए जनपद में संचालित किए जा रहे कार्यों से अवगत कराते हुए कहा कि जनपद में वैक्सीनेशन का कार्य भी सुचारू रूप से चल रहा है। कोविड की रोकथाम के लिए अधिक से अधिक संख्या में सैंपलिंग लिए जा रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग गठित टीमों द्वारा गांव-गांव जाकर लोगों की सैंपलिंग ली जा रही है। साथ ही कोविड को लेकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। कोटेश्वर माधवाश्रम कोविड सेंटर का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। यहां पर वार्डों का निरीक्षण करते हुए भर्ती हुए मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, केदारनाथ विधायक मनोज रावत, जिलाध्यक्ष भाजपा दिनेश उनियाल, जिलाधिकारी मनुज गोयल, पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी बृजेश तिवारी, प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी मनविंदर कौर, कोविड सेंटर प्रभारी डा. डीबीएस. रावत, डा. नीतू तोमर, डा. आशुतोष सहित अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।


गोपेश्वर अस्पताल का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शनिवार को चमोली में जिला अस्पताल गोपेश्वर में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट और कोविड सेंटर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने अगले दो दिनों में आॅक्सीजन प्लांट स्टालेशन का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पीजी कालेज गोपेश्वर में 18 से 44 वर्ष के नागरिकों को कोविड-19 के बचाव हेतु चल रहे टीकाकरण कार्यक्रम का निरीक्षण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की रोकथाम के लिए सभी संशाधन जुटाए जा रहे है। इसके लिए धन की कोई कमी नही है। उन्होंने कहा कि राज्य में आक्सीजन की कमी न पहले थी और ना ही आगे रहेगी। राज्य में आक्सीजन की कमी न हो इसके लिए सभी जिलों में आक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे है। इसके अलावा बाहरी राज्यों से भी आॅक्सीजन की आपूर्ति सुचारु ढंग से हो रही है। कोविड के दृष्टिगत जहां पर जो भी आवश्यकता है उसको पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में 18 से 44 वर्ष के टीकाकरण कार्यक्रम में व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। इस दौरान वैक्सीनेशन केन्द्र में वैक्सीनेशन पंजीकरण कक्ष, वैक्सीनेशन कक्ष, आब्जर्वेशन कक्ष आदि व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वैकसीनेशन इस समय हमारी शीर्ष वरीयता है और हमारा प्रयास है कि कोई भी नागरिक टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 18 से 44 आयु वर्ग के नागरिकों को निःशुल्क वैक्सीन लगाने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए राज्य सरकार ने 400 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि विदेश से भी वैक्सीन मंगाने का काम किया जा रहा है और जल्द ही सभी लोगों का वैक्सीनेशन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त संख्या में आक्सीजन बेड, वैंटिलेंटर, पीपीई किट एवं अन्य संशाधन उपलब्ध है। डीआरडीओ की मदद से ऋषिकेष और हल्द्वानी में कोविड मरीजों के इलाज के लिए पांच पांच सौ बेड के अस्पताल बनाए जा रहे है। केन्द्र सरकार से भी राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होने कहा कि सरकार जनता को हर मुमकिन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटी है। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे मास्क पहने, अपने हाथों को बार बार धोंए तथा कोविड गाइडलाइन का अच्छे से पालन करें।


इस दौरान जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने मुख्यमंत्री को कोविड की रोकथाम के लिए जनपद  में संचालित कार्यो से अवगत कराया। बताया कि जिला अस्पताल गोपेश्वर में 200 एलपीएम क्षमता का आॅक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया है और एक दो दिन में इसको स्टाॅलेशन करने के बाद प्लांट से आक्सीजन जनरेशन का काम शुरू हो जाएगा। साथ ही जिले में वैक्सीनेशन का कार्य भी सुचारु ढंग से चल रहा है। भ्रमण के दौरान थराली विधायक मुन्नी देवी शाह, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, जिला सहाकारी बैक के अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह रावत, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे, एडीएम अनिल चन्याल, सीएमओ डा0 एमएस खाती आदि मौजूद थे।

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