June 16, 2021

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दिल्ली में 13 मई को 18 से 44 साल वालों को नहीं लगेगा को-वैक्सीन का टीका, दो से 18 साल वालों के टीके के परीक्षण को मंजूरी

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दिल्ली के युवाओं के लिए एक बुरी खबर ये है कि कल गुरुवार को किसी भी केंद्र में को वैक्सीन का टीकाकरण नहीं होगा। वहीं, दूसरी अच्छी खबर ये है कि दो से 18 साल तक के बच्चों को कोरोना टीका लगाने के लिए परीक्षण को भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है।

दिल्ली के युवाओं के लिए एक बुरी खबर ये है कि कल गुरुवार को किसी भी केंद्र में को वैक्सीन का टीकाकरण नहीं होगा। वहीं, दूसरी अच्छी खबर ये है कि दो से 18 साल तक के बच्चों को कोरोना टीका लगाने के लिए परीक्षण को भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है। यह परीक्षण दिल्ली व पटना के एम्स और नागपुर स्थित मेडिट्रिना चिकित्सा विज्ञान संस्थान समेत विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा।
दिल्ली में 18 साल और उससे अधिक 45 साल तक की उम्र वालों के लिए को वैक्सीन का टीकाकरण गुरुवार को नहीं होगा। इस आयु वर्ग के लिए पूरे देश में एक मई टीकाकरण की केंद्र सरकार ने घोषणा की थी। पहले दिन टीका उपलब्ध न होने के कारण अधिकांश राज्य इसे उस दिन शुरू नहीं कर पाए थे। अब इस टीकाकरण में भी संकट के बादल घिरने लगे हैं।
दिल्ली में दिल्ली में 18 साल से लेकर 44 साल के लिए गुरुवार से किसी भी सेंटर पर को-वैक्सीन का टीका नही लगेगा। को-वैक्सीन वाले वैक्सीनेशन सेंटर अस्थायी रूप से बन्द कर दिए जाएंगे। आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक आतिशी मर्लेना का कहना है कि केंद्र सरकार हस्तक्षेप करे और जल्द से जल्द को-वैक्सीन के साथ साथ कोविशील्ड की डोज भी मुहैया कराई जाए। उन्‍होंने कहा कि जिन्हें को-वैक्सीन की पहली डोज लगी है। उनके लिए को-वैक्सीन की दूसरी डोज अनिवार्य है। इसलिए केंद्र सरकार जल्द से जल्द वैक्सीन उपलब्ध करवाए।
बच्चों के लिए टीकाकरण के परीक्षण को मंजूरी
महामारी की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इसमें सबसे अधिक बच्चों के संक्रमित होने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए बड़ा कदम उठाया गया है। एक विशेषज्ञ समिति ने 2 से 18 आयुवर्ग के लिए भारत बायोटेक के कोविड वैक्सीन के दूसरे व तीसरे चरण के लिए परीक्षण की सिफारिश की थी, जिसे भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
कोरोना वैक्सीन से जुड़ी सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (एसईसी) ने मंगलवार को सिफारिश की थी कि भारत बायाटेक की कोवैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी देनी चाहिए, जोकि 2 से 18 साल तक के बच्चों पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह परीक्षण दिल्ली व पटना के एम्स और नागपुर स्थित मेडिट्रिना चिकित्सा विज्ञान संस्थान समेत विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा।
बता दें कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 विषय विशेषज्ञ समिति ने मंगलवार को भारत बायोटेक द्वारा किए गए उस आवेदन पर विचार-विमर्श किया, जिसमें उसके कोवैक्सीन टीके की दो साल से 18 साल के बच्चों में सुरक्षा और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने समेत अन्य चीजों का आकलन करने के लिए परीक्षण के दूसरे व तीसरे चरण की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था। एक सूत्र ने कहा कि कंपनी के आवेदन पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद समिति ने प्रस्तावित दूसरे व तीसरे चरण के परीक्षण की अनुमति दिए जाने की सिफारिश की थी।
भारत में अभी तक जिन दो कोविड वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। दोनों का 18 साल से लेकर इससे अधिक उम्र वाले लोगों को पर ही इनका क्लीनिकल ट्रायल किया गया है। भारत में सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड, भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को लोगों को लगाई जा रही हैं। ऐसे में तीसरी लहर की चेतावनी से पहले बच्चों पर ट्रायल को मंजूरी देना बड़ा फैसला माना जा रहा है।

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