June 16, 2021

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देवप्रयाग में बादल फटा, कई दुकान व मकान ध्वस्त, कर्फ्यू से बची जान, उत्तरकाशी में बादल फटने का फर्जी वीडियो वायरल

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टिहरी जिले के देवप्रयाग में बादल फटने से गदेरा उफान पर आ गया। इससे कई दुकानें और मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। गनीमत रही कि कोविड कर्फ्यू के चलते दुकानें बंद थी। इस कारण कोई जनहानि नहीं हुई।

उत्तराखंड में पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से पर्वतीय क्षेत्र सहित मैदानों में बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। वहीं, ऊंचाई वाले स्थानों में बर्फबारी का सिलसिला भी जारी है। पर्वतीय जिलों में बारिश आफत बनकर बरस रही है। टिहरी जिले के देवप्रयाग में बादल फटने से गदेरा उफान पर आ गया। इससे कई दुकानें और मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। शाम करीब पांच बजे दशरथ आंचल पर्वत पर बादल फटा। इससे शांता गदेरा उफान पर आ गया। मलबा आने से देवप्रयाग मुख्य बाजार में भी दस दुकानों को नुकसान हुआ है। उधर, उत्तरकाशी जिले में बादल फटने की घटना का  वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो की सत्यता का पता किया तो पता चला कि वीडियो पुराना है। जो दूसरे जनपद का है। उधर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ट्विट किया कि-अलकनंदा और भागीरथी नदियों के संगम स्थल देवप्रयाग में दैवीय आपदा की सूचना है। बताया गया है कि ऊंची पहाड़ी में बादल फटने से देवप्रयाग में कई दुकानें और आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। ईश्वर की कृपा है कि इस प्राकृतिक घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। मैंने जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचने और प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने के निर्देश दिए हैं। आपदा से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया है।

वही, संगम बाजार का रास्ता भी बंद हो गया है। जनहानि की अभी कोई सूचना नहीं है। आइटीआइ भवन भी ढेर हो गया। गनीमत रही कि कोविड कर्फ्यू के चलते दुकानें बंद थी। इस कारण कोई जनहानि नहीं हुई। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि अभी तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। फिलहाल, एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल की तरफ बढ़ रही है।


इससे पहले छह मई को बादल फटने से घनसाली और जाखणीधार ब्लॉक में काफी नुकसान हुआ था। कई हेक्टेयर जमीन तेज बहाव में बह गई, जबकि घनसाली बाजार में कई वाहन मलबे में दब गए। जंगलों में बादल फटने से स्थानीय नैलचामी गदेरे में जलस्तर बढ़ गया, जिससे ये नुकसान हुआ था।

फर्जी वीडियो वायरल, अधिकारी बोले पुराना
देवप्रयाग में बादल फटने की घटना से पहले ही आज शाम करीब साढ़े चार बजे सोशल मीडिया में एक नदी में बाढ़ का वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इसमें बताया गया कि उत्तरकाशी के बड़कोट क्षेत्र में बादल फटा है। ऐसे में उत्तरकाशी के पत्रकार भी परेशान हो गए। सोशल मीडिया में बनाए गए वहां के युवाओं के ग्रुप आपदा प्रबंधन जनमंच के माध्यम से पत्रकार ओंकार बहुगुणा ने उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल से ऐसे फेक वीडियो पर आपत्ति जताई।  साथ ही उनसे वस्तुस्थिति की जानकारी चाही। उन्होंने ऐसे वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की भी। इस पर आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि उत्तरकाशी में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। जो वीडियो वायरल हो रहा है, वो अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया का है। ये वीडियो भी काफी पुराना है।

एक सप्ताह से चल रहा बारिश का दौर

उत्तराखंड में पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से मौसम रंग बदल रहा है। पहाड़ों में बारिश, ओलावृष्टि के साथ ही मैदानी क्षेत्र में भी झमाझम बारिश हो रही है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक 12 और 13 मई की पर्वतीय क्षेत्र में भारी बारिश के साथ ही ओलावृष्टि भी होगी। साथ ही मैदानों में तेज हवाएं चलेंगी।
पिछले कुछ दिन से पहाड़ों में बारिश और ओलावृष्टि का क्रम बना रहा। जबकि, चोटियों पर हिमपात के भी कई दौर हुए। ऐसे में बादल फटने से भी चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी जनपद में भारी नुकसान हुआ। वहीं, बारिश के कारण आए मलबे ने भी भवनों को नुकसान पहुंचाया। आकाशीय बिजली गिरने से कई मवेशियों की भी जान गई। फिलहाल, ज्यादातर शहरों का तापमान भी सामान्य से कम बना हुआ है।
मंगलवार को अपराह्न तीन बजे के बाद से देहरादून के कई इलाकों में जोरदार बारिश का दौर चला। बारिश के दौरान मैदानी इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चली। इस बारिश से मौसम भी सुहावना हो गया है। लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली।

राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के मुताबिक 12 मई को राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गर्जन के साथ बिजली चमकने की भी संभावना है। कुछ पर्वतीय क्षेत्र में तेज बारिश भी हो सकती है। बताया कि गढ़वाल में उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, के साथ ही पिथौरागढ़ में बारिश होगी। वहीं, मैदानी इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 12 और 13 मई को ओरेंज अलर्ट जारी है।
उन्होंने बताया कि 13 मई को उत्तराखंड के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश गर्जन के साथ होगी। खासतौर पर कुमाऊं में अच्छी बारिश हो सकती है। इस दिन भी यलो अलर्ट जारी है। बागेश्वर, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली व पौड़ी जिले में कहीं कहीं भारी बारिश का भी अनुमान है। साथ ही गर्जन के साथ बिजली चमकेगी। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत जिले में कहीं कहीं ओलावृष्टि की संभावना है। मैदानी इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।
14 मई को यलो अलर्ट है। इस दिन राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने की भी संभावना है। ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी हो सकती है। वहीं, 15 मई से बारिश में कमी आएगी। पर्वतीय क्षेत्र में कही कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मैदानी क्षेत्र में मौसम शुष्क रहेगा।

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