May 16, 2021

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गजब का जज्बा, ऐसे पहुंचाई जा रही मदद, कहीं कर रहे संस्कार, चौंकाने वाली हैं कई घटनाएं, मित्र पुलिस तूझे सलाम

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कोरोनाकाल में उत्तराखंड पुलिस की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। मदद के लिए आ रही फोन कॉल पर पुलिस कर्मी एक्टिव हो रहे हैं और लोगों की सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं।


कोरोनाकाल में उत्तराखंड पुलिस की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। मदद के लिए आ रही फोन कॉल पर पुलिस कर्मी एक्टिव हो रहे हैं और लोगों की सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं। कोरोना संक्रमितों के घर पहुंचकर जान को जोखिम में डालना हो या फिर किसी का अंतिम संस्कार। यहां पुलिस भाई, बेटा आदि के सारे फर्ज निभा रही है। रक्तदान, प्लाज्मा दान की दिशा में भी पुलिस हर जरूरतमंद के साथ खड़ी नजर आ रही है। ये है पुलिस का मानवीय रूप। वहीं, नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त भी है।
पुलिस का सख्त रूप
देहरादून में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रूप अपनाया हुआ है। तब कानून का पाठ पढ़ाने में पुलिस पीछे नहीं है। देहरादून में ही तीन मई की सुबह से लेकर शाम सात बजे तक 1106 लोगों के चालान किए गए। इनमें बिना मास्क के कारण 122, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने के कारण, 1228 लोगों के चालान कर कुल 160100 रुपये का चालान वसूला गया। यही नहीं कोरोना कर्फ्यू के दौरान बेवजह घूमने पर कुल 143 वाहन सीज किए गए। 50 वाहनों का कोर्ट चालान किया गया।
बुजुर्ग का किया अंतिम संस्का
देहरादून में रायपुर पुलिस को सूचना मिली कि बालावाला निवासी 70 वर्षीय कोरोना पीड़ित बुजुर्ग की घर पर उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। परिजनों के उपलब्ध न होने पर पुलिस बुजुर्ग के घर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। एंबुलेंस मंगवा कर उक्त व्यक्ति के शव को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के पास शव ग्रह तक ले जाकर पुलिस ने अंतिम संस्कार किया।


एसआइ ने प्लाज्मा किया दान
आइएमए ब्लड बैंक से पुलिस के कोविड कंट्रोल रूम मे संजय रावत नाम के व्यक्ति का फोन आया। बताया कि जौलीग्रांट अस्पताल में मयंक (30 वर्ष) को ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव के प्लाज्मा की बहुत जरूरत है। इस पर साइबर सेल देहरादून के प्रभारी उप निरीक्षक नरेश सिंह राठौड़ ने आइएमए ब्लड बैंक पहुंचकर प्लाज्मा दान किया। मरीज को प्लाज्मा चढ़ाने से हालत में भी सुधार आ गया।


प्लाज्मा डोनेट को कराई रक्त जांच
पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कैंप में पुलिस कर्मियों ने प्लाज्मा डोनेट करने के लिए रक्त की जांच कराई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने कैंप का उद्घाटन किया। इस मौके पर पुलिस कर्मियों ने बढ़चढ़कर एंटी बॉडी टेस्ट कराया। ताकी जरूरत पढ़ने पर प्लाज्मा दान किया जा सके। बताया गया कि इस कैंप में कुल 34 पुलिस कर्मचारी व अधिकारियों ने रक्त के सैंपल दिए।


पुलिस ने शुरू की आकस्मिक वाहन सेवा
आकस्मिक स्थिति में कोरोना से ग्रसित मरीजों को अस्पताल तक ले जाने के लिए दून पुलिस ने आकस्मिक वाहन सेवा शुरू कर दी है। देहरादून के एसएसपी ने हरी झंडी दिखाकर इस सेवा का शुभारंभ किया। इस आकस्मिक वाहन का प्रयोग पुलिस से सहायता मांगने वाले लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने, कोरोना से संक्रमित किसी मरीज की उसके घर मे मृत्यु होने पर शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के लिए किया जाएगा।


किया फोन, तीन दिन से पड़ोसी नहीं आया नजर
रायपुर पुलिस को एक व्यक्ति ने फोन किया कि हिल व्यू अपार्टमेंट में एक फ्लैट पर रहने वाला व्यक्ति तीन दिन से घर से बाहर नहीं दिखा। दरवाजा भीतर से बंद है। इस पर पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़ा गया। भीतर एक व्यक्ति बाथरूम में गिरा मिला। आरके भार्गव नाम के व्यक्ति ने बताया कि वह अकेले रहते हैं। तीन दिन पहले बाथरूम में फिसल कर गिर गए थे। तब से उठ नहीं पाए। पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया गया तो बडा लड़का अहमदाबाद में, छोटे बेटे ने दिल्ली में होने के कारण आने में असमर्थता जताई। इस पर पुलिस टीम ने एम्बुलेंस बुलाकर पीड़ित को PHC रायपुर में भर्ती कराया। वर्तमान में स्वास्थ्य में सुधार है।


बुजुर्ग महिला का कराया आरटी-पीसीआर टेस्ट
कैंट पुलिस को महिला का फोन आया कि केनाल रोड नियर सुविधा स्टोर के पास दो बुजुर्ग दंपती रहते हैं। उनकी तबीयत खराब है। वे चल फिर नहीं सकते हैं। फोन करने वाले ने उसका कोविड टेस्ट करवाने का अनुरोध किया। इस सूचना पर पुलिस ने उनका घर पर ही आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाया। इसके अलावा स्ट्रीट नंबर 10 में कोरोना से संक्रमित एक परिवार को पुलिस ने दवाई पहुंचाई।
कैंसर मरीज को जोशीमठ पहुंचाई दवा
बसंत विहार पुलिस को फोन आया कि जोशीमठ में पीड़ित व्यक्ति को पुलिस सहायता की आवश्यकता है। पीड़ित व्यक्ति पुष्कर लाल से टेलिफोनिक वार्ता कर जानकारी की गई तो उनका पुत्र कैंसर किमो फिलिया संबंधित बीमारी से ग्रसित था। इंजेक्शन और दवाई की अति आवश्यकता बताई गई। ये दवा चमोली जिले के मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में उनके बेटे अभय को अत्यधिक ब्लीडिंग हो रही है। 12 घंटे के भीतर इंजेक्शन ना मिले तो जान भी जा सकती है। इस सूचना पर मेडिकल स्प्लायर से संपर्क कर उक्त इंजेशन व दवाई आराघर क्षेत्र से उपलब्ध कराई गई। इस दवा को समाचार पत्र के वाहन से गत रात चमोली जिले के जोशीमठ में भिजवाया गया।
महिला को अस्पताल में भर्ती कराया
इसी प्रकार थाना बसंत विहार पर उपस्थित एक महिला सोनिया निवासी डोईवाला ने सूचना दी की उनकी माता श्रीमती गीता अग्रवाल (52 वर्ष) पिछले काफी दिनों से तेज बुखार व खांसी से ग्रसित है। सांस लेने में दिक्कत हो रही है। अस्पताल में कही पर भी बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। अस्पताल में भर्ती कराने के लिए पुलिस से सहायता मांगी। इस पर पुलिस ने पीड़ित महिला को जीएमएस रोड स्थित प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने के साथ ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराई। वह अब खतरे से बाहर है।


घर पहुंचाया राशन
नेहरू कालोनी पुलिस को सीतापुरी पत्नी गगन व पिंकी पत्नी नवीन चंद निवासीगण एमडीडीए कॉलोनी केदार पुरम डिफेंस कॉलोनी देहरादून ने सूचना दी कि घर पर राशन व दूध नहीं है। इस पर पुलिस ने राशन और दूध की व्यवस्था कर उक्त महिलाओं के घर पर मदद पहुंचाई।


घर पहुंचाई ऑक्सीजन
कोतवाली विकासनगर पुलिस को सूचना मिली कि एचडीजी प्रकाश निवासी गुरुद्वारा गली विकासनगर देहरादून व डॉ. हरिराम सकलानी निवासी बाबूगढ़ को सांस लेने में बहुत समस्या हो रही है। उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है। इस पर पुलिस ने दोनों के घर ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाए।

नेहरू कालोनी पुलिस ने ऑक्सीजन
नेहरू कालोनी पुलिस को हुकम सिंह परमार निवासी लेन नंबर 4 सृष्टि बिहार ने सूचना दी की उनके बेटे भरत परमार (42 वर्ष) कोरोना से संक्रमित हैं। उनका ऑक्सीजन लेवल अचानक घट चुका है। अति शीघ्र ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता है। काफी प्रयास के बाद भी उनको कहीं से उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस पर पुलिस ने किट सहित सिलेंडर की व्यवस्था कर उनके घर तक पहुंचाया।


महिला तक पहुंचाई ऑक्सीजन
विकासनगर पुलिस को नवनीत (हैप्पी) ने सूचना दी कि अनिता पत्नी कालिदास निवासी बालुवाला थाना सहसपुर देहरादून को सांस लेने में बहुत दिक्कत हो रही है।उनको ऑक्सीजन सिलेंडर की तुरंत आवश्यकता है। इस सूचना पर पुलिस ने उसके घर पर ऑक्सीजन पहुंचाई।


रोते हुए चौकी पहुंची महिला
कोतवाली डालनवाला के अंतर्गत आराघर चौकी पर एक महिला निशा वर्मा पुत्री स्व. रमेश चंद्र निवासी 98 संजय कालोनी मोहिनी रोड रोते हुए पहुंची। बताया कि उसकी मां की तबीयत बहुत खराब है। उनका इएसआइ का कार्ड है। कार्यालय उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, कर्मचारी राज्य बीमा इएसआइ औषधालय देहरादून के डॉक्टर डॉक्टर उनकी मां का सिटी स्कैन नहीं करवा रहे हैं। ना ही उनको किसी अन्य हॉस्पिटल में रेफर कर रहे हैं। इसलिए परेशान होकर वह पुलिस की शरण में आई। मामला दूसरे थाने नेहरू कॉलोनी का होते हुए भी पुलिस ने उक्त महिला की परेशानी को देखते हुए मौके पर गई। साथ ही चिकित्सक के विनती की। चिकित्सक का कहना था कि यह महिला हम पर अग्रेसिव हो रही थी। तब पुलिस ने समझाया कि कोविड़ कर्फ्यू के दौरान लोग बहुत परेशान हैं और अपना आत्म नियंत्रण खो दे रहे हैं। पुलिस और डॉक्टरों को बड़े धैर्य से काम लेना है। इस पर चिकित्सक ने उक्त महिला की माता को हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया।


डोईवाला पुलिस ने मरीज तक पहुंचाई ऑक्सीजन
डोईवाला कोतवाली में गुरप्रीत सिंह पुत्र स्व सरदार जगजीत सिंह निवासी प्रेमनगर बाजार डोईवाला ने बताया कि उनकी माताजी मलकीत कौर (70 वर्ष) कोरोना पाजिटिव हैं। उनका ऑक्सीजन का स्तर कम हो रहा है। उनको सांस लेने में समस्या हो रही है। उनको आक्सीजन सलेंडर की आवश्यकता है। इस पर पुलिस ने उन्हें ऑक्सीजन का सिलेंडर उपलब्ध कराया।


सीनियर सिटीजन की मदद
नेहरू कालोनी पुलिस को सिनीटर सिटीजन जसवीर सिंह राणा निवासी 39 धरमपुर देहरादून ने सूचना दी कि उनका स्वास्थ्य बहुत खराब है। आक्सीजन की आवश्यकता है। इस सूचना पर पुलिस ने एक आक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कर जसवीर राणा के घर पर पहुंचाया।


दवा पहुंचाकर की गई मदद
नेहरू कालोनी पुलिस को आशीष सिंह निवासी धर्मपुर डांडा देहरादूनने सूचना दी कि घर पर लोग बीमार हैं। दवाइयों की अति आवश्यकता है। लॉकडाउन की वजह से कोई उनकी सहायता नहीं कर पा रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने पीड़ित पुरुष से दवाई के सम्बंध में पूछताछ की। मेडिकल स्टोर नेहरू कॉलोनी से दवा लेकर घर तक पहुंचा दी।

2 thoughts on “गजब का जज्बा, ऐसे पहुंचाई जा रही मदद, कहीं कर रहे संस्कार, चौंकाने वाली हैं कई घटनाएं, मित्र पुलिस तूझे सलाम

  1. Jo bhi log ground par hai. Wo log sab madat kar rahe hai.
    Kyuki wo jante hai ki haalat naazuk hai.
    Lekin jo log satta ke nashe me hai. Unn tak shayad ground report pahunch he nahi rahi ya wo ansunna kar rahe hai.

  2. Salaam hai aese jawaano ka.
    Salaam hai aisi hai journalism ka.
    Aap log acha kaam karte rahe.
    Ek din aap log jeet jayenge aur Satta ka nasha haar jaega.

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