May 16, 2021

Lok Saakshya

Jan Jan Ki Awaj

कोरोना संक्रमण की जांच को बेवजह सीटी स्कैन से बचें, हो सकता है कैंसरः एम्स प्रमुख रणदीप गुलेरिया

1 min read
अब चौंकाने वाली बात सामने आई है। बेजह और बार-बार सीटी स्कैन से कैंसर का बहुत ज्यादा खतरा रहता है।

भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर के बीच कई बार एनटीपीसीआर रिपोर्ट से भी कोरोना की पहचान नहीं हो रही है। ऐसे में लोग सीटी स्कैन की तरफ भाग रहे हैं। वहीं, अब चौंकाने वाली बात सामने आई है। बेजह और बार-बार सीटी स्कैन से कैंसर का बहुत ज्यादा खतरा रहता है। ये बात एम्स प्रमुख रणदीप गुलेरिया कह रहे हैं। उन्होंने सलाह दी है कि बेवजह सीटी स्कैन से जितना बचा जाए, उतना बेहतर है।
भारत में कोरोना कहर बरपा रहा है। पिछले कई दिनों से रोजाना तीन लाख से ज्यादा नए मामले आ रहे हैं। कोरोना लोगों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहा है, जिसके चलते पैनिक होकर बड़ी संख्या में लोग सीटी-स्कैन करा रहे हैं। इस बीच एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि बहुत ज्यादा लोग CT-स्कैन करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोविड के माइल्ड (हल्के) लक्षण हैं, घर पर हैं और सैचुरेशन ठीक है तो सीटी स्कैन से फायदा नहीं है। कुछ पैचेज आएंगे। इसका फायदा नहीं नुकसान ज्यादा है।
चार सौ एक्सरे टेस्ट के बराबर एक सीटी स्कैन, रिस्क ज्यादा
एम्स निदेशक ने कहा कि एक सीटी स्कैन 300-400 चेस्ट एक्सरे के बराबर है। बार-बार सीटी स्कैन करवाने पर कैंसर का रिस्क होता है। अगर सिम्पटम नहीं है, पहले चेस्ट एक्सरे कराने के बाद अगर जरूरत हो और अगर हॉस्पिटल में हों तो सीटी स्कैन कराएं। बायोमार्कर और सीटी स्कैन डॉक्टर की सलाह से ही कराएं।
कर रहे हैं बड़ी गलती
उन्होंने कहा कि कुछ लोग हर तीन दिन में सीटी स्कैन करा रहे हैं। उन्हें बाद में दिक्कत हो सकती है। माइल्ड में सीटी स्कैन और बायो मार्कर न कराएं। बायोमार्कर से ऐसा नहीं कि पता चले की बीमारी बढ़ी हुई है। गुलेरिया ने कहा कि शुरुआती दौर में स्टेरॉयड नहीं लेना चाहिए। मॉडरेट लक्षण में स्टेरॉयड की जरूरत होती है। माइल्ड में स्टेरॉयड नहीं लेना चाहिए।
देश में कोरोनावायरस के सोमवार को 3.68 लाख नए मामले दर्ज किए है। पिछले 24 घंटे में 3400 से ज्यादा लोगों की घातक वायरस की वजह से जान गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, जिन राज्यों से कोविड-19 के अधिकांश मामले सामने आ रहे हैं उनमें- महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत अन्य शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *