April 14, 2021

Lok Saakshya

Jan Jan Ki Awaj

देहरादून में दो छात्रों ने लगाई फांसी, एक ले रहा था कंप्यूटर कोचिंग, दूसरा साक्या सेंटर का छात्र, साक्या का रहा विवादों से नाता, जानिए

1 min read
देहरादून में दो छात्रों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों मामले अलग-अलग स्थानों के हैं। एक छात्र टिहरी जिले से यहां आकर कंप्यूटर की कोचिंग ले रहा था। वहीं, दूसरा छात्र नेपाल मूल का है, जो साक्या सेंटर में रह रहा था।


देहरादून में दो छात्रों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों मामले अलग-अलग स्थानों के हैं। एक छात्र टिहरी जिले से यहां आकर कंप्यूटर की कोचिंग ले रहा था। वहीं, दूसरा छात्र नेपाल मूल का है, जो साक्या सेंटर में रह रहा था। दोनों मामलों में आत्महत्या की वजह पता नहीं चल पाई है।
बसंत विहार पुलिस के मुताबिक गत शाम इन्द्रानगर मे एक युवक के फांसी लगाने की सूचना मिली। मौके पर जाकर देखा तो मकान के प्रथम तल पर कीचन की टीन की छत पर लगे लोहे की एंगल में युवक चुन्नी के सहारे फांसी पर लटका मिला। उसे नीचे उतारकर 108 एम्बुलेंस के माध्यम से दून अस्पताल भिजवाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक मृतक अंकित चौहान (23 वर्ष) पुत्र गबर सिंह चौहान निवासी ग्राम जामरी पोस्ट राणाकोट थाना देवप्रयाग टिहरी यहां किराए के मकान में रह रहा था। मकान मालिक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया गया कि अंकित चौहान पिछले दो वर्षों से किराये पर रह रहा था। पहले उसके साथ बहन भी रहती थी। माह अक्टूबर 2020 मे बहन की शादी हो गई। वह अकेला रहकर कम्प्यूटर की कोचिंग ले रहा था।
मकान मालिक ने बताया कि अंकित चौहान अधिकतर अपनी पढाई पर ही ध्यान केन्द्रित करता था और बहुत कम ही घर से बाहर निकलता था। पुलिस के मुताबिक युवक के परिजनो से संपर्क करने पर पता चला कि शाम को अंकित चौहान से बात करने के लिए परिजनों ने फोन मिलाया, लेकिन फोन नहीं उठा। इस पर परिजनो ने मकान मालिक को फोन किया। इस पर मकान मालिक ने प्रथम तल पर जाकर देखा तो अंकित चौहान के कमरे का दरवाजा बिना लॉक किए बंद था। कमरे मे अंकित के न मिलने पर कीचन मे जाकर देखा तो वह चुन्नी के सहारे फंदे पर लटका हुआ था।
उधर, राजपुर थाने में गत रात सूचना मिली कि साक्या सेंटर मे अध्ययनरत एक युवक ने फांसी लगा ली है। मौके पर पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लिया। युवक की पहचान कुन्गा तेफिन (25 वर्ष) पुत्र श्री सैन्गपो निवासी संकाया सेन्टर राजपुर देहरादून मूल निवासी नेपाल के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ करने पर पता चला कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ था। वह सेंटर में ही अध्ययनरत था। मौके पर कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। प्रथम दृष्टया आत्महत्या किया जाना प्रतीत है। शव को सुरक्षा व स्थिति के दृष्टिगत कोरोनेशन अस्पताल मोर्चरी में रखवाया गया है। मृतक के परिवारजनों को सूचित कर दिया गया है।

विवाद से रहा नाता
साक्या एकेडमी का पहले भी विवाद से नाता रहा है। अक्टूबर 2020 में साक्या एकेडमी में पहले नेपाल के कुछ छात्रों के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। बताया गया था कि यहां के 47 बच्चों ने नेपाल जाने के लिए एकसाथ आवेदन किया था। आरोप है कि इस पर एक शिक्षक ने गुस्से में आकर कुछ छात्रों की पिटाई कर दी थी। इनमें से सात बच्चे एकेडमी प्रबंधन को बिना बताए गुपचुप ढंग से भाग गए थे। पिटाई से जख्मी बच्चों के फोटो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गए थे। ये फोटो और घटना की सूचना नेपाल तक पहुंच गई थी।
इसी बीच देहरादून के पुरकुल स्थित मठ (साक्या एकेडमी) के एक शिक्षक ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। उनका शव एकेडमी परिसर स्थित उनके कमरे में फंदे से लटकता हुआ मिला था। आत्महत्या करने वाले शिक्षक लुआंग लेखफा मूल रूप से नेपाल के रहने वाले थे और वह एकेडमी में बौद्ध शास्त्र पढ़ाते थे। वह तीन साल से एकेडमी में सेवाएं दे रहे थे। मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था।
सुसाइड नोट में जताया पछतावा
पुलिस को मौके से जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें शिक्षक ने एकेडमी से कुछ छात्रों के मारपीट में चोटिल होने के फोटो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने का जिक्र है। सुसाइड नोट में लिखा था कि एकेडमी के मुख्य गुरुजी ने फोटो वायरल होने पर नाराजगी जताते हुए समूचे स्टाफ को अपने मोबाइल फोन जमा करने को कहा था, लेकिन लेखफा अपना फोन जमा नहीं कर पाए। पुलिस के मुताबिक सुसाइड नोट में लेखफा ने इस पर पछतावा जताते हुए गुरुजी की बदनामी होने का जिक्र किया है। इससे यह माना जा रहा है किसी न किसी रूप में इस घटना का छात्रों के पिटाई प्रकरण से वास्ता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *