April 14, 2021

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उत्तराखंड में भाजपा सरकार के चार साल पर कांग्रेस उपाध्यक्ष धस्माना ने गिनाई नाकामियां

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उत्तराखंड में भाजपा सरकार के चार साल पूरे होने पर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सरकार की नाकामियां गिनाईं।

उत्तराखंड में भाजपा सरकार के चार साल आज पूरे हो गए हैं। पहले सरकार के जश्न मनाने की तैयारी थी। इसके नौ दिन पहले ही नेतृत्व परिवर्तन होने के बाद नए सीएम तीरथ सिंह रावत ने इस दिन के कार्यक्रम को निरस्त करते हुए अब अपने सौ दिन के कार्यकाल पर जश्न का निर्णय किया। वहीं, कांग्रेस ने सरकार के चार साल को नाकामियों के साल बताए। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भाजपा सरकार पर कड़े हमले किए।
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि आज 18 मार्च को चार वर्ष पूर्व उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी सत्तारूढ़ हुई थी। राज्य की जनता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं व राज्य भाजापा के तमाम लोक लुभावन वादों व आश्वासनों के झांसे में आ कर उत्तराखंड में भाजापा को प्रचंड बहुमत देते हुए 57 विधायक दिए। राज्य की जनता चार वर्षों से उन तमाम वादों व नारों के पूरा होने का इंतजार करती रही जो 2017 में भाजापा ने उनसे किये थे। बीते चार वर्षों में वो वायदे पूरे होने तो दूर राज्य बदहाली की तरफ अग्रसर होता रहा।
उन्होंने कहा कि आज जब इस जनविरोधी भाजापा सरकार के चार वर्ष पूरे हो रहे हैं। तब प्रदेश कांग्रेस की ओर से इनकी प्रमुख आसफलताओं को जनता के बीच ले जाया जा रहा है। जिन पर हम लगातार चार वर्षों से आवाज उठाते आये हैं व संघर्ष कर रहे हैं। सूर्यकांत धस्माना ने चार वर्षों में भाजापा सरकार की प्रमुख विफलताओं के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि “भाजापा सरकार के चार साल राज्य हुआ बदहाल”।
उन्होंने ये गिनाई नाकामियां
1 राज्य में बेरोजगारी दर 26 प्रतिशत पहुंची जो देश में सर्वाधिक है।
2 राज्य में पहली बार 17 किसानों ने कर्ज़ से परेशान हो कर आत्महत्या की, जबकि प्रधानमंत्री ने चुनावों में घोषणा की थी कि डबल इंजन सरकार बनने पर कर्ज माफ किया जाएगा, जो नहीं हुआ।
3 राज्य में आज तक लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं हुई, जिसका 100 दिन में नियुक्ति का वायदा किया गया था।
4 राज्य में अवैध खनन अवैध शराब का धनदा खुलेआम हो रहा है व अपराध चरम पर है।
5 राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध व हिंसा के मामले चरम पर हैं। भाजपा के एक विधायक व एक संघठन के नेता पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के मामलों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
6 राज्य में विकास का पहिया पूरी तरह से ठप्प।
7. 22000 उपनल कर्मचारी हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार उनकी न्यायोचित मांग नहीं मान रही।
8 राज्य की आर्थिक हालात खराब है व राजकोषीय घाटा 14 प्रतिशत व कर्ज पचास हजार करोड़ से ज्यादा हो गया है, अनेक विभागों में वेतन के लाले पड़े हैं।
9 राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं जर्जर हो चुकी हैं व सरकार अब सीएचसी व पीएचसी भी पीपीपी मोड पर दे रही है।
10 पहली बार राज्य की महिलाओं के ऊपर भराड़ीसैण में वाटर कैनन का इस्तेमाल व लाठी चार्ज किया गया।
11 राज्य में कोरोना काल में 1700 से ज्यादा लोगों की मौत व 1 लाख से अधिक लोग संक्रमित, राज्य सरकार द्वारा नागरिकों की कोई सहायता नहीं।
12 राज्य में पीडीएस प्रणाली ध्वस्त , राशन की चीनी व मिट्टी तेल बंद किया गया।
13 महंगाई से आम आदमी त्राहिमाम कर रहा। पेट्रोल डीजल रसोई गैस के दामों में ऐतिहासिक बढ़ौतरी हुई है। आज राज्य में जनता में भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है। जनता राज्य में बदलाव का मन बना चुके हैं और प्रदेश में कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनावों में 2022 में सत्ता सौंपने जा रही है।

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