April 14, 2021

Lok Saakshya

Jan Jan Ki Awaj

बैंक कर्मियों की हड़तालः ट्रेड यूनियनों ने जलाया केंद्र का पुतला, प्रदेश में चार हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित, एटीएम खाली

1 min read
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फेडरेशन आफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू ) के आह्वान पर बैंक कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। देहरादून में बैंक कर्मियों ने दूसरे दिन भी रैली निकाली।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फेडरेशन आफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू ) के आह्वान पर बैंक कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। देहरादून में बैंक कर्मियों ने दूसरे दिन भी रैली निकाली। साथ ही प्रदर्शन के जरिए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों का कड़ा विरोध किया। बैंकों की नौ यूनियनें इस हड़ताल में शामिल हो रही हैं। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के 12 बैंक इस हड़ताल से प्रभावित हैं। हड़ताल के चलते अधिकांश बैंकों के एटीएम खाली हो चुके हैं। इससे लोग भी परेशान रहे। हड़ताल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में है। इनमें ऐसे बैंक शामिल हैं, जहां सरकारी शेयर 51 से 90 फीसद तक है। उत्तराखंड में ही दो दिन की हड़ताल के चलते करीब चार हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित होगा। इसमें क्लियरिंग, एटीएम, डिपोडिट व ऋण संबधि कार्य हैं। इसमें ये भी गौर करने वाली बात है कि बैंक कर्मियों की हड़ताल के दौरान उन्हें वेतन नहीं मिलता है। ऐसे में बैंक कर्मियों को भी दो दिन का वेतन कटेगा।
बैंकों की हड़ताल में अवार्ड स्टाफ (संदेशवाहक, सफाईकर्मी, रिकॉर्ड कीपर एवं सभी क्लेरिकल कैडर के कर्मचारी, सिक्युरिटी स्टाफ को छोड़कर) एवं स्केल-1 से लेकर स्केल – 5 तक के अधिकारी-यूनियनों के सभी अधिकारी हर बार की तरह इस बार भी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि पूरे देश भर में करीब दस लाख कर्मचारी हड़ताल पर हैं। वहीं, उत्तराखंड में इनकी संख्या करीब दस हजार है।
यूएफबीयू के उत्तराखंड संयोजक समदर्शी बड़थ्वाल ने बताया कि सरकार की ओर से बैंकों के निजीकरण करने संबंधी फैसले का यूएफबीयू समूचे देश में विरोध कर रही है। दो दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन भी देहरादून में प्रातः 10.00 बजे सेंट्रल बैंक की एस्लेहाल शाखा से शहर में जुलूस निकाला गया। ये जुलूस एस्लेहाल से प्रारम्भ होकर गांधी पार्क, कुमार स्वीट शॉप से होते हुए घंटाघर से वापिस होकर इसी मार्ग से पुनः ऐस्लेहाल पहुंचकर समाप्त हुआ। इनमें कई कर्मचारी काली कमीज या जैकेट पहनकर जुलूस में शामिल हुए।
सभा में निजीकरण का किया विरोध
रैली के बाद एस्लेहाल में प्रदर्शन किया गया। उस दौरान सभा आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को पूंजीपतियों के हाथों में सौपने की साजिश की जा रही है। उन्होंने इसे आम जनता की गाढ़ी कमाई को निजी हाथों में लूटने देने की साजिश बताया। कहा कि विगत इतिहास में निजी बैंकों के डूबने से जनता की गाढ़ी कमाई पर पहले भी डाका डाला गया है। वहीं, सरकारी बैंकों ने पिछले छै वर्षों में औसतन डेढ़ से दो लाख करोड़ का ऑपरेटिंग लाभ कमाकर जनहितों के लिए सरकार को दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ही पिछले केवल चार वर्षों में ही लगभग आठ लाख करोड़ का डूबत लोन बट्टे खाते में डालकर कॉरपोरेट घरानों का इसमें से अधिकांश हिस्सा माफ करने में लगा दिया है।


 संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति ने दिया समर्थन सरकार का पुतला जलाया
उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति ने बैंक कर्मचारियों के नीजिकरण के खिलाफ दो दिवसीय हड़ताल का समर्थन करते हुए केन्द्र के नीजिकरण के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर देहरादून के घंटाघर पर केन्द्र सरकार का पुतला दहन किया तथा नीजिकरण वापस लेने की मांग की। इस अवसर पर सीटू , एटक, इंटक, एकटू ने संयुक्त रूप से विरोध किया। इस अवसर पर सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज, इंटक के प्रांतीय अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट, एटक के प्रांतीय महामंत्री अशोक शर्मा, एकटू के केपी चंदोला सहित नेगी, एपी अमोली, समर भंडारी, अनन्त आकाश, एसएफआई के प्रांतीय अध्यक्ष नितिन मलेठा, हिमांशु चौहान, गगन काकड़, ईश्वर पाल, भगवंत पयाल, रविन्द्र नौडियाल, माम् चंद, नंदला , नरेंद्र सिंह, रेबेका आदि बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस अवसर पर हड़ताली बैंक कर्मियों को सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज, इंटक के प्रांतीय अध्यक्ष व पूर्व केबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, ऐटक के उपाध्यक्ष समर भंडारी ने समर्थन में सम्बोधित किया।
प्रदर्शन में शामिल बैंक कर्मचारी व अधिकाकारी
समदर्शी बड़थ्वाल, अनिल जैन, पी आर कुकरेती, राजन पुंडीर, सी के जोशी, टी पी शर्मा, वी के जोशी, आर पी शर्मा, करण रावत, विनय शर्मा, एस एस रजवार, एल एम बडोनी, आर के गैरोला, डी एन उनियाल, कमल तोमर, डी एस तोमर, विकास संगारी, राकेश चन्द्र उनियाल, नवीन नेगी, कुंदन रावत, ओ पी मौर्य, एकता गुलाटी, दीपशिख, वी के बहुगुणा, कैलाश जुयाल, निशान्त शर्मा, प्रवीण जॉली, आनन्द रावत, सौरभ पुंडीर, अनिल शर्मा, इला शर्मा, साक्षी खुराना, पूनम खरे, कल्पना, रुचिका सुयाल, इला शर्मा, साक्षी खुराना, पूनम खरे, कल्पना, रुचिका सुयाल।
ये बैंक हैं बंद
1. State Bank of India,
2. Bank of Baroda
3. Punjab National Bank,
4. Canara Bank,
5. Union Bank of India,
6. Indian Bank
7. Indian Overseas Bank,
8. UCO Bank,
9. Bank of Maharashtra
10. Punjab and Sind Bank,
11.Central Bank Of India
12. Bank of India
ये यूनियन हैं शामिल
NCBE (workmen employees unions)
AIBEA (workmen employees unions)
BEFI (workmen employees unions)
NOBW (workmen employees unions)
INBEF (workmen employees unions)
AIBOC (officers unions)
AIBOA (officers unions)
NOBO (officers unions)
INBOC (officers unions)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *