April 14, 2021

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उत्तराखंडः इधर सीएम बने तीरथ, उधर कांग्रेस नेता ने मांगा लोस का टिकट, दो लाख वोट से जीतने का दावा, जाने राजनितिक दलों की प्रतिक्रिया

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उत्तराखंड में भाजपा नेता एवं गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत को नया मुख्यमंत्री बनाने पर विपक्षी दलों ने कहा कि भले ही भाजपा चेहरा बदल ले, लेकिन उसे हार से कोई नहीं बचा सकता है।

उत्तराखंड में भाजपा नेता एवं गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत को नया मुख्यमंत्री बनाने पर विपक्षी दलों ने कहा कि भले ही भाजपा चेहरा बदल ले, लेकिन उसे हार से कोई नहीं बचा सकता है। वहीं, कांग्रेस के एक नेता ने दावा कर दिया कि यदि उन्हें रिक्त हो रही पौड़ी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाया गया तो वे दो लाख वोट से जीत दर्ज करेंगे। तीरथ सिंह रावत पौड़ी संसदीय सीट से लोकसभा सदस्य हैं। ऐसे में उनके मुख्यमंत्री बनते ही एक कांग्रेसी नेता ने इस सीट पर सबसे पहले टिकट का दावा ठोक दिया। वहीं, कांग्रेसी इसे लेकर चटखारे ले रहे हैं।

उत्तराखंड का राजनीतिक घटनाक्रम
गौरतलब है कि छह मार्च को केंद्रीय पर्यवेक्षक वरिष्ठ भाजपा नेता व छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह देहरादून आए थे। उन्होंने भाजपा कोर कमेटी की बैठक के बाद फीडबैक लिया था। इसके बाद उत्तराखंड में आगामी चुनावों के मद्देनजर मुख्यमंत्री बदलने का फैसला केंद्रीय नेताओं ने लिया था। इसके बाद मंगलवार नौ मार्च को त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं, आज भाजपा की विधानमंडल दल की बैठक में तीरथ सिंह रावत को नया नेता चुना गया। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल के पास जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। आज शाम चार बजे उन्होंने एक सादे समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की।

लोकसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को हराने का दावा 
भाजपा की ओर से सीएम बदलने पर उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी। साथ ही उन्होंने कहा कि गढ़वाल में अब लोकसभा का उपचुनाव होगा। पार्टी हाईकमान अगर मुझे मौका देगा तो मैं यह चुनाव अवश्य लड़ूंगा। साथ ही दावा किया कि कम से कम 200000 वोटों से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को हराऊंगा। यही मेरा नया संकल्प है।
त्रिवेंद्र हो या तीरथ कोई फर्क नहींः प्रीतम सिंह
उत्तराखंड में अप्रत्याशित नेतृत्व परिवर्तन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक नौटंकी करार देते हुए इसे जनता के साथ भद्दा मजाक बताया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य विधानसभा का बजट सत्र तय अवधि से घटा कर आनन फानन बजट सत्र स्थगित कर मुख्यमंत्री को जिस तरह से दिल्ली तलब किया गया व उसके बाद जो नौटंकी पिछले चार दिनों से राज्य में चली और आज जैसे इसका पटाक्षेप हुआ। उससे जनता समझ गई है कि भाजापा को राज्य की जनता की चिंता नहीं, बल्कि चुनावों की चिंता है।
प्रीतम सिंह ने कहा कि बीजीपी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उत्तराखंड की जनता के साथ छलावा किया है। राज्य में पिछले चार सालों में किसी भी क्षेत्र में चाहे वो रोजगार हो, स्वास्थ्य सेवाएं हों, गांव का विकास हो या राज्य के किसान हों, कहीं भी काम नहीं हुआ। प्रदेश रसातल पहुंच गया। उन्होंने कहा कि बजट जैसे महत्वपूर्ण विधानसभा सत्र को बीच में रोककर तो भाजापा ने अपनी सत्ता लोलुपता को सार्वजनिक कर दिया।

जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला निर्णय
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने त्रिवेंद्र की जगह तीरथ को मुख्यमंत्री बनाये जाने के बीजीपी नेतृत्व के निर्णय को जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला निर्णय बताया। कहा कि भाजापा सरकार के चार साल के कार्यकाल की नाकामियां भी नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह जी के खाते में जाएंगी। उनका हिसाब भी भाजापा नेतृत्व को ही देना होगा।
चेहरा नया सोच वही, चार साल बर्बाद करने पर माफी मांगे बीजेपी
आज आम आदमी पार्टी के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष एसएस कलेर, प्रदेश उपाध्यक्ष कपरवान और वरिष्ठ नेता रविंद्र जुगरान ने आज पार्टी के प्रदेश कार्यालय में एक प्रेस वार्ता करते हुए उत्तराखंड बीजेपी पर जमकर हमला बोला। आप अध्यक्ष एसएस कलेर ने कहा कि बीजेपी का चरित्र प्रदेश की जनता के सामने अब जाहिर हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सीएम का चेहरा बदलने से कुछ हासिल नहीं होने वाला नही है। बीजेपी पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा,चेहरा नया लेकिन सोच वही है । उत्तराखंड की जनता के चार साल बर्बाद करने के लिए बीजेपी को उत्तराखंड की जनता से माफी मांगनी चाहिए।


आप अध्यक्ष ने कहा कि इस सरकार ने प्रदेश की जनता के 4 साल बर्बाद कर दिए हैं और अब बीजेपी आलाकमान अपनी नाकामी छुपाने के लिए सीएम का चेहरा बदल रहा है। चेहरा बदलने से इस सरकार की कमियां और नाकामी को जनता से नहीं छुपाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि, इन बीते 4 सालों में प्रदेश, विकास की गति से कोसों पीछे चला गया है। त्रिवेन्द्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री रहते हुए 4 साल तक सोते रहे। उन्होंने कभी भी प्रदेश के विकास पर ध्यान नहीं दिया। जिससे खुद उनकी पार्टी के विधायक और मंत्री नाराज थे और आखिरकार उन्हें अपनी कुर्सी से हाथ धोना ही पडा। इसके अलावा आप अध्यक्ष ने कहा,आप लगातार कहती आ रही थी ये जीरो वर्क सीएम है जिसपर बीजेपी आलाकमान ने उनको हटा कर आप की जीरो वर्क सीएम वाली बात पर मुहर लगा दी है । यही नहीं अब जिस चेहरे के साथ बीजेपी आई है उससे ये बात साबित होती बीजेपी का चेहरा नया है, लेकिन सोच वही है।
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