Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

October 4, 2022

कुंभ मेले में पुलिस और पीएसी की उपलब्धता को यूपी के सीएम से वार्ता करेंगे त्रिवेंद्र

1 min read
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आगामी कुम्भ मेले को सुरक्षित व व्यवस्थित ढंग से संपन्न करने के लिये प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आगामी कुम्भ मेले को सुरक्षित व व्यवस्थित ढंग से संपन्न करने के लिये प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कुंभ मेले के कार्यों के संबंध में सभी आवश्यक स्वीकृतियों, कार्यों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता आदि का प्रभावी क्रियान्वयन तत्परता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
कुम्भ मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता कर 1000 पुलिस कर्मियों तथा 20 कम्पनी पीएसी उपलब्ध कराने के लिए वार्ता करेंगे। कुम्भ मेले में यह व्यवस्था 5 से 15 अप्रैल की अवधि के लिये जरूरी होगी। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के दृष्टिगत सभी आवश्यक व्यवस्थायें यथा समय पर पूर्ण करने के भी निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी सम्बंधित विभागों से सभी स्थाई निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा अस्थाई निर्माण कार्यों को 15 मार्च तक पूर्ण करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कुम्भ कार्यों को पूर्ण करने में कोई कठिनाई न हो इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
बुधवार को सचिवालय में कुम्भ मेले की व्यव्स्थाओं के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कुम्भ के दृष्टिगत विभागीय स्तर पर सम्पादित होने वाली व्यवस्थाओं की एसओपी जारी करने के साथ ही डाक्यूमेन्टेशन पर ध्यान दिया जाय। उन्होंने इस सम्बन्ध में व्यापक जन जागरूकता के प्रसार पर भी बल दिया। इस अवसर पर सचिव नगर विकास शैलेश बगोली ने कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं के तहत किये जा रहे स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री अशोक कुमार, सचिव नीतेश झा, विशेष सचिव मुख्यमंत्री मधुकर धकाते, अपर सचिव इकबाल अहमद तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी हरिद्वार, आईजी मेला तथा मेला अधिष्ठान के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने की जल जीवन मिशन की समीक्षा
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में जल जीवन मिशन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पेयजल की शुद्धता के लिये प्रत्येक ब्लाक एवं महाविद्यालयों में वाटर टेस्टिंग लेब की स्थापना की कार्य योजना बनायी जाए। पेयजल जन स्वास्थ्य से जुड़ा मामला होने के कारण पेयजल की शुद्धता पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम में प्रदेश के जिन क्षेत्रों में पेयजल की कमी की आशंका रह सकती है, ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करने की कार्यवाही भी 15 मार्च तक पूर्ण करने को कहा है। साथ ही गर्मियों में उन क्षेत्रों के लिये पेयजल उपलब्ध कराने की कार्य योजना भी बनाई जाय। मुख्यमंत्री ने नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति हेतु अर्बन जल जीवन मिशन की भी कार्य योजना तैयार करने को कहा है।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल की उपलब्धता का लक्ष्य अविलम्ब पूर्ण किया जाय। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जो कनेक्शन दिये जा रहे हैं, उसमें निर्धारित मानकों का पालन करते हुए लक्ष्य निर्धारित किये जाय। मुख्यमंत्री ने जलजीवन मिशन के तहत जनपद हरिद्वार एवं उधमसिंह नगर में संचालित किये जा रहे कार्यों में तेजी लाने को कहा। मुख्यमंत्री ने इसके लिये लक्ष्यों के साथ नियमित मॉनीटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। योजना को समय पर पूर्ण करने के लिये यदि अतिरिक्त कार्मिकों की जरूरत हो तो इसकी भी व्यवस्था तत्काल किये जाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी भी इसकी नियमित निगरानी रखें। जल जीवन मिशन के तहत निर्धारित समयावधि में लक्ष्य पूर्ण हो, इसके लिए जल संस्थान एवं जल निगम द्वारा प्रत्येक दिन का टारगेट निर्धारित किया जाए। हर घर नल एवं शुद्ध जल के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी संबधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
सचिव नितेश झा ने बैठक में जानकारी दी कि जल जीवन मिशन के ग्रामीण क्षेत्र में 14.26 लाख कनेक्शन दिये जाने हैं। जिसमें से 3.96 लाख कनेक्शन इस वर्ष दिये गये हैं जबकि योजना के तहत अब तक 6.13 लाख कनेक्शन दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 176.41 करोड़ स्वीकृत करने के साथ ही 145.11 करोड़ व्यय किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 18691 स्कूलों में से 16559 स्कूलों तथा 16853 आंगनबाड़ी में से 13444 में नल से पानी उपलब्ध कराया जा चुका है। इस वर्ष चमोली, देहरादून एवं बागेश्वर में हर घर पानी पंहुचाने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में सौजन्या, प्रभारी सचिव आर राजेश कुमार, पेयजल निगम के मुख्य अभियन्ता वीके पाण्डे, जल संस्थान की महाप्रबंधक निलीमा गर्ग आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.