July 3, 2022

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भाजपा के मीडिया सेल के प्रभारी की पोस्ट को ट्विटर ने बताया मैनिपुलेटेड मीडिया

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ट्विटर पर राहुल गांधी की पोस्ट का जवाब देना भाजपा के आइटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय को भारी पड़ गया। उन्होंने जो पोस्ट डाली, उस पर ट्विटर ने मैनिपुलेटेड मीडिया करार दे दिया। वीडियो में एक पुलिसकर्मी एक बुजुर्ग को लाठी दिखाते नजर आ रहा है। मालवीय ने कुछ दिनों पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर चुटकी लेने के लिए एक क्लिप पोस्ट किया था, जिसमें उन्हें ‘सबसे बदनाम भारतीय विपक्षी नेताओं में से एक’ कहा गया था।
28 नवंबर को राहुल गांधी ने एक तस्वीर शेयर की थी। इसमें किसान पर पुलिस कर्मी ने लाठी उठाई है। तब राहुल गांधी ने ट्विट किया था कि-बड़ी ही दुखद फोटो है। हमारा नारा तो ‘जय जवान जय किसान’ का था, लेकिन आज PM मोदी के अहंकार ने जवान को किसान के खिलाफ खड़ा कर दिया। यह बहुत ख़तरनाक है। उन्होंने आगे ट्विट किया कि PM को याद रखना चाहिए था जब-जब अहंकार सच्चाई से टकराता है, पराजित होता है। सच्चाई की लड़ाई लड़ रहे किसानों को दुनिया की कोई सरकार नहीं रोक सकती। मोदी सरकार को किसानों की माँगें माननी ही होंगी और काले कानून वापस लेने होंगे। ये तो बस शुरुआत है!
मालवीय ने दिया जवाब
राहुल गांधी के ट्विट का जवाब मालवीय ने एक वीडियो के जरिये दिया। इसमें पुलिस कर्मी को लाठी उठाते दिखाया गया, लेकिन मारते हुए नहीं। इस ट्विट को मालवीय ने ‘प्रोपगैंडा बनाम रियलिटी’ का नाम देकर एक वीडियो शेयर किया और लिखा कि-राहुल गांधी लंबे समय बाद के सबसे बड़े अविश्वसनीय विपक्षी नेता हैं। वीडियो में देखा गया कि पुलिसकर्मी ने अपनी लाठी उठाई है, लेकिन किसान पर वो लाठी नहीं गिरी है। साथ ही ट्विट किया कि -राहुल गांधी को सबसे बदनाम विपक्षी नेता कहा जाना चाहिए, जिन्हें भारत ने लंबे समय से देखा है।
ट्विटर ने लगाया मैनिपुलेट मीडिया का टेग
इस पर ट्विटर की सिंथेटिक और मैनिपुलेटेड मीडिया नीति के अनुसार, ट्विटर ने अपने मंच पर पोस्ट की गई सामग्री को रेड-फ्लैग कर देता है। यदि वे भ्रामक होती है या तोड़-मोरड़कर पेश की गई होती है। ट्विटर ने उनके इस ट्वीट को गलत और अधूरी जानकारी देने वाला बताया है। साथ ही ट्विट पर मेनिपलूटेड मीडिया का टेग लगा दिया। ऐसा पहली बार हुआ कि भारत में किसी ट्वीट पर ट्विटर ने मेनिपलूटेड मीडिया का टैग लगाया हो। अमेरिका और दूसरे देशों में ट्वीटर ने ऐसा कर चुकी है।
हुई किरकिरी, लोग कर रहे ट्रोल
हालांकि, घटना की और क्लिप्स से पता चला कि किसानों को अर्धसैनिक बलों द्वारा मारा गया था, जब वे दिल्ली-हरियाणा सीमा पर आंदोलन कर रहे थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमित मालवीय ने कथित तौर पर घटना का एक काटा हुआ और अधूरा वीडियो पोस्ट किया था। जिसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी मालवीय को ट्रोल कर रहें थे। इससे भाजपा के आइटी सेल का झूठ खुलकर लोगों के सामने आ गया। साथ ही भाजपा की खूब किरकिरी हो रही है।

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