July 2, 2022

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एमडीएच के विज्ञापन में दिखने वाले मसाला कंपनी के मालिक ‘महाशय’ धर्मपाल गुलाटी का निधन, कोरोना से भी हुए थे संक्रमित

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मसाला किंग के नाम से मशहूर एमडीएच के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी का 98 साल की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया। धर्मपाल गुलाटी ने दिल्ली के माता चंदन देवी हॉस्पिटल में 3 दिसंबर को सुबह 5.38 बजे आखिरी सांस ली। बताया जा रहा है कि वह पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। हालांकि उससे ठीक होने के बाद गुरुवार सुबह उन्हें दिल का दौरा पड़ा। जिसके बाद उनका निधन हो गया। व्यापार और उद्योग में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए पिछले साल उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मभूषण से नवाजा था।
पाकिस्तान से आए थे भारत
महाशय धर्मपाल गुलाटी का जन्म 27 मार्च 1923 में पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था और यहीं से उनके व्यवसाय की नीव पड़ी थी। कंपनी की शुरुआत एक छोटी से दुकान से हुई। जिसे उनके पिता ने विभाजन से पहले शुरू किया था। हालांकि 1947 में देश के विभाजन के समय उनका परिवार दिल्ली आ गया था।
तांगा भी चलाया, फिर किया संघर्ष
दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने एक तांगा खरीदा। इसमें वह कनॉट प्लेस और करोल बाग के बीच यात्रियों को लाने और ले जाने का काम करते थे। गरीबी से तंग आकर उन्होंने अपना तांगा बेच दिया। 1953 में चांदनी चौक में एक दुकान किराए पर लिया। उन्होंने महाशिया दी हट्टी (MDH) नाम का दुकान खोली और मसालों का व्यापार का व्यापार शुरू किया। जैसे-जैसे लोगों को पता चला कि सियालकोट की देगी मिर्च वाले अब दिल्ली आ गए हैं। उनका कारोबार तेजी से फैलता चला गया.
खुद करते थे कंपनी के ऐड
इस दुकान से मसाले का कारोबार धीरे-धीरे इतना फैलता गया कि आज उनकी भारत और दुबई में मसाले की 18 फैक्ट्रियां हैं। इन फैक्ट्रियों में तैयार एमडीएच मसाले दुनियाभर में पहुंचते हैं। एमडीएच के 62 प्रॉडक्ट्स हैं। कंपनी उत्तरी भारत के 80 प्रतिशत बाजार पर कब्जे का दावा करती है। धरमपाल गुलाटी अपने उत्पादों का ऐड खुद ही करते थे। अक्सर आपने उन्हें टीवी पर अपने मसालों के बारे में बताते देखा होगा। उन्हें दुनिया का सबसे उम्रदराज ऐड स्टार माना जाता था।
पांचवीं पढ़े हैं मसाला किंग, समाज सेवा में रहे आगे
धरमपाल गुलाटी कक्षा पांचवीं तक पढ़े थे। आगे की पढ़ाई के लिए वह स्कूल नहीं गए। उन्होंने भले ही किताबी शिक्षा अधिक ना ली हो, लेकिन कारोबार में बड़े-बड़े दिग्गज उनका लोहा मानते थे। यूरोमॉनिटर के मुताबिक, धरमपाल गुलाटी एफएमसीजी सेक्टर के सबसे ज्यादा कमाई वाले सीईओ थे। सूत्रों ने बताया कि 2018 में 25 करोड़ रुपये इन-हैंड सैलरी मिली थी। गुलाटी अपनी सैलरी का करीब 90 फीसदी हिस्सा दान कर देते थे। वह 20 स्कूल और 1 हॉस्पिटल भी चला रहे थे।

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