July 2, 2022

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कोरोना वायरसः उत्तराखंड में बड़ी सख्ती, वीआइपी को छूट, हॉल में 100 से अधिक नहीं हो सकेंगे एकत्र

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उत्तराखंड सरकार ने कोरोना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन के बाद अपनी एसओपी भी जारी कर दी। इसमें सख्ती की गई। वहीं, मंत्री, विधायक और वीआइपी को क्वारंटीन की शर्तों से छूट दी गई। यानी आमजन को कोरोना के नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा। अन्यथा उनके खिलाफ आपदा कानून उल्लंघन में मुकदमा दर्ज होगा। या फिर जुर्माना लगाया जाएगा। इस संबंध में आज मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने गाइडलाइन जारी कर दी है।
सरकार द्वारा जारी की गई नई एसओपी में सिनेमा हॉल को 50 फीसद दर्शकों के साथ खोलने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा स्विमिंग पूल को सिर्फ खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए खोला जा सकता है। इसके अलावा कमर्शियल सभागार को बिजनेस मीटिंग के लिए खोलने के निर्देश दिए गए हैं। इन आयोजनों के लिए परमिशन पूर्व की भांति प्रशासन से दी जाएगी।
किसी भी तरह के धार्मिक, खेल या अन्य किसी तरह के आयोजन हॉल में होते हैं तो क्षमता का 50 फीसद हिस्सा या अधिकतम 100 लोगों को ही अनुमति है। वेडिंग प्वाइंट या हाल में 100 से ज्यादा लोग नहीं जमा हो सकेंगे। इससे अब शादियों में दो सौ लोगों के एकत्र होने की पहले की छूट समाप्त हो जाएगी। आदे में कहा गया है कि दूसरे राज्यों से आने वालों का स्मार्ट सिटी पोर्टल में रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा। आने वाले सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग संबंधित जिलों में होगी। जिला प्रशासन ही इसके लिए उत्तरदायी होगा। राज्य की सीमा के चेकपोस्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हवाई अड्डे पर इसे लागू किया जाएगा।
सात दिन से कम समय से लिए जरूरी या आफिस के कार्यों के लिए राज्य में आने वालों को क्वारंटीन से छूट मिलेगी। इससे अधिक दिन के लिए आने वालों को होम क्वारंटीन रहना होगा। मंत्री, सरकारी अधिकारी, उनके साथ के स्टाफ, एडवोकेट जनरल, एमपी, एमएलए, न्यायाधीश को क्वारंटीन की शर्त से मुक्त किया गया।
कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन को हर तरह के कदम उठाने का अधिकार दिया गया है। जिला प्रशासन लॉकडाउन का निर्णय नहीं ले सकेंगे। जरूरी हुआ तो शासन से अनुमति के बाद ही ऐसा संभव होगा। आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है। चाहे राज्य के भीतर या बाहर हो। सिर्फ रजिस्ट्रेशन जरूरी है। जिला प्रशासन को मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर हाथ धोने के नियम का सख्ती से पालन कराना होगा। पालन न होने की स्थिति में आपदा कानून उल्लंघन में मुकदमा व जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

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