June 30, 2022

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सड़क पर किसी भिखारी या गरीब को पीला मास्क लगाए देखकर खुशी से उछल जाता है इनका दिल, जानिए पीला मास्क का रहस्य

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सड़क पर जब भी किसी दिशा में उनकी कार गुजरती है और कहीं कोई भिखारी या अन्य गरीब पीला मास्क लगाए नजर आता है तो उनका दिल खुशी से उछलने लगता है। एक अलग तरह की आत्मीय सुख की उन्हें अनुभूति होती है। ऐसा सुख उसी को मिलता है, जिसने उसके लिए कुछ किया हो। यानी दीन, असहाय, गरीब की सेवा। सेवा करने वाले ऐसे लोगों का तो ये मानना होता है कि उन्होंने सेवा करके उस असहाय का कोई उपकार नहीं किया, बल्कि उस व्यक्ति ने सेवा मौका देकर उन पर उपकार किया। तभी तो वह ऐसे आत्मीय सुख की अनुभूति कर रहे हैं। अब हम ज्यादा उलझाने की बजाय सीधे मुद्दे पर आते हैं और चर्चा करते हैं दून के समाजसेवी चंद्रगुप्त विक्रम की।
चंद्रगुप्त विक्रम उत्तराखंड में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, लेकिन उत्तराखंड से बाहर जो भी व्यक्ति उनके कार्यों के बारे में जाने तो पहले उनके बारे में भी जान ले। चंद्रगुप्त विक्रम देहरादून के एक सफल बिजनेसमैन हैं। उनकी देहरादून के चकराता रोड और राजपुर रोड पर फर्नीचर की दो दुकान हैं।


कोविड काल से लगातार कर रहे सेवा
68 वर्षीय चंद्रगुप्त विक्रम जब भी घर से निकलते हैं तो वह कार में 50 मास्क, 50 पैकेट बिस्कुट, कुछ कंबल और पानी की बोतलें रखना नहीं भूलते हैं। उन्होंने जो मास्क बनवाए हैं, उनका रंग पीला है। रास्ते में बगैर मास्क के भीख मांगते बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, असहाय, गरीब, रिक्शा चालक जो भी दिखता है, कार रोककर वह उसे मास्क पहनाते हैं। साथ ही कोरोना के नियम का पाठ भी पढ़ाते हैं। जरूरत मंद को पानी की बोतल देते हैं। गरीब को कंबल भी ओढ़ाते हैं। तभी तो जब भी उन्हें पीले रंग के मास्क में कोई दिखता है तो खुशी से उनका दिल भी उछलने लगता है। चंद्रगुप्त विक्रम बताते हैं कि कोरोनाकाल से लगातार वह ऐसे लोगों की मदद कर रहे हैं।


मसूरी निवासी, अपने दम पर खड़ा किया बिसनेस
चंद्रगुप्त विक्रम मसूरी के लंढौर क्षेत्र के मूल निवासी हैं। उनके दादा वर्ष 1920 में मसूरी में बस गए थे। बताते हैं कि जो दसवीं पास हो तब उसे बैंक में नौकरी मिल जाती थी। दादा ने भी एसबीआइ में नौकरी की। जब वह नवीं कक्षा में थे, तो पढ़ने के लिए देहरादून आ गए। यहां बीएससी, एलएलबी करने के बाद उन्होंने चकराता रोड पर अपनी फर्नीचर की दुकान खोली। करीब 15 साल पहले राजपुर रोड पर भी एक और दुकान खोली। वर्तमान में वह देहरादून की राजपुर रोड स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में रहते हैं।


विभिन्न संगठनों में रहे पदाधिकारी
चंद्रगुप्त विक्रम 1994 से लेकर दून उद्योग व्यापार मंडल के साथ ही आल इंडिया व्यापार मंडल के महामंत्री भी रहे। नागरिक सुरक्षा संगठन में उन्होंने 21 साल तक सेवा की। वह संगठन में लगातार मुख्य वार्डन बने रहे। वर्ष 2015 में उन्होंने संगठन से सेवानिवृत्ति ले ली थी। वर्तमान में चंद्रगुप्त विक्रम भारत विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हैं। साथ ही वह आरएसएस के भाग संघचालक हैं।

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