July 2, 2022

Lok Saakshya

Jan Jan Ki Awaj

अभी तक गानों में होता था जिक्र, अब साहसिक पर्यटन में मिलेगी पहचान, शुरू हो रहा यहां महोत्सव

1 min read

राज्य गठन के 20 साल बाद उत्तराखंड के पौड़ी जिले के सतपुली को साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलने जा रही है। प्रदेश सरकार ने नयार घाटी में पैरामोटर्स, पैराग्लाइडिंग के साथ ही नयार नदी में कयाकिग व राफ्टिंग शुरू कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्थल चयनित किए जा चुके हैं। साथ ही स्थानीय बेरोजगार युवाओं को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पैरामोटर्स व पैरा ग्लाइडिंग के लिए नयार घाटी में टेक ऑफ व लैंडिग स्थल चयनित कर लिए गए हैं। माउंटेन बाइकिंग भी मंगवा ली गई हैं। जल्द ही माउंटेन बाइकिंग के ट्रैक भी चयनित कर दिए जाएंगे। क्षेत्र में पर्यटक स्थलों का भी विकास हो। इसके लिए द्वारीखाल ब्लॉक में कीर्तिखाल-भैरवगढ़ी, पोखड़ा ब्लॉक में झलपाड़ी-दीवा मंदिर और जिला मुख्यालय पौड़ी में सर्किट हाउस से क्यूंकालेश्वर मंदिर के मध्य रोप-वे लगाने के लिए सर्वे कार्य भी किया जा चुका है।
19 से होगा मेगा एडवेंचर फेस्टिवल
नयार घाटी में साहसिक पर्यटन को बढ़ाने की कवायद इन दिनों जोरों पर है। जिला प्रशासन की ओर से पर्यटकों की ध्यान नयार घाटी की ओर खींचने के लिए 19 नवंबर से तीन-दिवसीय मेगा एडवेंचर फेस्टिवल शुरू हो रहा है। इस फेस्टिवल में जहां साहसिक पर्यटन की विभिन्न गतिविधियों को अंजाम दिया जाएगा। वहीं बाहरी राज्यों से भी पर्यटकों को आमंत्रित गया है।
पौड़ी की हृदयस्थली है सतपुली
जनपद पौड़ी की हृदयस्थली है नयार नदी के तट पर बसा सतपुली कस्बा। इस कस्बे के अस्तित्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक समय ऐसा था गढ़वाली गीतों में सतपुली का नाम अवश्य शामिल होता था। वक्त बदला और वक्त के साथ दौड़ते विकास के पहिए ने इस कस्बे को हाशिए पर ला खड़ा किया। पहचान को तरस रहे सतपुली कस्बे के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई 13 डिस्ट्रिक-13 डेस्टीनेशन योजना उम्मीदों की नई किरण लेकर आई है। योजना के तहत जनपद पौड़ी में नयार घाटी को साहसिक पर्यटन का हब बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।


एंकलिंग का उठाएंगे लुत्फ
पर्यटक नयार घाटी में जहां साहसिक पर्यटन का लुत्फ उठाएंगे। वहीं मत्स्य विभाग की ओर से नयार नदी में एंकलिंग शुरू करवा दी गई है। इसके लिए विभाग की ओर से बाकायदा क्षेत्रीय समूहों को लाइसेंस जारी किए गए हैं।
गढ़वाल की संस्कृति से रूबरू कराएंगे ‘बासा’
जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की पहल पर जिले में ‘बासा’ होम स्टे शुरू किए गए हैं। खिर्सू व सतपुली में बने इन होम स्टे कॉटेज में जहां एक ओर पर्यटक गढ़वाल की संस्कृति से रूबरू होगा, वहीं उसे गढ़वाली पारंपरिक भोजन भी परोसा जाएगा।
पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं

पौड़ी के डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल के मुताबिक नयार घाटी के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। प्रयास है कि जिले में बेहतर पर्यटक स्थल विकसित किए जाएं, ताकि पर्यटक अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे और क्षेत्र को इसका अधिक लाभ हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You cannot copy content of this page