July 2, 2022

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महिला और दलित उत्पीड़न के विरोध में कांग्रेस ने दिया धरना, नहीं दिखी शारीरिक दूरी

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प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार हमलावर हो रही प्रदेश कांग्रेस ने आज गांधी पार्क के समक्ष धरना दिया। साथ ही केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों को जमकर कोसा। इस दौरान कई कार्यकर्तओं के मास्क मुंह व नाक से नीचे सरके हुए थे। साथ ही शारीरिक दूरी का नियम भी हवा हवाई रहा।
देशभर में महिलाओं एवं दलितों पर हो रहे अत्याचार एवं बलात्कार की घटनाओं के विरोध में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रदेश मुख्यालय के साथ ही जिला स्तर पर महिला एवं दलित उत्पीडन विरोधी दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम के तहत देहरादून के गांधी पार्क में प्रातः 1030 बजे से प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में धरना दिया गया।
इस दौरन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा है कि केंद्र और प्रदेश सरकार की दमनकारी नीतियां आम आदमी के शोषण का कारण हैं। उन्‍होंने केंद्र व राज्य सरकारों पर दलितों की अनदेखी का आरोप लगाया। महिला व दलित उत्पीड़न के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्त्‍ताओं के गांधी पार्क में धरना के दौरान उन्‍होंने यह बात कही।
उन्‍होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्‍ति समय पर न मिलने के कारण छात्रों को शिक्षण संस्थानों व विद्यालयों से निकाला जा रहा है। इस कारण छात्रों का भविष्य भी अंधकारमय है। जिसकी जिम्मेदारी विभाग की है। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग से जारी की जाने वाली वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन आदि दी जाने वाली पेंशन पात्र को समय पर न मिलने कि शिकायतें आए दिन प्राप्त हो रहीं हैं, इसकी तत्काल समीक्षा करते हुए इसमें शीघ्र सुधार हो।
उन्होंने कहा कि विगत काफी समय से अनेक कॉलेज छात्रवृत्ति घोटालें में लिप्त पाए गये हैं, उनकी मान्यता निरस्त की जाए। उन्होंने कहा कि भाट, सिख जाति जो इस राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आती है अन्य राज्य कि भांति उत्तराखंड राज्य में भी इन्हे अनुसूचित जाति वर्ग में सम्मलित किया जाए।

उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश के हाथरस की सामूहिक बलात्कार व हत्या की घटना में जिस प्रकार की भूमिका सरकार की मशीनरी की रही, उससे यह साबित हो गया कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इशारे पर पहले सरकारी तंत्र ने घटना को छुपाने के प्रयास किया। जब वह सार्वजनिक हो गयी तो उसे जातीय स्वरूप देने की पूरी कोशिश की ।
प्रीतम सिंह ने कहा कि ऐसी एक नहीं सैकड़ों घटनाएं उत्तरप्रदेश में पिछले साड़े तीन साल के योगी मोदी राज में घटित हुई हैं। हरियाणा, मध्यप्रदेश, कर्नाटका व उत्तराखंड में ऐसी घटनाओं की सैकड़ों मिसाल हैं, जिनमें दलितों व महिलाओं पर अत्याचार करने वालों को सरकार के लोगों को संकरक्षण प्राप्त रहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश के वंचितों शोषितों दलितों व महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई है और जब भी इन वर्गों के खिलाफ कोई भी ताकत अत्याचार करेगी तब कांग्रेस उन अत्याचारियों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करेगी व वंचित समाज के साथ खड़ी होगी।
धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि यूपी के हाथरस में दलित युवती के सामूहिक बलात्कार व निर्मम हत्या के खिलाफ सबसे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी व श्रीमती प्रियंका गांधी ने आवाज उठाई व पीड़िता के परिवार के पास जाने के लिए जो संघर्ष उन्होंने किया, उससे पूरे देश का ध्यान इस घटना की ओर आकर्षित हुए। देश का मीडिया जो सुशांत कंगना और दीपिका पादुकोण पर उलझा हुआ था, उसे भी इस मुद्दे को प्रमुखता देनी पड़ी व योगी सरकार का असली चेहरा बेनकाब हुआ। पूर्व मंत्री श्री राम सिंह सैनी ने कहा कि आज जब देश में अनेक समस्याओं से जनता परेशान है। बीजेपी सरकारों को लोगों को जातीय आधार पर बांटने का काम कर रही हैं।
पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि कांग्रेस हमेशा शोषित दलित समाज के हक़ों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार ने मोदी सरकार व अनेक राज्यों में शाशन कर रही बीजेपी सरकारों को महिला व दलित विरोधी करार देते हुए इनके विरुद्ध व्यापक आंदोलन चलाने का आह्वाहन किया।
धरने को पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, हीरा सिंह बिष्ट, विधायक राम यस सिंह, आर्येंद्र शर्मा, संगठन महामंत्री, विजय सारस्वत प्रदेश महामंत्री संजय पालीवाल, राजेन्द्र शाह, पूर्व प्रवक्ता श्रीमती गरिमा दसोनी, पछवादून के जिला अध्यक्ष संजय किशोर, परवा दून के जिला अध्यक्ष गौरव चौधरी, नवीन जोशी,जयेंद्र रमोला, हिमांशु बिजलवान, कमलेश रमन, सूरत सिंह नेगी, आजाद अली, अकील अहमद,उर्मिला थापा,देवेन्द्र सिंह ने संबोधित किया ।
इस अवसर हरी कृष्ण भट्ट,बुध देव सेमवाल, महेश जोशी,रोबिन पंवार, राजेश चमोली, नवीन पयाल, गिरीश पुन्नेडा, सुलेमान,अमरजीत सिंह, विशाल मौर्य, आंनद सोनकर, आंनद त्यागी, सविता सोनकर, विजय प्रताप मल, राजेश शर्मा, नीनू सहगल, मंजू तोमर, मुकेश सोनकर, दीप वोरा, डा अरविंद चौधरी, पवन खरोला, मुकेश रेगमी, रिपु दमन सिंह, अनीता निराला, पूनम कंडारी, संतोष सैनी, जितेंद्र बड़थ्वाल, अजय रावत, प्रियांश छाबड़ा, अमनदीप बतरा, आदर्श सूद आदि उपस्थिति थे।

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