July 3, 2022

Lok Saakshya

Jan Jan Ki Awaj

दसवीं और 12 वीं के लिए खुले स्कूल, टीचर पहुंचे, छात्र नदारद

1 min read

उत्तराखंड में आज दो नवंबर से 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए कोविड-19 की शर्तों के साथ स्कूल खोल दिए गए। पहले दिन अधिकांश स्कूलों में शिक्षक तो पहुंच गए, लेकिन छात्रों का टोटा रहा। इससे साफ होता है कि अभिभावकों में कोरोना का खौफ अभी गया नहीं है।
करीब सात माह बाद प्रदेश भर में स्कूल खोले गए। स्कूल खोलने से पहले सरकार ने अभिभावकों से भी बात की। साथ ही दावा किया गया कि साठ फीसद अभिभावक स्कूल खोलने के पक्ष में हैं। यह बात आज पहले दिन देखने को नहीं मिली। अधिकांश सरकारी और निजी स्कूलों में अंगुली में गिनती भर के बच्चे ही पहुंचे। कई स्कूलों में तो एक भी बच्चा नहीं पहुंचा। पहले चरण में बोर्ड परीक्षाओं वाले 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को स्कूल बुलाया गया है। स्कूल खोलने को लेकर शासन की ओर से एसओपी जारी की गई है। जिसका सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा।
204 में से एक मात्र छात्रा पहुंची स्कूल
करीब सात महीने बाद सोमवार को खुले स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बहुत कम देखी गई। पथरीबाग स्थित श्री गुरुराम राय पब्लिक स्कूल बॉम्बे बाग में 10वीं व 12वीं के 204 छात्र- छात्राओं में से केवल एक छात्रा स्कूल पहुचीं। स्कूल में 114 छात्र 10वीं व 90 छात्र-छत्राएं 12वीं बोर्ड परीक्षा के हैं। इनमें से केवल एक 12वीं की छात्रा के अभिभावक ने लिखित में बेटी के स्कूल आने की सहमति दी है। वहीं, सहस्त्रधारा रोड स्थित कई स्कूलों में भी छात्रों का टोटा रहा। शिक्षक और स्टाफ स्कूल पहुंचकर छात्रों का इंतजार करते रहे। कुछ देर इंतजार के बाद आनलाइन क्लास लेनी शुरू की गई।

न्यू होली लाइफ पब्लिक स्कूल बड़कोट उत्तरकाशी में दसवीं के 28 छात्रों में सिर्फ नौ ही स्कूल पहुंचे। इसी तरह अन्य स्कूलों का भी हाल है। उत्तरकाशी के बड़कोट स्थित सुमन ग्रामर इंटर कालेज में दसवीं के कुल छात्र 70 हैं। इनमें से मात्र सात छात्र ही स्कूल पहुंचे।
वहीं, गत दिवस मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी स्पष्ट कह चुके हैं कि कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। इसे देखते हुए स्कूलों में कोरोना संक्रमण रोकने के सभी उपायों का सख्ती से पालन करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी कक्षाओं में शारीरिक दूरी नियम का पालन भी अनिवार्य है।
स्कूल में इन बातों का रखना होगा ख्याल
-किसी भी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्रा को बिना मास्क स्कूल में एंट्री नहीं मिलेगी।
-विद्यालय प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही प्रवेश मिलेगा।
-छात्र-छात्राओं को अभिभावक के सहमति पत्र भी साथ लाना होगा।
-स्कूल परिसर में सुबह एवं शाम दोनों समय सैनिटाइजेशन करवाना होगा।
-प्रबंधन को बाथरूम, कक्षा-कक्ष और विद्यालय परिसर को साफ सुथरा रखना होगा।
-स्कूलों में प्रार्थना सभा, खेल आयोजन या अन्य सामूहिक आयोजन नहीं होंगे।
-आवसीय स्कूलों में कोरोना निगेटिव रिपोर्ट साथ लानी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You cannot copy content of this page