July 1, 2022

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मृत पति की बीमा राशि की रकम दिलाने का झांसा देकर महिला से ठगे 36 लाख, पुलिस ने पकड़े तीन शातिर

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लोगों को ठगने के लिए शातिर हर दिन नए तरीके तलाशते हैं और लोग भी झांसे में आ जाते हैं। ज्यादातर ठगी का शिकार होने वाले लोगों को पैसों का लालच दिया जाता है। कहावत है कि जब लालच आता है तो व्यक्ति अपने पल्ले की रकम भी गवां बैठता है। ऐसी ही एक घटना देहरादून में हुई। शातिरों ने एक ऐसी महिला को ठगी का शिकार बनाया, जिसके पति की मौत हो चुकी थी।
देहरादून की डालनवाला कोतवाली पुलिस के मुताबिक ईसी रोड निवासी महिला उमा कुमार पत्नी स्व. चंद्र प्रकाश कुमार ने 12 अगस्त 2020 को कोतवाली में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला के मुताबिक वर्ष 2018 में उनके पति की मृत्यू हो गयी थी। अगस्त 2019 में उनके मोबाइल पर एक अज्ञात मोबाइल नंबर से उन्हें फोन आया। फोन करने वाले ने खुद का नाम कृष्णानंद मंडल बताया।
उसने खुद को फंड क्लेयरेन्स डिपार्टमेन्ट दिल्ली का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके पति के नाम 64,90000 रुपये की बीमा पालिसी है। इसके बाद से अलग-अलग नंबरों से अन्य व्यक्तियों की ओर से भी कंपनी का कर्मचारी बताते हुए महिला को फोन आते रहे।
जालसाजों ने उमा कुमार को पालिसी की धनराशि लेने के लिए विधिक प्रक्रिया को पूर्ण करने को कहा। इसकी एवज में रकम मांगी गई। इस पर महिला से अलग-अलग खातों में लगभग 36 लाख रुपये ले लिए। महिला की तहरीर पर थाना डालनवाला में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
इस मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी डालनवाला के पर्यवेक्षण में साइबर सेल तथा थाना डालनवाला की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने जिन खातों में पैसा जमा कराया गया था, उनके संबंध में जानकारी जुटाई। साथ ही जालसाजों के मोबाइल नंबर भी ट्रेस करने शुरू किए। उक्त सभी नम्बर फर्जी आईडी के मिले।
पुलिस के मुताबिक इन नंबरों में एक अंकुर पाठक उर्फ बबलू पुत्र महेश पाठक निवासी ग्राम कुमरपुर, थाना पहासु जिला बुलंदशहर उत्तरप्रदेश के नाम पर मिला। जिन खातों में महिला ने रकम डाली वो भी बुलंदशहर के उसी क्षेत्र के पाए गए। इस पर तत्काल पुलिस टीम को जनपद बुलंदशहर रवाना किया गया। दो बैंक खाते प्रशांत शर्मा तथा हरवीर सिंह के नाम पर मिले। जिनका पता तस्दीक भी सही मिला। पुलिस के मुताबिक अंकुर पाठक नाम का व्यक्ति अपने अन्य साथियो प्रशांत शर्मा व हरवीर सिंह के साथ मिलकर इस तरह की घटनाओं को अंजाम देता रहा था। उनके इस काम में कुछ अन्य लोग भी इनके साथ शामिल हैं। पुलिस टीम ने कल शाम हरवीर सिंह तथा प्रशांत शर्मा को बुलंदशहर के खुर्जा से गिरफ्तार किया। उससे मिली जानकारी के आधार पर रात को ही अंकुर पाठक उर्फ बबलू को नोएडा से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के कब्जे से ठगी गयी धनराशि, मोबाइल फोन व अन्य दस्तावेज प्राप्त हुए।
आरोपियों के नाम
1: अंकुर पाठक उर्फ बबलू (25 वर्ष) पुत्र महेश पाठक, निवासी ग्राम कुमरपुर, थाना पहासु जिला बुलन्दशहर उत्तर प्रदेश।
2: प्रशान्त शर्मा (22 वर्ष) पुत्र अवनीश कुमार शर्मा निवासी उपरोक्त।
3: हरवीर सिंह (50 वर्ष) पुत्र स्व. रिसाल सिंह निवासी ग्राम पीतमपुर पो0/थाना पहासु जिला बुलंदशहर उत्तर प्रदेश।
काल सेंटर में काम करते हुए आया ऐसी ठगी का आइडिया
पूछताछ के दौरान अंकुर पाठक उर्फ बबलू ने पुलिस को बताया गया कि वह पूर्व में नोएडा स्थित एक काल सेंटर में कार्य करता था। इस दौरान लोगो को काल कर उनकी पालिसी व अन्य मामलों के सम्बन्ध मे उन्हें जानकारियां दी जाती थी। काल सेंटर से अच्छी आमदनी न होने के कारण दो वर्ष पूर्व उसने काम छोड़ दिया। काल सेंटर से काम छोडते समय उसने वहां से कई लोगों का डाटा अपने पास रख लिया गया था।
उसे आइडिया आया कि उपहार या मोटी का राशि का प्रलोभन देकर लोगों को झांसे में लिया जा सकता है। इस काम के लिए उसने अपने गांव ही साथी प्रशांत शर्मा को योजना में शामिल कर लिया।
ठगी की राशि को बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए उन्हें बैंक खातो की आवश्यकता थी। इसलिये गांव व आस-पास के क्षेत्र के बेरोजगार व्यक्तियों को कमीशन का झांसा देकर अपने साथ शामिल कर लिया। योजना के अनुसार प्रशांत और अंकुर पाठक लोगों को फोन कर जाल में फांसते। रकम ट्रांसफर होने के बाद हरवीर व अन्य लोग बैंक में जमा राशि को निकालते। लोगों को कमीशन देने के बाद तीनों राशि को बांट लेते थे।
कनवर्टर के जरिये महिला की आवाज में करते थे बात
शातिरों ने पुलिस को बताया कि लोगो को फोन करने के लिए उन्होंने लावा कंपनी का ऐसा फोन इस्तेमाल किया, जिसमें वाइस कन्वर्टर के माध्यम से महिला की आवाज बदलकर लोगो को फोन किया जाता था। महिला की आवाज सुनकर लोग आसानी से झांसे में आ जाते। बात करने के लिये फर्जी आईडी से प्राप्त सिमों का इस्तेमाल किया जाता था। देहरादून में जिस महिला से ठगी की गई, उसका नम्बर भी उक्त काल सेंटर के माध्यम से ही प्राप्त हुआ था।
दूर तक फैला है जाल
अंकुर पाठक ने बताया कि काल सेंटर से मिले नंबर उसने पश्चिम बंगाल, राजस्थान में भी इसी तरह की ठगी करने वालों को भी दिए। ऐसे में पुलिस अब अन्य राज्यों में भी इस गिरोह की सक्रियता और उससे जुड़े लोगों की जांच में जुट गई है। पिछले दो वर्षों में बीमा पालिसी व अन्य प्रलोभनों के माध्यम से ये शातिर लगभग 25 से 30 लोगो ंके साथ ठगी की घटनाओ की बात स्वीकार कर चुके हैं।
पुलिस ने बरामद की राशि और मोबाइल
1: अभियुक्त अंकुर पाठक से- 01 लाख 10 हजार रुपये नगद।
2: अभियुक्त प्रशान्त शर्मा से-आधार कार्ड। एक मोबाइल फोन सैमसंग। 01 लाख 70 हजार रुपये नगद।
उक्त के अतिरिक्त पुलिस ने उक्त अभियोग से संबंधित एक अन्य खाते, जिसमें 1,90,000/- की धनराशि है, को फ्रीज किया गया है।

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